विवाह मुहूर्त 2022
2022मध्ये नवी दिल्ली येथे विवाह मुहूर्ताचे 66 शुभ दिवस, सर्व अटी पूर्ण होणाऱ्या वेळांसह.
जानेवारी 2022 · 8 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शनिवार, 15 जाने | 07:14 – 23:21 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| गुरुवार, 20 जाने | 14:46 – 20:31 नक्षत्र: मघा · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| शुक्रवार, 21 जाने | 08:52 – 09:42 नक्षत्र: मघा · तिथी: कृष्ण चतुर्थी |
| शनिवार, 22 जाने | 10:38 – 14:06 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| रविवार, 23 जाने | 12:48 – 07:12 (24 जाने) नक्षत्र: हस्त · तिथी: कृष्ण षष्ठी |
| सोमवार, 24 जाने | 07:12 – 08:44 नक्षत्र: हस्त · तिथी: कृष्ण षष्ठी |
| गुरुवार, 27 जाने | 08:51 – 15:28 02:16 (28 जाने) – 07:10 (28 जाने) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| शनिवार, 29 जाने | 18:02 – 02:49 (30 जाने) नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी |
फेब्रुवारी 2022 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 4 फेब्रु | 03:47 (5 फेब्रु) – 07:07 (5 फेब्रु) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| शनिवार, 5 फेब्रु | 07:07 – 07:06 (6 फेब्रु) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा, रेवती · तिथी: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| रविवार, 6 फेब्रु | 07:06 – 10:49 नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल षष्ठी |
| बुधवार, 9 फेब्रु | 00:23 (10 फेब्रु) – 07:03 (10 फेब्रु) नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल नवमी |
| गुरुवार, 10 फेब्रु | 07:03 – 18:48 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी |
| शुक्रवार, 18 फेब्रु | 16:41 – 06:56 (19 फेब्रु) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
| शनिवार, 19 फेब्रु | 06:56 – 10:15 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण तृतीया |
मार्च 2022 · 0 दिवस
मार्चमध्ये सर्व अटी पूर्ण करणारा एकही दिवस नाही.
एप्रिल 2022 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 15 एप्रि | 05:56 – 07:55 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल चतुर्दशी |
| रविवार, 17 एप्रि | 23:39 – 05:33 (18 एप्रि) नक्षत्र: स्वाती · तिथी: कृष्ण द्वितीया |
| मंगळवार, 19 एप्रि | 17:01 – 01:38 (20 एप्रि) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण चतुर्थी |
| गुरुवार, 21 एप्रि | 10:20 – 21:51 नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| शुक्रवार, 22 एप्रि | 20:14 – 05:47 (23 एप्रि) नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| शनिवार, 23 एप्रि | 05:47 – 18:53 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण सप्तमी, कृष्ण अष्टमी |
| बुधवार, 27 एप्रि | 17:05 – 17:35 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण द्वादशी |
मे 2022 · 18 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 2 मे | 00:33 (3 मे) – 05:39 (3 मे) नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
| मंगळवार, 3 मे | 05:39 – 16:14 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| बुधवार, 4 मे | 17:06 – 20:46 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल चतुर्थी |
| सोमवार, 9 मे | 23:34 – 05:33 (10 मे) नक्षत्र: मघा · तिथी: शुक्ल नवमी |
| मंगळवार, 10 मे | 05:33 – 18:39 नक्षत्र: मघा · तिथी: शुक्ल नवमी |
| बुधवार, 11 मे | 19:27 – 05:32 (12 मे) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
| गुरुवार, 12 मे | 05:32 – 07:17 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल एकादशी |
| शुक्रवार, 13 मे | 15:40 – 18:48 नक्षत्र: हस्त · तिथी: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
| रविवार, 15 मे | 09:48 – 12:46 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल चतुर्दशी |
| सोमवार, 16 मे | 02:30 (17 मे) – 05:29 (17 मे) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| मंगळवार, 17 मे | 05:29 – 10:46 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया |
| बुधवार, 18 मे | 23:37 – 05:28 (19 मे) नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण चतुर्थी |
| गुरुवार, 19 मे | 03:17 (20 मे) – 05:27 (20 मे) नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| शुक्रवार, 20 मे | 05:27 – 01:18 (21 मे) नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| बुधवार, 25 मे | 10:32 – 05:25 (26 मे) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा, रेवती · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| गुरुवार, 26 मे | 05:25 – 18:15 नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी |
| सोमवार, 30 मे | 17:00 – 05:24 (31 मे) नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा |
| मंगळवार, 31 मे | 05:24 – 00:32 (1 जून) नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया |
जून 2022 · 14 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 6 जून | 06:58 – 02:25 (7 जून) नक्षत्र: मघा · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| मंगळवार, 7 जून | 04:26 (8 जून) – 05:22 (8 जून) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल अष्टमी |
| बुधवार, 8 जून | 05:22 – 03:26 (9 जून) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल अष्टमी, शुक्ल नवमी |
| गुरुवार, 9 जून | 01:48 (10 जून) – 04:26 (10 जून) नक्षत्र: हस्त · तिथी: शुक्ल दशमी |
| शनिवार, 11 जून | 20:45 – 02:05 (12 जून) नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल द्वादशी |
| रविवार, 12 जून | 23:58 – 05:22 (13 जून) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी, शुक्ल चतुर्दशी |
| सोमवार, 13 जून | 05:22 – 21:03 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल चतुर्दशी |
| मंगळवार, 14 जून | 23:47 – 05:23 (15 जून) नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| बुधवार, 15 जून | 05:23 – 15:32 नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया |
| गुरुवार, 16 जून | 12:37 – 19:56 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| शुक्रवार, 17 जून | 06:11 – 09:55 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण चतुर्थी |
| सोमवार, 20 जून | 04:35 (21 जून) – 05:23 (21 जून) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण अष्टमी |
| मंगळवार, 21 जून | 05:23 – 05:24 (22 जून) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा, रेवती · तिथी: कृष्ण अष्टमी, कृष्ण नवमी |
| बुधवार, 22 जून | 05:24 – 23:52 नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण नवमी, कृष्ण दशमी |
जुलै 2022 · 6 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| रविवार, 3 जुलै | 17:07 – 05:28 (4 जुलै) नक्षत्र: मघा · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| सोमवार, 4 जुलै | 05:28 – 08:43 नक्षत्र: मघा · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| मंगळवार, 5 जुलै | 12:14 – 05:28 (6 जुलै) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल षष्ठी, शुक्ल सप्तमी |
| बुधवार, 6 जुलै | 05:28 – 11:41 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| गुरुवार, 7 जुलै | 10:37 – 12:19 नक्षत्र: हस्त · तिथी: शुक्ल अष्टमी |
| शुक्रवार, 8 जुलै | 12:13 – 05:30 (9 जुलै) नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी |
ऑगस्ट 2022 · 0 दिवस
ऑगस्टमध्ये सर्व अटी पूर्ण करणारा एकही दिवस नाही.
सप्टेंबर 2022 · 0 दिवस
सप्टेंबरमध्ये सर्व अटी पूर्ण करणारा एकही दिवस नाही.
ऑक्टोबर 2022 · 0 दिवस
ऑक्टोबरमध्ये सर्व अटी पूर्ण करणारा एकही दिवस नाही.
नोव्हेंबर 2022 · 2 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| रविवार, 27 नोव्हें | 21:32 – 06:53 (28 नोव्हें) नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| सोमवार, 28 नोव्हें | 06:53 – 10:28 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: शुक्ल पंचमी |
डिसेंबर 2022 · 4 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 2 डिसें | 07:29 – 05:50 (3 डिसें) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा, रेवती · तिथी: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
| बुधवार, 7 डिसें | 20:47 – 07:01 (8 डिसें) नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: पौर्णिमा |
| गुरुवार, 8 डिसें | 07:01 – 07:02 (9 डिसें) नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: पौर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 9 डिसें | 07:02 – 14:59 नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया |
नवी दिल्लीसाठी गणना केलेले. वेळा स्थानिक वेळेनुसार दाखवल्या आहेत; मध्यरात्र ओलांडणारी वेळ ती ज्या दिवशी सुरू होते त्या दिवसाची मानली जाते (हिंदू दिवस सूर्योदय ते सूर्योदय असतो).
वापरलेले नियम
हिंदू विवाह परंपरेने पंचांगावरून निवडलेल्या मुहूर्तावर होतात. शास्त्रीय ग्रंथ विवाहाला फक्त ठरावीक सौर महिन्यांतच परवानगी देतात, चातुर्मास आणि विवाहाचे कारक असलेले शुक्र किंवा गुरू अस्त असण्याचा काळ वगळतात, आणि अशुभ योग व करणांपासून मुक्त अनुकूल नक्षत्र पाहतात. त्यानंतर कुटुंबाचे ज्योतिषी त्या वेळेतच फेऱ्यांसाठी अचूक लग्न ठरवतात.
- चंद्राचे नक्षत्र: रोहिणी, मृग, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूळ, उत्तराषाढा, उत्तरा भाद्रपदा, रेवती
- वर्ज्य चरण: मघा आणि मूळ यांचा पहिला चरण, रेवतीचा शेवटचा चरण
- सूर्याची रास (सौर मास): मेष, वृषभ, मिथुन, वृश्चिक, मकर, कुंभ
- वर्ज्य योग: विष्कंभ, अतिगंड, शूल, गंड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृती
- वर्ज्य करण: विष्टी (भद्रा), शकुनी, चतुष्पाद, नाग
- अधिक मासात मुहूर्त नाही
- चातुर्मासात (देवशयनी ते प्रबोधिनी एकादशी) मुहूर्त नाही
- शुक्र किंवा गुरू अस्त असताना (तारा अस्त), तसेच अस्ताच्या आधीचे 3 दिवस आणि उदयानंतरचे 3 दिवस मुहूर्त नाही
- वर्ज्य काळाला स्पर्श करणारा दिवस पूर्णपणे वगळला जातो
या सर्वसाधारण शुभ वेळा आहेत. विधीसाठी ज्योतिषी निवडलेल्या क्षणाचे लग्न तसेच संबंधित व्यक्तींचे तारा बल आणि चंद्र बलही पाहतात — त्यामुळे एकच वेळ एका व्यक्तीला दुसऱ्यापेक्षा अधिक अनुकूल असू शकते.
ज्योतिषींकडून वैयक्तिक मुहूर्त काढून घ्या अनुभवी ज्योतिषांशी बोला.
वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
2022मध्ये विवाह मुहूर्त किती आहेत?
या पानावर दिलेल्या नियमांनुसार 2022मध्ये नवी दिल्ली येथे विवाह मुहूर्ताचे 66 शुभ दिवस आहेत.
काही महिन्यांत मुहूर्त का नसतात?
ऋतुनिहाय निर्बंधांमुळे मोठे कालखंड वगळले जातात: खरमास (सूर्य धनु किंवा मीन राशीत), चातुर्मास, अधिक मास आणि शुक्र किंवा गुरू अस्त असण्याचा काळ. उरलेल्या दिवसांतही योग्य नक्षत्र आणि तिथी एकत्र जुळून यावी लागते.