विवाह मुहूर्त 2092
2092मध्ये नवी दिल्ली येथे विवाह मुहूर्ताचे 61 शुभ दिवस, सर्व अटी पूर्ण होणाऱ्या वेळांसह.
पुढील विवाह मुहूर्त: शनिवार, 16 फेब्रुवारी, 2092 — 10:03 – 18:03
जानेवारी 2092 · 0 दिवस
जानेवारीमध्ये सर्व अटी पूर्ण करणारा एकही दिवस नाही.
फेब्रुवारी 2092 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शनिवार, 16 फेब्रु | 10:03 – 18:03 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल नवमी |
| शनिवार, 23 फेब्रु | 12:47 – 17:45 नक्षत्र: मघा · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| रविवार, 24 फेब्रु | 16:38 – 06:50 (25 फेब्रु) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण द्वितीया |
| सोमवार, 25 फेब्रु | 06:50 – 07:22 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
| बुधवार, 27 फेब्रु | 11:47 – 06:47 (28 फेब्रु) नक्षत्र: स्वाती · तिथी: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| गुरुवार, 28 फेब्रु | 06:47 – 10:02 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: कृष्ण षष्ठी |
| शुक्रवार, 29 फेब्रु | 15:40 – 06:45 (1 मार्च) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण सप्तमी, कृष्ण अष्टमी |
मार्च 2092 · 6 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| रविवार, 2 मार्च | 11:24 – 02:38 (3 मार्च) नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण नवमी, कृष्ण दशमी |
| सोमवार, 3 मार्च | 05:19 (4 मार्च) – 06:42 (4 मार्च) नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| मंगळवार, 4 मार्च | 06:42 – 03:20 (5 मार्च) नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी |
| शनिवार, 8 मार्च | 06:03 (9 मार्च) – 06:36 (9 मार्च) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा |
| रविवार, 9 मार्च | 06:36 – 06:35 (10 मार्च) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया |
| सोमवार, 10 मार्च | 06:35 – 03:16 (11 मार्च) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा, रेवती · तिथी: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
एप्रिल 2092 · 10 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 18 एप्रि | 07:00 – 07:53 नक्षत्र: मघा · तिथी: शुक्ल एकादशी |
| शनिवार, 19 एप्रि | 12:52 – 01:48 (20 एप्रि) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
| रविवार, 20 एप्रि | 22:22 – 05:48 (21 एप्रि) नक्षत्र: हस्त · तिथी: शुक्ल चतुर्दशी |
| सोमवार, 21 एप्रि | 05:48 – 08:51 नक्षत्र: हस्त · तिथी: शुक्ल चतुर्दशी |
| मंगळवार, 22 एप्रि | 14:24 – 03:12 (23 एप्रि) नक्षत्र: स्वाती · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| गुरुवार, 24 एप्रि | 05:58 – 10:39 20:53 – 21:26 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण तृतीया, कृष्ण चतुर्थी |
| शुक्रवार, 25 एप्रि | 00:27 (26 एप्रि) – 05:44 (26 एप्रि) नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| शनिवार, 26 एप्रि | 05:44 – 17:02 नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| रविवार, 27 एप्रि | 23:48 – 05:42 (28 एप्रि) नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| सोमवार, 28 एप्रि | 05:42 – 15:00 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण सप्तमी, कृष्ण अष्टमी |
मे 2092 · 9 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| रविवार, 4 मे | 10:45 – 14:53 नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| बुधवार, 21 मे | 16:47 – 05:26 (22 मे) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| गुरुवार, 22 मे | 05:26 – 07:51 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 23 मे | 10:11 – 18:04 नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| शनिवार, 24 मे | 00:09 (25 मे) – 05:25 (25 मे) नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण चतुर्थी, कृष्ण पंचमी |
| रविवार, 25 मे | 05:25 – 22:43 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| गुरुवार, 29 मे | 00:28 (30 मे) – 05:24 (30 मे) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण दशमी |
| शुक्रवार, 30 मे | 05:24 – 10:53 23:39 – 05:23 (31 मे) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा, रेवती · तिथी: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| शनिवार, 31 मे | 05:23 – 22:22 नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण एकादशी |
जून 2092 · 12 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 5 जून | 10:48 – 21:37 नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा |
| बुधवार, 11 जून | 10:41 – 23:10 नक्षत्र: मघा · तिथी: शुक्ल षष्ठी, शुक्ल सप्तमी |
| शुक्रवार, 13 जून | 08:04 – 20:18 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल अष्टमी, शुक्ल नवमी |
| शनिवार, 14 जून | 18:00 – 04:13 (15 जून) नक्षत्र: हस्त · तिथी: शुक्ल दशमी |
| सोमवार, 16 जून | 12:55 – 00:12 (17 जून) नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल द्वादशी |
| मंगळवार, 17 जून | 21:31 – 05:23 (18 जून) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| बुधवार, 18 जून | 05:23 – 18:37 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी, शुक्ल चतुर्दशी |
| गुरुवार, 19 जून | 20:56 – 05:24 (20 जून) नक्षत्र: मूळ · तिथी: पौर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 20 जून | 05:24 – 12:51 नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| शनिवार, 21 जून | 10:22 – 02:17 (22 जून) नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 26 जून | 07:30 – 05:26 (27 जून) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण सप्तमी, कृष्ण अष्टमी |
| शुक्रवार, 27 जून | 05:26 – 00:48 (28 जून) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा, रेवती · तिथी: कृष्ण अष्टमी, कृष्ण नवमी |
जुलै 2092 · 4 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| मंगळवार, 8 जुलै | 16:11 – 17:51 नक्षत्र: मघा · तिथी: शुक्ल चतुर्थी |
| गुरुवार, 10 जुलै | 11:26 – 03:23 (11 जुलै) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल षष्ठी |
| शुक्रवार, 11 जुलै | 01:29 (12 जुलै) – 04:12 (12 जुलै) नक्षत्र: हस्त · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| रविवार, 13 जुलै | 09:49 – 05:33 (14 जुलै) नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी |
ऑगस्ट 2092 · 0 दिवस
ऑगस्टमध्ये सर्व अटी पूर्ण करणारा एकही दिवस नाही.
सप्टेंबर 2092 · 0 दिवस
सप्टेंबरमध्ये सर्व अटी पूर्ण करणारा एकही दिवस नाही.
ऑक्टोबर 2092 · 0 दिवस
ऑक्टोबरमध्ये सर्व अटी पूर्ण करणारा एकही दिवस नाही.
नोव्हेंबर 2092 · 6 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शनिवार, 22 नोव्हें | 08:46 – 22:18 नक्षत्र: मघा · तिथी: कृष्ण अष्टमी |
| सोमवार, 24 नोव्हें | 01:22 (25 नोव्हें) – 06:52 (25 नोव्हें) नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्त · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| मंगळवार, 25 नोव्हें | 06:52 – 03:08 (26 नोव्हें) नक्षत्र: हस्त · तिथी: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी |
| बुधवार, 26 नोव्हें | 01:20 (27 नोव्हें) – 06:53 (27 नोव्हें) नक्षत्र: स्वाती · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| गुरुवार, 27 नोव्हें | 06:53 – 18:19 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| शनिवार, 29 नोव्हें | 11:07 – 17:07 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा |
डिसेंबर 2092 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| मंगळवार, 2 डिसें | 10:03 – 10:39 21:14 – 06:40 (3 डिसें) नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: शुक्ल चतुर्थी, शुक्ल पंचमी |
| शनिवार, 6 डिसें | 05:06 (7 डिसें) – 07:01 (7 डिसें) नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल नवमी |
| रविवार, 7 डिसें | 07:01 – 21:20 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी |
| सोमवार, 8 डिसें | 21:00 – 01:38 (9 डिसें) नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल एकादशी |
| शुक्रवार, 12 डिसें | 15:36 – 00:56 (13 डिसें) नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल चतुर्दशी |
| शनिवार, 13 डिसें | 14:12 – 07:05 (14 डिसें) नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: पौर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| रविवार, 14 डिसें | 07:05 – 21:36 नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
नवी दिल्लीसाठी गणना केलेले. वेळा स्थानिक वेळेनुसार दाखवल्या आहेत; मध्यरात्र ओलांडणारी वेळ ती ज्या दिवशी सुरू होते त्या दिवसाची मानली जाते (हिंदू दिवस सूर्योदय ते सूर्योदय असतो).
वापरलेले नियम
हिंदू विवाह परंपरेने पंचांगावरून निवडलेल्या मुहूर्तावर होतात. शास्त्रीय ग्रंथ विवाहाला फक्त ठरावीक सौर महिन्यांतच परवानगी देतात, चातुर्मास आणि विवाहाचे कारक असलेले शुक्र किंवा गुरू अस्त असण्याचा काळ वगळतात, आणि अशुभ योग व करणांपासून मुक्त अनुकूल नक्षत्र पाहतात. त्यानंतर कुटुंबाचे ज्योतिषी त्या वेळेतच फेऱ्यांसाठी अचूक लग्न ठरवतात.
- चंद्राचे नक्षत्र: रोहिणी, मृग, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूळ, उत्तराषाढा, उत्तरा भाद्रपदा, रेवती
- वर्ज्य चरण: मघा आणि मूळ यांचा पहिला चरण, रेवतीचा शेवटचा चरण
- सूर्याची रास (सौर मास): मेष, वृषभ, मिथुन, वृश्चिक, मकर, कुंभ
- वर्ज्य योग: विष्कंभ, अतिगंड, शूल, गंड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृती
- वर्ज्य करण: विष्टी (भद्रा), शकुनी, चतुष्पाद, नाग
- अधिक मासात मुहूर्त नाही
- चातुर्मासात (देवशयनी ते प्रबोधिनी एकादशी) मुहूर्त नाही
- शुक्र किंवा गुरू अस्त असताना (तारा अस्त), तसेच अस्ताच्या आधीचे 3 दिवस आणि उदयानंतरचे 3 दिवस मुहूर्त नाही
- वर्ज्य काळाला स्पर्श करणारा दिवस पूर्णपणे वगळला जातो
या सर्वसाधारण शुभ वेळा आहेत. विधीसाठी ज्योतिषी निवडलेल्या क्षणाचे लग्न तसेच संबंधित व्यक्तींचे तारा बल आणि चंद्र बलही पाहतात — त्यामुळे एकच वेळ एका व्यक्तीला दुसऱ्यापेक्षा अधिक अनुकूल असू शकते.
ज्योतिषींकडून वैयक्तिक मुहूर्त काढून घ्या अनुभवी ज्योतिषांशी बोला.
वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
2092मध्ये विवाह मुहूर्त किती आहेत?
या पानावर दिलेल्या नियमांनुसार 2092मध्ये नवी दिल्ली येथे विवाह मुहूर्ताचे 61 शुभ दिवस आहेत.
पुढील शुभ विवाह मुहूर्त कधी आहे?
पुढील मुहूर्त शनिवार, 16 फेब्रुवारी, 2092 रोजी आहे, वेळ 10:03 – 18:03.
काही महिन्यांत मुहूर्त का नसतात?
ऋतुनिहाय निर्बंधांमुळे मोठे कालखंड वगळले जातात: खरमास (सूर्य धनु किंवा मीन राशीत), चातुर्मास, अधिक मास आणि शुक्र किंवा गुरू अस्त असण्याचा काळ. उरलेल्या दिवसांतही योग्य नक्षत्र आणि तिथी एकत्र जुळून यावी लागते.