रियाधसाठी 28 फेब्रुवारी, 2025 रोजीचे चौघडिया
शुक्रवार, 28 फेब्रुवारी, 2025, रियाध, Saudi Arabia. वेळा Asia/Riyadh मध्ये आहेत.
शुक्रवार, 28 फेब्रुवारी, 2025 रोजी रियाध येथे सूर्योदयाच्या वेळी तिथी शुक्ल प्रतिपदा (00:46, 1 मार्चपर्यंत), नक्षत्र शततारका (11:10पर्यंत) आणि योग सिद्ध आहे. सूर्योदय 06:16 वाजता आणि सूर्यास्त 17:54 वाजता आहे. राहू काळ 10:38 ते 12:05पर्यंत आहे.
28 फेब्रुवारी, 2025 रोजीचे चौघडिया
चौघडिया दिवसाचे (सूर्योदय ते सूर्यास्त) आणि रात्रीचे (सूर्यास्त ते पुढील सूर्योदय) प्रत्येकी आठ भाग करते. अमृत, शुभ आणि लाभ कामाच्या सुरुवातीसाठी चांगले; चल प्रवासासाठी चांगले; उद्वेग, काळ आणि रोग नव्या सुरुवातीसाठी टाळणे उत्तम.
| दिवसाचे चौघडिया | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|
| चर | 06:16 – 07:43 | सामान्य |
| लाभ | 07:43 – 09:11 | शुभ |
| अमृत | 09:11 – 10:38 | शुभ |
| काळ | 10:38 – 12:05 | टाळा |
| शुभ | 12:05 – 13:33 | शुभ |
| रोग | 13:33 – 15:00 | टाळा |
| उद्वेग | 15:00 – 16:27 | टाळा |
| चर | 16:27 – 17:54 | सामान्य |
| रात्रीचे चौघडिया | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|
| रोग | 17:54 – 19:27 | टाळा |
| काळ | 19:27 – 21:00 | टाळा |
| लाभ | 21:00 – 22:32 | शुभ |
| उद्वेग | 22:32 – 00:05 | टाळा |
| शुभ | 00:05 – 01:37 | शुभ |
| अमृत | 01:37 – 03:10 | शुभ |
| चर | 03:10 – 04:43 | सामान्य |
| रोग | 04:43 – 06:15 | टाळा |
28 फेब्रुवारी, 2025 रोजीचे पंचांग
| वार | शुक्रवार |
|---|---|
| तिथी | शुक्ल प्रतिपदा 00:46, 1 मार्चपर्यंत शुक्ल द्वितीया 21:39, 1 मार्चपर्यंत |
| नक्षत्र | शततारका 11:10पर्यंत पूर्वा भाद्रपदा 08:52, 1 मार्चपर्यंत |
| योग | सिद्ध 17:37पर्यंत साध्य 13:54, 1 मार्चपर्यंत |
| करण | किंस्तुघ्न 14:17पर्यंत बव 00:46, 1 मार्चपर्यंत बालव 11:13, 1 मार्चपर्यंत |
| चंद्ररास | कुंभ 03:28, 1 मार्चपर्यंत |
| सूर्यरास | कुंभ |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- 06:16
- सूर्यास्त
- 17:54
- चंद्रोदय
- 06:30
- चंद्रास्त
- 18:27
- दिनमान
- 11h 38m
हिंदू पंचांग
- महिना (अमांत)
- फाल्गुन
- महिना (पौर्णिमांत)
- फाल्गुन
- विक्रम संवत
- 2081
- शके
- 1946, क्रोधी संवत्सर
- ऋतू
- शिशिर ऋतू
- अयन
- उत्तरायण
शुभ वेळा
- ब्राह्म मुहूर्त
- 04:37 – 05:27
- अभिजित मुहूर्त
- 11:42 – 12:29
अशुभ वेळा
- राहू काळ
- 10:38 – 12:05
- यमगंड
- 15:00 – 16:27
- गुलिक काळ
- 07:43 – 09:11
होरा (ग्रहांचे तास)
प्रत्येक होरा दिवसाचा किंवा रात्रीचा बारावा भाग असतो आणि त्यावर एका ग्रहाचे आधिपत्य असते; सूर्योदयाला वारस्वामीपासून सुरुवात होते. ग्रह ज्या गोष्टींचा कारक आहे त्या कामांसाठी त्याचा होरा वापरा — शिक्षणासाठी गुरू, कलांसाठी शुक्र, व्यापारासाठी बुध.
| होरा स्वामी | पासून | पर्यंत | दिवस / रात्र |
|---|---|---|---|
| शुक्र | 06:16 | 07:14 | दिवस |
| बुध | 07:14 | 08:12 | दिवस |
| चंद्र | 08:12 | 09:11 | दिवस |
| शनी | 09:11 | 10:09 | दिवस |
| गुरू | 10:09 | 11:07 | दिवस |
| मंगळ | 11:07 | 12:05 | दिवस |
| सूर्य | 12:05 | 13:03 | दिवस |
| शुक्र | 13:03 | 14:02 | दिवस |
| बुध | 14:02 | 15:00 | दिवस |
| चंद्र | 15:00 | 15:58 | दिवस |
| शनी | 15:58 | 16:56 | दिवस |
| गुरू | 16:56 | 17:54 | दिवस |
| मंगळ | 17:54 | 18:56 | रात्र |
| सूर्य | 18:56 | 19:58 | रात्र |
| शुक्र | 19:58 | 21:00 | रात्र |
| बुध | 21:00 | 22:01 | रात्र |
| चंद्र | 22:01 | 23:03 | रात्र |
| शनी | 23:03 | 00:05 | रात्र |
| गुरू | 00:05 | 01:07 | रात्र |
| मंगळ | 01:07 | 02:08 | रात्र |
| सूर्य | 02:08 | 03:10 | रात्र |
| शुक्र | 03:10 | 04:12 | रात्र |
| बुध | 04:12 | 05:13 | रात्र |
| चंद्र | 05:13 | 06:15 | रात्र |
अयनांश 24.2085° (लाहिरी). वेळा रियाधच्या स्थानिक आहेत (Asia/Riyadh).
दुसऱ्या शहराचे चौघडिया
वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
चौघडिया म्हणजे काय?
चौघडिया ही गुजरात आणि राजस्थानमध्ये लोकप्रिय असलेली वैदिक कालगणना पद्धत आहे, जी दिवस आणि रात्र प्रत्येकी आठ मुहूर्तांत विभागते. प्रत्येक कालखंडावर एका ग्रहाचे स्वामित्व असते आणि त्याला अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काळ किंवा रोग असे नाव असते.
कोणता चौघडिया सर्वोत्तम?
नवीन कामाची सुरुवात, कागदपत्रांवर सही आणि खरेदीसाठी अमृत, शुभ आणि लाभ शुभ मानले जातात. प्रवासासाठी चर चांगला असतो. नवीन सुरुवातीसाठी उद्वेग, काळ आणि रोग परंपरेने टाळले जातात.
चौघडियाच्या वेळा दररोज वेगळ्या का असतात?
हे कालखंड तुमच्या ठिकाणच्या प्रत्यक्ष दिवसाचा (सूर्योदय ते सूर्यास्त) आणि रात्रीचा (सूर्यास्त ते पुढचा सूर्योदय) एक-अष्टमांश भाग असतात, त्यामुळे वर्षभर सूर्योदय-सूर्यास्तानुसार ते बदलतात.
चौघडिया आणि राहू काळ एकच आहेत का?
नाही. राहू काळ हा दररोजचा एकच अशुभ कालखंड आहे. चौघडिया दिवस आणि रात्रीच्या सर्व सोळा कालखंडांचे मूल्यमापन करतो.