संक्रांति 2044

2044 में नई दिल्ली के लिए संक्रांति की सभी 12 तारीखें, तिथि के प्रारंभ और समाप्ति के सटीक समय के साथ।

आगामी संक्रांति: मकर संक्रांति — शुक्रवार, 15 जन॰ 2044

तारीखव्रत/पर्वसूर्य का प्रवेश
शुक्रवार, 15 जन॰मकर संक्रांति15 जन॰ 2044, 05:50
शनिवार, 13 फ़र॰कुंभ संक्रांति13 फ़र॰ 2044, 18:47
सोमवार, 14 मार्चमीन संक्रांति14 मार्च 2044, 15:36
गुरुवार, 14 अप्रैलमेष संक्रांति14 अप्रैल 2044, 00:04
शनिवार, 14 मईवृषभ संक्रांति14 मई 2044, 20:57
बुधवार, 15 जूनमिथुन संक्रांति15 जून 2044, 03:33
शनिवार, 16 जुल॰कर्क संक्रांति16 जुल॰ 2044, 14:26
मंगलवार, 16 अग॰सिंह संक्रांति16 अग॰ 2044, 22:51
शुक्रवार, 16 सित॰कन्या संक्रांति16 सित॰ 2044, 22:47
सोमवार, 17 अक्टू॰तुला संक्रांति17 अक्टू॰ 2044, 10:46
बुधवार, 16 नव॰वृश्चिक संक्रांति16 नव॰ 2044, 10:37
शुक्रवार, 16 दिस॰धनु संक्रांति16 दिस॰ 2044, 01:18

तारीखें नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। स्थानीय परंपराएं — स्मार्त और वैष्णव एकादशी, प्रदोष काल में प्रदोष, चंद्रोदय के अनुसार चतुर्थी — व्रत को एक दिन आगे-पीछे कर सकती हैं, इसलिए ऊपर दिए तिथि समय देखें या अपने कुल पुरोहित से पूछें।

संक्रांति के बारे में

संक्रांति वह दिन है जब सूर्य एक नई निरयन राशि में प्रवेश करता है — साल में बारह बार। मकर संक्रांति (मकर राशि में) और मेष संक्रांति (कई क्षेत्रों में सौर नववर्ष) प्रमुख पर्व हैं।

व्रत कैसे रखा जाता है

लोग नदियों में स्नान करते हैं और दान देते हैं — विशेषकर तिल, अनाज और वस्त्र — और राशि प्रवेश के आसपास का समय (पुण्य काल) दोनों के लिए शुभ माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आगामी संक्रांति कब है?

आगामी मकर संक्रांति शुक्रवार, 15 जन॰ को है। तिथि 15 जन॰ 2044, 05:50 पर शुरू होकर — पर समाप्त होती है (नई दिल्ली का समय)।

2044 में संक्रांति कितनी बार है?

2044 में संक्रांति की 12 तारीखें हैं।