नामकरण मुहूर्त 2020
2020मध्ये नवी दिल्ली येथे नामकरण (बारसे) मुहूर्ताचे 101 शुभ दिवस, सर्व अटी पूर्ण होणाऱ्या वेळांसह.
जानेवारी 2020 · 9 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 2 जाने | 07:14 – 17:35 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| बुधवार, 8 जाने | 07:15 – 17:40 नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| बुधवार, 15 जाने | 07:15 – 12:10 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| गुरुवार, 16 जाने | 09:41 – 17:46 नक्षत्र: हस्त · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| सोमवार, 20 जाने | 07:14 – 17:49 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| सोमवार, 27 जाने | 07:12 – 17:55 नक्षत्र: शततारका · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| बुधवार, 29 जाने | 12:13 – 17:57 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| गुरुवार, 30 जाने | 07:10 – 13:19 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| शुक्रवार, 31 जाने | 15:52 – 17:59 नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
फेब्रुवारी 2020 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 5 फेब्रु | 07:07 – 18:03 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल एकादशी |
| शुक्रवार, 7 फेब्रु | 07:06 – 18:04 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| गुरुवार, 20 फेब्रु | 07:27 – 18:14 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 21 फेब्रु | 06:54 – 17:21 नक्षत्र: उत्तराषाढा, श्रवण · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| सोमवार, 24 फेब्रु | 06:52 – 16:20 नक्षत्र: शततारका · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा |
| बुधवार, 26 फेब्रु | 06:50 – 18:18 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| शुक्रवार, 28 फेब्रु | 06:48 – 18:19 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: शुक्ल पंचमी |
मार्च 2020 · 12 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 2 मार्च | 08:55 – 12:53 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| गुरुवार, 5 मार्च | 11:25 – 18:23 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
| शुक्रवार, 6 मार्च | 06:40 – 18:24 नक्षत्र: पुनर्वसू, पुष्य · तिथी: शुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशी |
| बुधवार, 11 मार्च | 06:35 – 18:27 नक्षत्र: हस्त · तिथी: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 12 मार्च | 06:34 – 11:59 नक्षत्र: चित्रा · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| शुक्रवार, 13 मार्च | 08:50 – 13:59 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| बुधवार, 18 मार्च | 13:00 – 18:31 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण दशमी |
| गुरुवार, 19 मार्च | 06:26 – 18:32 नक्षत्र: उत्तराषाढा, श्रवण · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| शुक्रवार, 20 मार्च | 06:24 – 18:32 नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथी: कृष्ण द्वादशी |
| बुधवार, 25 मार्च | 06:19 – 18:35 नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया |
| गुरुवार, 26 मार्च | 06:17 – 18:35 नक्षत्र: रेवती, अश्विनी · तिथी: शुक्ल द्वितीया |
| शुक्रवार, 27 मार्च | 06:16 – 10:09 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: शुक्ल तृतीया |
एप्रिल 2020 · 11 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 3 एप्रि | 06:08 – 18:40 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: शुक्ल दशमी |
| सोमवार, 6 एप्रि | 12:16 – 15:52 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| बुधवार, 8 एप्रि | 08:04 – 18:43 नक्षत्र: चित्रा · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| गुरुवार, 9 एप्रि | 06:02 – 18:43 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: कृष्ण द्वितीया |
| गुरुवार, 16 एप्रि | 18:11 – 18:47 नक्षत्र: श्रवण · तिथी: कृष्ण दशमी |
| शुक्रवार, 17 एप्रि | 05:53 – 18:48 नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथी: कृष्ण दशमी |
| सोमवार, 20 एप्रि | 07:22 – 18:50 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| गुरुवार, 23 एप्रि | 07:55 – 16:04 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा |
| सोमवार, 27 एप्रि | 14:30 – 18:54 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| बुधवार, 29 एप्रि | 15:12 – 18:55 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| गुरुवार, 30 एप्रि | 05:41 – 14:39 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
मे 2020 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 4 मे | 05:37 – 18:58 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशी |
| शुक्रवार, 8 मे | 08:37 – 19:00 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया |
| बुधवार, 13 मे | 05:59 – 19:03 नक्षत्र: श्रवण · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| सोमवार, 18 मे | 05:28 – 19:06 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा, रेवती · तिथी: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी |
| बुधवार, 20 मे | 05:27 – 19:08 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| सोमवार, 25 मे | 05:25 – 06:09 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| बुधवार, 27 मे | 05:24 – 19:12 नक्षत्र: पुनर्वसू, पुष्य · तिथी: शुक्ल पंचमी |
जून 2020 · 10 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 1 जून | 05:23 – 19:14 नक्षत्र: हस्त · तिथी: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
| बुधवार, 3 जून | 05:23 – 19:15 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
| सोमवार, 8 जून | 13:45 – 19:17 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| बुधवार, 10 जून | 05:22 – 19:18 नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| शुक्रवार, 12 जून | 05:22 – 18:48 नक्षत्र: शततारका · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| सोमवार, 15 जून | 05:23 – 19:20 नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण दशमी |
| बुधवार, 17 जून | 05:23 – 06:03 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| शुक्रवार, 19 जून | 10:31 – 11:01 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| सोमवार, 22 जून | 13:30 – 19:22 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल द्वितीया |
| बुधवार, 24 जून | 05:24 – 10:14 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: शुक्ल तृतीया |
जुलै 2020 · 9 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 2 जुलै | 05:27 – 19:23 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
| सोमवार, 6 जुलै | 05:29 – 19:22 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया |
| बुधवार, 8 जुलै | 05:29 – 09:19 नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 9 जुलै | 10:11 – 19:22 नक्षत्र: शततारका · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| शुक्रवार, 17 जुलै | 05:34 – 19:19 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: कृष्ण द्वादशी |
| शुक्रवार, 24 जुलै | 16:02 – 19:16 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| सोमवार, 27 जुलै | 05:39 – 07:10 नक्षत्र: चित्रा · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| बुधवार, 29 जुलै | 08:33 – 19:13 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल दशमी |
| गुरुवार, 30 जुलै | 05:41 – 07:40 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल एकादशी |
ऑगस्ट 2020 · 9 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 5 ऑग | 05:45 – 19:08 नक्षत्र: धनिष्ठा, शततारका · तिथी: कृष्ण द्वितीया |
| गुरुवार, 6 ऑग | 05:45 – 11:18 नक्षत्र: शततारका · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| सोमवार, 10 ऑग | 06:43 – 19:04 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| गुरुवार, 13 ऑग | 12:58 – 19:02 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: कृष्ण दशमी |
| शुक्रवार, 14 ऑग | 05:49 – 19:01 नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| सोमवार, 17 ऑग | 05:51 – 12:35 नक्षत्र: पुनर्वसू, पुष्य · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 21 ऑग | 05:53 – 18:54 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| सोमवार, 24 ऑग | 14:31 – 15:20 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| सोमवार, 31 ऑग | 05:58 – 08:49 नक्षत्र: श्रवण · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
सप्टेंबर 2020 · 4 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 2 सप्टें | 10:52 – 18:33 नक्षत्र: शततारका · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 4 सप्टें | 06:00 – 18:38 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
| बुधवार, 9 सप्टें | 11:15 – 18:33 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| सोमवार, 14 सप्टें | 06:05 – 15:52 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: कृष्ण द्वादशी |
ऑक्टोबर 2020 · 5 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 19 ऑक्टो | 06:24 – 14:08 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| शुक्रवार, 23 ऑक्टो | 06:27 – 06:57 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| सोमवार, 26 ऑक्टो | 06:29 – 17:40 नक्षत्र: शततारका · तिथी: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
| बुधवार, 28 ऑक्टो | 09:11 – 17:39 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
| गुरुवार, 29 ऑक्टो | 06:31 – 15:16 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा, रेवती · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
नोव्हेंबर 2020 · 8 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 11 नोव्हें | 06:40 – 17:29 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| गुरुवार, 12 नोव्हें | 06:41 – 17:28 नक्षत्र: हस्त · तिथी: कृष्ण द्वादशी |
| शुक्रवार, 13 नोव्हें | 06:42 – 17:28 नक्षत्र: चित्रा · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| गुरुवार, 19 नोव्हें | 09:38 – 17:25 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| बुधवार, 25 नोव्हें | 06:51 – 17:24 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल एकादशी |
| गुरुवार, 26 नोव्हें | 06:52 – 17:24 नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल द्वादशी |
| शुक्रवार, 27 नोव्हें | 06:53 – 17:24 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
| सोमवार, 30 नोव्हें | 14:59 – 17:23 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
डिसेंबर 2020 · 10 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 2 डिसें | 06:57 – 10:37 नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण द्वितीया |
| गुरुवार, 3 डिसें | 12:21 – 17:23 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| बुधवार, 9 डिसें | 15:17 – 17:24 नक्षत्र: हस्त · तिथी: कृष्ण दशमी |
| गुरुवार, 10 डिसें | 07:03 – 17:24 नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथी: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| शुक्रवार, 11 डिसें | 07:03 – 17:25 नक्षत्र: चित्रा, स्वाती · तिथी: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी |
| गुरुवार, 17 डिसें | 07:07 – 15:18 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| शुक्रवार, 18 डिसें | 14:23 – 17:27 नक्षत्र: श्रवण · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| गुरुवार, 24 डिसें | 07:11 – 17:30 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: शुक्ल दशमी |
| शुक्रवार, 25 डिसें | 07:11 – 07:36 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: शुक्ल एकादशी |
| गुरुवार, 31 डिसें | 07:13 – 17:34 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया |
नवी दिल्लीसाठी गणना केलेले. वेळा स्थानिक वेळेनुसार दाखवल्या आहेत; मध्यरात्र ओलांडणारी वेळ ती ज्या दिवशी सुरू होते त्या दिवसाची मानली जाते (हिंदू दिवस सूर्योदय ते सूर्योदय असतो).
वापरलेले नियम
नामकरण, म्हणजे बारसे, परंपरेने जन्मानंतर 11व्या किंवा 12व्या दिवशी केले जाते, आणि तेव्हा वेगळ्या मुहूर्ताची गरज नसते. ते नंतर करायचे असल्यास, स्थिर, चर, मृदू किंवा क्षिप्र नक्षत्र, चांगली तिथी व वार असलेला दिवस निवडला जातो, संक्रांत व ग्रहणाचे दिवस टाळून, शक्यतो सकाळी.
- चंद्राचे नक्षत्र: रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढा, उत्तरा भाद्रपदा, पुनर्वसू, स्वाती, श्रवण, धनिष्ठा, शततारका, मृग, चित्रा, अनुराधा, रेवती, अश्विनी, पुष्य, हस्त
- तिथी (शुक्ल पक्ष): प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी; (कृष्ण पक्ष): प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
- अधिक मासात मुहूर्त नाही
- संक्रांतीचा आणि ग्रहणाचा दिवस वर्ज्य
- फक्त सूर्योदय ते सूर्यास्त या काळात
या सर्वसाधारण शुभ वेळा आहेत. विधीसाठी ज्योतिषी निवडलेल्या क्षणाचे लग्न तसेच संबंधित व्यक्तींचे तारा बल आणि चंद्र बलही पाहतात — त्यामुळे एकच वेळ एका व्यक्तीला दुसऱ्यापेक्षा अधिक अनुकूल असू शकते.
ज्योतिषींकडून वैयक्तिक मुहूर्त काढून घ्या अनुभवी ज्योतिषांशी बोला.
वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
2020मध्ये नामकरण (बारसे) मुहूर्त किती आहेत?
या पानावर दिलेल्या नियमांनुसार 2020मध्ये नवी दिल्ली येथे नामकरण (बारसे) मुहूर्ताचे 101 शुभ दिवस आहेत.
काही महिन्यांत मुहूर्त का नसतात?
ऋतुनिहाय निर्बंधांमुळे मोठे कालखंड वगळले जातात: खरमास (सूर्य धनु किंवा मीन राशीत), चातुर्मास, अधिक मास आणि शुक्र किंवा गुरू अस्त असण्याचा काळ. उरलेल्या दिवसांतही योग्य नक्षत्र आणि तिथी एकत्र जुळून यावी लागते.