प्रदोष व्रत 2044

2044 में नई दिल्ली के लिए प्रदोष व्रत की सभी 24 तारीखें, तिथि के प्रारंभ और समाप्ति के सटीक समय के साथ।

आगामी प्रदोष व्रत: प्रदोष व्रत — बुधवार, 13 जन॰ 2044

तारीखव्रत/पर्वतिथि प्रारंभतिथि समाप्त
बुधवार, 13 जन॰प्रदोष व्रत12 जन॰ 2044, 10:4613 जन॰ 2044, 07:18
बुधवार, 27 जन॰प्रदोष व्रत27 जन॰ 2044, 04:1128 जन॰ 2044, 06:21
गुरुवार, 11 फ़र॰प्रदोष व्रत10 फ़र॰ 2044, 20:0111 फ़र॰ 2044, 17:12
शुक्रवार, 26 फ़र॰प्रदोष व्रत25 फ़र॰ 2044, 23:4927 फ़र॰ 2044, 00:59
शुक्रवार, 11 मार्चप्रदोष व्रत11 मार्च 2044, 05:1312 मार्च 2044, 03:31
रविवार, 27 मार्चप्रदोष व्रत26 मार्च 2044, 17:1827 मार्च 2044, 17:08
रविवार, 10 अप्रैलप्रदोष व्रत9 अप्रैल 2044, 15:0610 अप्रैल 2044, 14:43
मंगलवार, 26 अप्रैलप्रदोष व्रत25 अप्रैल 2044, 07:4026 अप्रैल 2044, 06:07
सोमवार, 9 मईप्रदोष व्रत9 मई 2044, 02:1110 मई 2044, 03:02
बुधवार, 25 मईप्रदोष व्रत24 मई 2044, 18:4425 मई 2044, 16:01
बुधवार, 8 जूनप्रदोष व्रत7 जून 2044, 14:438 जून 2044, 16:30
गुरुवार, 23 जूनप्रदोष व्रत23 जून 2044, 03:0223 जून 2044, 23:36
गुरुवार, 7 जुल॰प्रदोष व्रत7 जुल॰ 2044, 04:488 जुल॰ 2044, 07:07
शनिवार, 23 जुल॰प्रदोष व्रत22 जुल॰ 2044, 09:3823 जुल॰ 2044, 06:03
शनिवार, 6 अग॰प्रदोष व्रत5 अग॰ 2044, 20:216 अग॰ 2044, 22:41
रविवार, 21 अग॰प्रदोष व्रत20 अग॰ 2044, 15:4621 अग॰ 2044, 12:36
सोमवार, 5 सित॰प्रदोष व्रत4 सित॰ 2044, 13:005 सित॰ 2044, 14:46
सोमवार, 19 सित॰प्रदोष व्रत18 सित॰ 2044, 22:4219 सित॰ 2044, 20:23
मंगलवार, 4 अक्टू॰प्रदोष व्रत4 अक्टू॰ 2044, 06:025 अक्टू॰ 2044, 06:39
मंगलवार, 18 अक्टू॰प्रदोष व्रत18 अक्टू॰ 2044, 07:2819 अक्टू॰ 2044, 06:20
गुरुवार, 3 नव॰प्रदोष व्रत2 नव॰ 2044, 22:253 नव॰ 2044, 21:35
गुरुवार, 17 नव॰प्रदोष व्रत16 नव॰ 2044, 18:4917 नव॰ 2044, 18:59
शनिवार, 3 दिस॰प्रदोष व्रत2 दिस॰ 2044, 13:193 दिस॰ 2044, 11:06
शनिवार, 17 दिस॰प्रदोष व्रत16 दिस॰ 2044, 09:0917 दिस॰ 2044, 10:33

तारीखें नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। स्थानीय परंपराएं — स्मार्त और वैष्णव एकादशी, प्रदोष काल में प्रदोष, चंद्रोदय के अनुसार चतुर्थी — व्रत को एक दिन आगे-पीछे कर सकती हैं, इसलिए ऊपर दिए तिथि समय देखें या अपने कुल पुरोहित से पूछें।

प्रदोष व्रत के बारे में

प्रदोष व्रत हर पक्ष की तेरहवीं तिथि (त्रयोदशी) को पड़ता है और भगवान शिव को समर्पित है। सोमवार को पड़ने पर इसे सोम प्रदोष और शनिवार को शनि प्रदोष कहते हैं।

व्रत कैसे रखा जाता है

दिन भर व्रत रखा जाता है और प्रदोष काल में — सूर्यास्त के आसपास लगभग 90 मिनट — त्रयोदशी तिथि रहते शिव पूजा की जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आगामी प्रदोष व्रत कब है?

आगामी प्रदोष व्रत बुधवार, 13 जन॰ को है। तिथि 12 जन॰ 2044, 10:46 पर शुरू होकर 13 जन॰ 2044, 07:18 पर समाप्त होती है (नई दिल्ली का समय)।

2044 में प्रदोष व्रत कितनी बार है?

2044 में प्रदोष व्रत की 24 तारीखें हैं।