विवाह मुहूर्त 2025 — दुबई
2025मध्ये दुबई येथे विवाह मुहूर्ताचे 65 शुभ दिवस, सर्व अटी पूर्ण होणाऱ्या वेळांसह.
जानेवारी 2025 · 10 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 16 जाने | 02:36 (17 जाने) – 07:05 (17 जाने) नक्षत्र: मघा · तिथी: कृष्ण चतुर्थी |
| शुक्रवार, 17 जाने | 07:05 – 11:15 नक्षत्र: मघा · तिथी: कृष्ण चतुर्थी |
| शनिवार, 18 जाने | 13:21 – 23:45 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| रविवार, 19 जाने | 00:27 (20 जाने) – 07:05 (20 जाने) नक्षत्र: हस्त · तिथी: कृष्ण षष्ठी |
| सोमवार, 20 जाने | 07:05 – 08:29 नक्षत्र: हस्त · तिथी: कृष्ण षष्ठी |
| मंगळवार, 21 जाने | 22:06 – 02:19 (22 जाने) नक्षत्र: स्वाती · तिथी: कृष्ण अष्टमी |
| गुरुवार, 23 जाने | 03:38 (24 जाने) – 05:06 (24 जाने) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण दशमी |
| शुक्रवार, 24 जाने | 17:55 – 05:37 (25 जाने) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| रविवार, 26 जाने | 02:03 (27 जाने) – 07:03 (27 जाने) नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| सोमवार, 27 जाने | 07:03 – 07:32 नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
फेब्रुवारी 2025 · 11 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| रविवार, 2 फेब्रु | 07:44 – 07:00 (3 फेब्रु) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा, रेवती · तिथी: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| सोमवार, 3 फेब्रु | 07:00 – 16:10 नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल षष्ठी |
| गुरुवार, 6 फेब्रु | 17:59 – 06:58 (7 फेब्रु) नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी |
| शुक्रवार, 7 फेब्रु | 06:58 – 14:46 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल दशमी |
| बुधवार, 12 फेब्रु | 00:25 (13 फेब्रु) – 06:01 (13 फेब्रु) नक्षत्र: मघा · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 14 फेब्रु | 21:39 – 06:53 (15 फेब्रु) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| शनिवार, 15 फेब्रु | 06:53 – 09:19 22:22 – 06:35 (16 फेब्रु) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्त · तिथी: कृष्ण तृतीया, कृष्ण चतुर्थी |
| मंगळवार, 18 फेब्रु | 08:21 – 06:02 (19 फेब्रु) नक्षत्र: स्वाती · तिथी: कृष्ण षष्ठी |
| शुक्रवार, 21 फेब्रु | 10:29 – 14:24 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण नवमी |
| रविवार, 23 फेब्रु | 12:26 – 17:12 नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| मंगळवार, 25 फेब्रु | 06:45 – 17:00 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी |
मार्च 2025 · 5 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शनिवार, 1 मार्च | 09:52 – 06:40 (2 मार्च) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
| रविवार, 2 मार्च | 06:40 – 23:43 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा, रेवती · तिथी: शुक्ल तृतीया, शुक्ल चतुर्थी |
| गुरुवार, 6 मार्च | 20:31 – 06:36 (7 मार्च) नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: शुक्ल अष्टमी |
| शुक्रवार, 7 मार्च | 06:36 – 22:02 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल अष्टमी, शुक्ल नवमी |
| बुधवार, 12 मार्च | 07:10 – 02:35 (13 मार्च) नक्षत्र: मघा · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी, शुक्ल चतुर्दशी |
एप्रिल 2025 · 9 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 14 एप्रि | 21:08 – 22:43 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: कृष्ण द्वितीया |
| बुधवार, 16 एप्रि | 22:48 – 04:25 (17 एप्रि) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण चतुर्थी |
| शुक्रवार, 18 एप्रि | 23:33 – 05:52 (19 एप्रि) नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण षष्ठी |
| शनिवार, 19 एप्रि | 05:52 – 08:51 नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण षष्ठी |
| रविवार, 20 एप्रि | 10:18 – 05:51 (21 एप्रि) नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण सप्तमी, कृष्ण अष्टमी |
| सोमवार, 21 एप्रि | 05:51 – 11:07 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण अष्टमी |
| शुक्रवार, 25 एप्रि | 07:23 – 11:00 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी |
| मंगळवार, 29 एप्रि | 17:17 – 05:43 (30 एप्रि) नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| बुधवार, 30 एप्रि | 05:43 – 10:31 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल तृतीया |
मे 2025 · 16 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 1 मे | 09:54 – 12:50 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| सोमवार, 5 मे | 18:55 – 05:39 (6 मे) नक्षत्र: मघा · तिथी: शुक्ल नवमी |
| मंगळवार, 6 मे | 05:39 – 14:22 नक्षत्र: मघा · तिथी: शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी |
| गुरुवार, 8 मे | 10:59 – 00:26 (9 मे) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्त · तिथी: शुक्ल द्वादशी |
| शनिवार, 10 मे | 01:45 (11 मे) – 02:30 (11 मे) नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल चतुर्दशी |
| मंगळवार, 13 मे | 05:03 (14 मे) – 05:34 (14 मे) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण द्वितीया |
| बुधवार, 14 मे | 05:34 – 10:17 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण द्वितीया |
| गुरुवार, 15 मे | 02:33 (16 मे) – 05:33 (16 मे) नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण चतुर्थी |
| शुक्रवार, 16 मे | 05:33 – 14:37 नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण चतुर्थी |
| शनिवार, 17 मे | 16:14 – 05:32 (18 मे) नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| रविवार, 18 मे | 05:32 – 17:22 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण षष्ठी |
| गुरुवार, 22 मे | 23:42 – 05:30 (23 मे) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| शुक्रवार, 23 मे | 05:30 – 05:30 (24 मे) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा, रेवती · तिथी: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी |
| शनिवार, 24 मे | 05:30 – 06:54 नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण द्वादशी |
| मंगळवार, 27 मे | 07:02 – 05:29 (28 मे) नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया |
| बुधवार, 28 मे | 05:29 – 17:38 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल द्वितीया |
जून 2025 · 4 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 2 जून | 06:50 – 19:05 नक्षत्र: मघा · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| बुधवार, 4 जून | 06:58 – 05:28 (5 जून) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्त · तिथी: शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी |
| गुरुवार, 5 जून | 05:28 – 07:43 नक्षत्र: हस्त · तिथी: शुक्ल दशमी |
| शनिवार, 7 जून | 08:09 – 09:47 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल द्वादशी |
जुलै 2025 · 0 दिवस
जुलैमध्ये सर्व अटी पूर्ण करणारा एकही दिवस नाही.
ऑगस्ट 2025 · 0 दिवस
ऑगस्टमध्ये सर्व अटी पूर्ण करणारा एकही दिवस नाही.
सप्टेंबर 2025 · 0 दिवस
सप्टेंबरमध्ये सर्व अटी पूर्ण करणारा एकही दिवस नाही.
ऑक्टोबर 2025 · 0 दिवस
ऑक्टोबरमध्ये सर्व अटी पूर्ण करणारा एकही दिवस नाही.
नोव्हेंबर 2025 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 17 नोव्हें | 03:31 (18 नोव्हें) – 05:42 (18 नोव्हें) नक्षत्र: स्वाती · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 21 नोव्हें | 09:13 – 12:26 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा |
| शनिवार, 22 नोव्हें | 21:58 – 06:41 (23 नोव्हें) नक्षत्र: मूळ · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| रविवार, 23 नोव्हें | 06:41 – 10:38 नक्षत्र: मूळ · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| मंगळवार, 25 नोव्हें | 11:19 – 22:27 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| शनिवार, 29 नोव्हें | 05:42 (30 नोव्हें) – 06:46 (30 नोव्हें) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल दशमी |
| रविवार, 30 नोव्हें | 06:46 – 02:52 (1 डिसें) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा, रेवती · तिथी: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
डिसेंबर 2025 · 3 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 4 डिसें | 17:11 – 06:50 (5 डिसें) नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: पौर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 5 डिसें | 06:50 – 06:50 (6 डिसें) नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया |
| शनिवार, 6 डिसें | 06:50 – 07:18 नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण द्वितीया |
दुबईसाठी गणना केलेले. वेळा स्थानिक वेळेनुसार दाखवल्या आहेत; मध्यरात्र ओलांडणारी वेळ ती ज्या दिवशी सुरू होते त्या दिवसाची मानली जाते (हिंदू दिवस सूर्योदय ते सूर्योदय असतो).
वापरलेले नियम
हिंदू विवाह परंपरेने पंचांगावरून निवडलेल्या मुहूर्तावर होतात. शास्त्रीय ग्रंथ विवाहाला फक्त ठरावीक सौर महिन्यांतच परवानगी देतात, चातुर्मास आणि विवाहाचे कारक असलेले शुक्र किंवा गुरू अस्त असण्याचा काळ वगळतात, आणि अशुभ योग व करणांपासून मुक्त अनुकूल नक्षत्र पाहतात. त्यानंतर कुटुंबाचे ज्योतिषी त्या वेळेतच फेऱ्यांसाठी अचूक लग्न ठरवतात.
- चंद्राचे नक्षत्र: रोहिणी, मृग, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूळ, उत्तराषाढा, उत्तरा भाद्रपदा, रेवती
- वर्ज्य चरण: मघा आणि मूळ यांचा पहिला चरण, रेवतीचा शेवटचा चरण
- सूर्याची रास (सौर मास): मेष, वृषभ, मिथुन, वृश्चिक, मकर, कुंभ
- वर्ज्य योग: विष्कंभ, अतिगंड, शूल, गंड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृती
- वर्ज्य करण: विष्टी (भद्रा), शकुनी, चतुष्पाद, नाग
- अधिक मासात मुहूर्त नाही
- चातुर्मासात (देवशयनी ते प्रबोधिनी एकादशी) मुहूर्त नाही
- शुक्र किंवा गुरू अस्त असताना (तारा अस्त), तसेच अस्ताच्या आधीचे 3 दिवस आणि उदयानंतरचे 3 दिवस मुहूर्त नाही
- वर्ज्य काळाला स्पर्श करणारा दिवस पूर्णपणे वगळला जातो
या सर्वसाधारण शुभ वेळा आहेत. विधीसाठी ज्योतिषी निवडलेल्या क्षणाचे लग्न तसेच संबंधित व्यक्तींचे तारा बल आणि चंद्र बलही पाहतात — त्यामुळे एकच वेळ एका व्यक्तीला दुसऱ्यापेक्षा अधिक अनुकूल असू शकते.
ज्योतिषींकडून वैयक्तिक मुहूर्त काढून घ्या अनुभवी ज्योतिषांशी बोला.
वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
2025मध्ये विवाह मुहूर्त किती आहेत?
या पानावर दिलेल्या नियमांनुसार 2025मध्ये दुबई येथे विवाह मुहूर्ताचे 65 शुभ दिवस आहेत.
काही महिन्यांत मुहूर्त का नसतात?
ऋतुनिहाय निर्बंधांमुळे मोठे कालखंड वगळले जातात: खरमास (सूर्य धनु किंवा मीन राशीत), चातुर्मास, अधिक मास आणि शुक्र किंवा गुरू अस्त असण्याचा काळ. उरलेल्या दिवसांतही योग्य नक्षत्र आणि तिथी एकत्र जुळून यावी लागते.