नामकरण मुहूर्त 2011
2011मध्ये नवी दिल्ली येथे नामकरण (बारसे) मुहूर्ताचे 100 शुभ दिवस, सर्व अटी पूर्ण होणाऱ्या वेळांसह.
जानेवारी 2011 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 5 जाने | 07:14 – 17:38 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया |
| गुरुवार, 6 जाने | 07:14 – 17:38 नक्षत्र: श्रवण · तिथी: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
| शुक्रवार, 7 जाने | 07:14 – 17:39 नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| सोमवार, 17 जाने | 07:14 – 17:47 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
| गुरुवार, 20 जाने | 07:14 – 17:50 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| सोमवार, 24 जाने | 07:13 – 11:54 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| शुक्रवार, 28 जाने | 07:39 – 17:56 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण दशमी |
फेब्रुवारी 2011 · 8 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 3 फेब्रु | 08:00 – 18:01 नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 4 फेब्रु | 07:07 – 18:02 नक्षत्र: धनिष्ठा, शततारका · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया |
| सोमवार, 7 फेब्रु | 17:06 – 18:04 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| गुरुवार, 10 फेब्रु | 07:03 – 07:33 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| सोमवार, 14 फेब्रु | 07:00 – 12:31 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल एकादशी |
| बुधवार, 16 फेब्रु | 06:59 – 18:11 नक्षत्र: पुनर्वसू, पुष्य · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| गुरुवार, 24 फेब्रु | 13:35 – 17:24 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| सोमवार, 28 फेब्रु | 16:34 – 18:20 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी |
मार्च 2011 · 9 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 2 मार्च | 06:45 – 18:21 नक्षत्र: श्रवण · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| सोमवार, 7 मार्च | 06:40 – 18:24 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा, रेवती · तिथी: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
| बुधवार, 9 मार्च | 12:06 – 14:08 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| बुधवार, 16 मार्च | 06:30 – 18:29 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: शुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशी |
| सोमवार, 21 मार्च | 06:24 – 18:32 नक्षत्र: चित्रा · तिथी: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 24 मार्च | 06:21 – 07:32 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| सोमवार, 28 मार्च | 06:48 – 18:36 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण दशमी |
| बुधवार, 30 मार्च | 06:14 – 18:37 नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथी: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी |
| गुरुवार, 31 मार्च | 06:13 – 18:38 नक्षत्र: शततारका · तिथी: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी |
एप्रिल 2011 · 8 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 1 एप्रि | 06:11 – 08:25 नक्षत्र: शततारका · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| सोमवार, 4 एप्रि | 06:08 – 18:40 नक्षत्र: रेवती, अश्विनी · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 8 एप्रि | 06:04 – 18:42 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| सोमवार, 18 एप्रि | 08:13 – 18:48 नक्षत्र: चित्रा, स्वाती · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| बुधवार, 20 एप्रि | 07:56 – 18:49 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| बुधवार, 27 एप्रि | 05:44 – 18:53 नक्षत्र: धनिष्ठा, शततारका · तिथी: कृष्ण दशमी |
| गुरुवार, 28 एप्रि | 05:43 – 14:41 नक्षत्र: शततारका · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| शुक्रवार, 29 एप्रि | 17:41 – 18:54 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण द्वादशी |
मे 2011 · 8 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 5 मे | 06:27 – 18:58 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
| शुक्रवार, 6 मे | 05:36 – 16:07 नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| सोमवार, 9 मे | 15:56 – 19:00 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| शुक्रवार, 13 मे | 06:08 – 19:03 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
| बुधवार, 18 मे | 05:29 – 16:40 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया |
| सोमवार, 23 मे | 10:06 – 19:09 नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| शुक्रवार, 27 मे | 05:25 – 19:11 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| सोमवार, 30 मे | 05:24 – 09:09 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
जून 2011 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 2 जून | 05:23 – 19:14 नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 3 जून | 05:23 – 15:22 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल द्वितीया |
| सोमवार, 6 जून | 05:23 – 15:27 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| शुक्रवार, 10 जून | 16:07 – 19:18 नक्षत्र: हस्त · तिथी: शुक्ल दशमी |
| सोमवार, 20 जून | 05:23 – 19:21 नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| बुधवार, 22 जून | 05:24 – 05:52 नक्षत्र: शततारका · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| बुधवार, 29 जून | 05:26 – 14:46 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
जुलै 2011 · 8 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 7 जुलै | 05:29 – 19:22 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्त · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| सोमवार, 11 जुलै | 10:43 – 19:22 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशी |
| शुक्रवार, 15 जुलै | 12:09 – 19:20 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| सोमवार, 18 जुलै | 05:34 – 13:22 नक्षत्र: धनिष्ठा, शततारका · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 21 जुलै | 18:58 – 19:18 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| शुक्रवार, 22 जुलै | 05:36 – 19:18 नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| बुधवार, 27 जुलै | 05:39 – 19:15 नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: कृष्ण द्वादशी |
| गुरुवार, 28 जुलै | 05:40 – 07:57 नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
ऑगस्ट 2011 · 12 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 3 ऑग | 13:22 – 19:11 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| गुरुवार, 4 ऑग | 05:44 – 10:34 नक्षत्र: हस्त · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| शुक्रवार, 5 ऑग | 07:58 – 19:09 नक्षत्र: चित्रा, स्वाती · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| सोमवार, 8 ऑग | 05:46 – 15:36 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल दशमी |
| गुरुवार, 11 ऑग | 15:58 – 19:04 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| सोमवार, 15 ऑग | 05:50 – 19:01 नक्षत्र: शततारका · तिथी: कृष्ण द्वितीया |
| गुरुवार, 18 ऑग | 07:16 – 18:58 नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| शुक्रवार, 19 ऑग | 05:52 – 09:42 नक्षत्र: रेवती, अश्विनी · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| बुधवार, 24 ऑग | 05:54 – 17:17 नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण दशमी |
| गुरुवार, 25 ऑग | 17:35 – 18:50 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: कृष्ण द्वादशी |
| शुक्रवार, 26 ऑग | 05:55 – 18:49 नक्षत्र: पुनर्वसू, पुष्य · तिथी: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी |
| बुधवार, 31 ऑग | 05:58 – 18:44 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्त · तिथी: शुक्ल तृतीया |
सप्टेंबर 2011 · 10 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 2 सप्टें | 05:59 – 16:10 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| गुरुवार, 8 सप्टें | 06:02 – 18:35 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: शुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशी |
| शुक्रवार, 9 सप्टें | 06:02 – 18:34 नक्षत्र: श्रवण · तिथी: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
| बुधवार, 14 सप्टें | 06:05 – 18:28 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा, रेवती · तिथी: कृष्ण द्वितीया |
| गुरुवार, 15 सप्टें | 06:05 – 18:26 नक्षत्र: रेवती, अश्विनी · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| सोमवार, 19 सप्टें | 06:07 – 18:22 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| गुरुवार, 22 सप्टें | 07:37 – 18:18 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: कृष्ण दशमी |
| शुक्रवार, 23 सप्टें | 06:09 – 18:17 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| बुधवार, 28 सप्टें | 06:12 – 18:11 नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया |
| गुरुवार, 29 सप्टें | 06:12 – 18:10 नक्षत्र: चित्रा, स्वाती · तिथी: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
ऑक्टोबर 2011 · 8 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 6 ऑक्टो | 06:16 – 18:02 नक्षत्र: श्रवण · तिथी: शुक्ल दशमी |
| शुक्रवार, 7 ऑक्टो | 06:17 – 18:00 नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथी: शुक्ल एकादशी |
| बुधवार, 12 ऑक्टो | 07:35 – 17:55 नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| गुरुवार, 13 ऑक्टो | 06:20 – 17:54 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया |
| बुधवार, 19 ऑक्टो | 09:58 – 17:48 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| सोमवार, 24 ऑक्टो | 06:27 – 17:43 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी |
| गुरुवार, 27 ऑक्टो | 06:29 – 17:40 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 28 ऑक्टो | 15:59 – 17:39 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल द्वितीया |
नोव्हेंबर 2011 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 2 नोव्हें | 06:33 – 09:55 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| शुक्रवार, 4 नोव्हें | 11:46 – 17:34 नक्षत्र: धनिष्ठा, शततारका · तिथी: शुक्ल दशमी |
| सोमवार, 7 नोव्हें | 06:37 – 17:32 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल द्वादशी |
| सोमवार, 14 नोव्हें | 06:42 – 07:39 नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 17 नोव्हें | 09:39 – 17:24 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| सोमवार, 21 नोव्हें | 06:48 – 17:25 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्त · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| बुधवार, 23 नोव्हें | 06:49 – 17:24 नक्षत्र: चित्रा, स्वाती · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
डिसेंबर 2011 · 8 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 1 डिसें | 06:55 – 17:23 नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| सोमवार, 5 डिसें | 06:58 – 17:23 नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
| बुधवार, 7 डिसें | 07:00 – 10:58 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: शुक्ल द्वादशी |
| सोमवार, 19 डिसें | 15:12 – 17:27 नक्षत्र: हस्त · तिथी: कृष्ण दशमी |
| बुधवार, 21 डिसें | 07:09 – 15:14 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी |
| गुरुवार, 22 डिसें | 13:12 – 17:29 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| सोमवार, 26 डिसें | 07:11 – 17:31 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: शुक्ल द्वितीया |
| गुरुवार, 29 डिसें | 07:12 – 17:33 नक्षत्र: शततारका · तिथी: शुक्ल पंचमी |
नवी दिल्लीसाठी गणना केलेले. वेळा स्थानिक वेळेनुसार दाखवल्या आहेत; मध्यरात्र ओलांडणारी वेळ ती ज्या दिवशी सुरू होते त्या दिवसाची मानली जाते (हिंदू दिवस सूर्योदय ते सूर्योदय असतो).
वापरलेले नियम
नामकरण, म्हणजे बारसे, परंपरेने जन्मानंतर 11व्या किंवा 12व्या दिवशी केले जाते, आणि तेव्हा वेगळ्या मुहूर्ताची गरज नसते. ते नंतर करायचे असल्यास, स्थिर, चर, मृदू किंवा क्षिप्र नक्षत्र, चांगली तिथी व वार असलेला दिवस निवडला जातो, संक्रांत व ग्रहणाचे दिवस टाळून, शक्यतो सकाळी.
- चंद्राचे नक्षत्र: रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढा, उत्तरा भाद्रपदा, पुनर्वसू, स्वाती, श्रवण, धनिष्ठा, शततारका, मृग, चित्रा, अनुराधा, रेवती, अश्विनी, पुष्य, हस्त
- तिथी (शुक्ल पक्ष): प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी; (कृष्ण पक्ष): प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
- अधिक मासात मुहूर्त नाही
- संक्रांतीचा आणि ग्रहणाचा दिवस वर्ज्य
- फक्त सूर्योदय ते सूर्यास्त या काळात
या सर्वसाधारण शुभ वेळा आहेत. विधीसाठी ज्योतिषी निवडलेल्या क्षणाचे लग्न तसेच संबंधित व्यक्तींचे तारा बल आणि चंद्र बलही पाहतात — त्यामुळे एकच वेळ एका व्यक्तीला दुसऱ्यापेक्षा अधिक अनुकूल असू शकते.
ज्योतिषींकडून वैयक्तिक मुहूर्त काढून घ्या अनुभवी ज्योतिषांशी बोला.
वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
2011मध्ये नामकरण (बारसे) मुहूर्त किती आहेत?
या पानावर दिलेल्या नियमांनुसार 2011मध्ये नवी दिल्ली येथे नामकरण (बारसे) मुहूर्ताचे 100 शुभ दिवस आहेत.
काही महिन्यांत मुहूर्त का नसतात?
ऋतुनिहाय निर्बंधांमुळे मोठे कालखंड वगळले जातात: खरमास (सूर्य धनु किंवा मीन राशीत), चातुर्मास, अधिक मास आणि शुक्र किंवा गुरू अस्त असण्याचा काळ. उरलेल्या दिवसांतही योग्य नक्षत्र आणि तिथी एकत्र जुळून यावी लागते.