नामकरण मुहूर्त 2046
2046मध्ये नवी दिल्ली येथे नामकरण (बारसे) मुहूर्ताचे 97 शुभ दिवस, सर्व अटी पूर्ण होणाऱ्या वेळांसह.
पुढील नामकरण (बारसे) मुहूर्त: सोमवार, 1 जानेवारी, 2046 — 09:29 – 17:35
जानेवारी 2046 · 9 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 1 जाने | 09:29 – 17:35 नक्षत्र: चित्रा, स्वाती · तिथी: कृष्ण दशमी |
| बुधवार, 3 जाने | 13:20 – 17:36 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण द्वादशी |
| गुरुवार, 4 जाने | 07:14 – 13:50 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी |
| सोमवार, 8 जाने | 07:15 – 17:40 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया |
| बुधवार, 10 जाने | 07:15 – 16:07 नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| गुरुवार, 18 जाने | 16:31 – 17:48 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल एकादशी |
| शुक्रवार, 19 जाने | 07:14 – 17:49 नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: शुक्ल द्वादशी |
| शुक्रवार, 26 जाने | 07:12 – 17:55 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| बुधवार, 31 जाने | 07:09 – 17:59 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण दशमी |
फेब्रुवारी 2046 · 6 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 7 फेब्रु | 07:05 – 18:05 नक्षत्र: धनिष्ठा, शततारका · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया |
| गुरुवार, 8 फेब्रु | 07:04 – 11:49 नक्षत्र: शततारका · तिथी: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
| शुक्रवार, 16 फेब्रु | 06:58 – 18:12 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल दशमी |
| सोमवार, 19 फेब्रु | 06:56 – 12:23 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| गुरुवार, 22 फेब्रु | 10:37 – 18:16 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण द्वितीया |
| शुक्रवार, 23 फेब्रु | 06:52 – 18:16 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्त · तिथी: कृष्ण तृतीया |
मार्च 2046 · 6 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 5 मार्च | 06:42 – 18:23 नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 9 मार्च | 06:37 – 18:25 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल द्वितीया |
| गुरुवार, 15 मार्च | 06:31 – 10:52 नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| गुरुवार, 22 मार्च | 14:56 – 18:33 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 23 मार्च | 06:21 – 18:34 नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया |
| सोमवार, 26 मार्च | 10:03 – 18:35 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण पंचमी |
एप्रिल 2046 · 9 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 2 एप्रि | 06:10 – 18:39 नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथी: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी |
| शुक्रवार, 6 एप्रि | 17:21 – 18:41 नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा |
| बुधवार, 11 एप्रि | 06:00 – 18:44 नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| शुक्रवार, 13 एप्रि | 15:24 – 18:45 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| बुधवार, 18 एप्रि | 08:08 – 18:48 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
| गुरुवार, 19 एप्रि | 05:51 – 06:38 नक्षत्र: हस्त · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| सोमवार, 23 एप्रि | 05:47 – 16:08 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| शुक्रवार, 27 एप्रि | 05:44 – 16:07 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| सोमवार, 30 एप्रि | 05:41 – 18:55 नक्षत्र: शततारका · तिथी: कृष्ण दशमी |
मे 2046 · 11 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 2 मे | 10:05 – 18:57 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण द्वादशी |
| गुरुवार, 3 मे | 05:38 – 18:57 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा, रेवती · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| बुधवार, 9 मे | 05:34 – 09:03 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| शुक्रवार, 11 मे | 05:33 – 07:37 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| बुधवार, 16 मे | 05:29 – 19:05 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्त · तिथी: शुक्ल एकादशी |
| गुरुवार, 17 मे | 05:29 – 19:06 नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथी: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 18 मे | 05:28 – 13:48 नक्षत्र: चित्रा, स्वाती · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| गुरुवार, 24 मे | 05:26 – 19:10 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| शुक्रवार, 25 मे | 05:25 – 05:47 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| बुधवार, 30 मे | 05:24 – 19:13 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| गुरुवार, 31 मे | 05:24 – 19:14 नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी |
जून 2046 · 9 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 1 जून | 05:23 – 19:14 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: कृष्ण द्वादशी |
| गुरुवार, 7 जून | 05:22 – 17:41 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| शुक्रवार, 8 जून | 16:02 – 19:17 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| बुधवार, 13 जून | 05:33 – 19:19 नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथी: शुक्ल दशमी |
| गुरुवार, 14 जून | 05:22 – 19:20 नक्षत्र: चित्रा, स्वाती · तिथी: शुक्ल एकादशी |
| बुधवार, 20 जून | 14:08 – 19:21 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 21 जून | 05:24 – 19:03 नक्षत्र: उत्तराषाढा, श्रवण · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 28 जून | 07:20 – 19:23 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: कृष्ण दशमी |
| शुक्रवार, 29 जून | 05:26 – 09:21 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
जुलै 2046 · 11 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 2 जुलै | 05:27 – 09:40 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| बुधवार, 4 जुलै | 10:57 – 19:23 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा |
| गुरुवार, 5 जुलै | 05:28 – 19:22 नक्षत्र: पुनर्वसू, पुष्य · तिथी: शुक्ल द्वितीया |
| शुक्रवार, 6 जुलै | 05:29 – 08:13 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| सोमवार, 9 जुलै | 16:52 – 19:22 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| गुरुवार, 12 जुलै | 10:24 – 19:21 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल दशमी |
| गुरुवार, 19 जुलै | 05:35 – 19:19 नक्षत्र: श्रवण · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया |
| शुक्रवार, 20 जुलै | 05:36 – 19:18 नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथी: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
| सोमवार, 23 जुलै | 09:23 – 15:14 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| बुधवार, 25 जुलै | 05:38 – 19:16 नक्षत्र: रेवती, अश्विनी · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| सोमवार, 30 जुलै | 05:41 – 19:13 नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण द्वादशी |
ऑगस्ट 2046 · 6 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 6 ऑग | 05:45 – 19:08 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, हस्त · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| बुधवार, 8 ऑग | 05:46 – 19:06 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| शुक्रवार, 10 ऑग | 16:47 – 19:05 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल दशमी |
| बुधवार, 22 ऑग | 05:54 – 07:48 नक्षत्र: अश्विनी · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| सोमवार, 27 ऑग | 05:56 – 06:58 नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण दशमी |
| बुधवार, 29 ऑग | 05:57 – 18:46 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी |
सप्टेंबर 2046 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 3 सप्टें | 06:00 – 12:56 नक्षत्र: हस्त · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| बुधवार, 5 सप्टें | 06:01 – 06:52 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| गुरुवार, 6 सप्टें | 08:35 – 18:36 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| सोमवार, 10 सप्टें | 10:05 – 18:32 नक्षत्र: उत्तराषाढा · तिथी: शुक्ल एकादशी |
| बुधवार, 12 सप्टें | 06:04 – 18:29 नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| गुरुवार, 13 सप्टें | 06:05 – 07:32 नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| बुधवार, 26 सप्टें | 06:11 – 13:56 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: कृष्ण एकादशी |
ऑक्टोबर 2046 · 11 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 1 ऑक्टो | 06:14 – 18:07 नक्षत्र: चित्रा · तिथी: शुक्ल द्वितीया |
| गुरुवार, 4 ऑक्टो | 06:15 – 15:38 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| सोमवार, 8 ऑक्टो | 15:31 – 17:59 नक्षत्र: उत्तराषाढा, श्रवण · तिथी: शुक्ल दशमी |
| बुधवार, 10 ऑक्टो | 06:18 – 17:56 नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथी: शुक्ल एकादशी |
| गुरुवार, 11 ऑक्टो | 06:19 – 17:55 नक्षत्र: शततारका · तिथी: शुक्ल द्वादशी |
| सोमवार, 15 ऑक्टो | 06:21 – 17:51 नक्षत्र: रेवती, अश्विनी · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 19 ऑक्टो | 12:34 – 17:47 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| सोमवार, 22 ऑक्टो | 06:26 – 13:55 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| शुक्रवार, 26 ऑक्टो | 17:17 – 17:40 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण द्वादशी |
| सोमवार, 29 ऑक्टो | 16:47 – 17:38 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा |
| बुधवार, 31 ऑक्टो | 06:32 – 17:36 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
नोव्हेंबर 2046 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 7 नोव्हें | 08:50 – 17:31 नक्षत्र: शततारका · तिथी: शुक्ल दशमी |
| गुरुवार, 8 नोव्हें | 06:38 – 08:16 नक्षत्र: शततारका · तिथी: शुक्ल दशमी |
| शुक्रवार, 9 नोव्हें | 11:18 – 17:30 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशी |
| गुरुवार, 15 नोव्हें | 06:43 – 17:27 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: कृष्ण द्वितीया |
| शुक्रवार, 23 नोव्हें | 06:49 – 17:24 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण दशमी |
| सोमवार, 26 नोव्हें | 06:52 – 09:18 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| बुधवार, 28 नोव्हें | 06:53 – 12:14 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा |
डिसेंबर 2046 · 5 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 7 डिसें | 07:00 – 17:24 नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल दशमी |
| गुरुवार, 13 डिसें | 15:25 – 17:25 नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 14 डिसें | 07:05 – 09:21 नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| गुरुवार, 20 डिसें | 07:08 – 09:12 नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| सोमवार, 31 डिसें | 15:45 – 17:34 नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथी: शुक्ल पंचमी |
नवी दिल्लीसाठी गणना केलेले. वेळा स्थानिक वेळेनुसार दाखवल्या आहेत; मध्यरात्र ओलांडणारी वेळ ती ज्या दिवशी सुरू होते त्या दिवसाची मानली जाते (हिंदू दिवस सूर्योदय ते सूर्योदय असतो).
वापरलेले नियम
नामकरण, म्हणजे बारसे, परंपरेने जन्मानंतर 11व्या किंवा 12व्या दिवशी केले जाते, आणि तेव्हा वेगळ्या मुहूर्ताची गरज नसते. ते नंतर करायचे असल्यास, स्थिर, चर, मृदू किंवा क्षिप्र नक्षत्र, चांगली तिथी व वार असलेला दिवस निवडला जातो, संक्रांत व ग्रहणाचे दिवस टाळून, शक्यतो सकाळी.
- चंद्राचे नक्षत्र: रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढा, उत्तरा भाद्रपदा, पुनर्वसू, स्वाती, श्रवण, धनिष्ठा, शततारका, मृग, चित्रा, अनुराधा, रेवती, अश्विनी, पुष्य, हस्त
- तिथी (शुक्ल पक्ष): प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी; (कृष्ण पक्ष): प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
- अधिक मासात मुहूर्त नाही
- संक्रांतीचा आणि ग्रहणाचा दिवस वर्ज्य
- फक्त सूर्योदय ते सूर्यास्त या काळात
या सर्वसाधारण शुभ वेळा आहेत. विधीसाठी ज्योतिषी निवडलेल्या क्षणाचे लग्न तसेच संबंधित व्यक्तींचे तारा बल आणि चंद्र बलही पाहतात — त्यामुळे एकच वेळ एका व्यक्तीला दुसऱ्यापेक्षा अधिक अनुकूल असू शकते.
ज्योतिषींकडून वैयक्तिक मुहूर्त काढून घ्या अनुभवी ज्योतिषांशी बोला.
वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
2046मध्ये नामकरण (बारसे) मुहूर्त किती आहेत?
या पानावर दिलेल्या नियमांनुसार 2046मध्ये नवी दिल्ली येथे नामकरण (बारसे) मुहूर्ताचे 97 शुभ दिवस आहेत.
पुढील शुभ नामकरण (बारसे) मुहूर्त कधी आहे?
पुढील मुहूर्त सोमवार, 1 जानेवारी, 2046 रोजी आहे, वेळ 09:29 – 17:35.
काही महिन्यांत मुहूर्त का नसतात?
ऋतुनिहाय निर्बंधांमुळे मोठे कालखंड वगळले जातात: खरमास (सूर्य धनु किंवा मीन राशीत), चातुर्मास, अधिक मास आणि शुक्र किंवा गुरू अस्त असण्याचा काळ. उरलेल्या दिवसांतही योग्य नक्षत्र आणि तिथी एकत्र जुळून यावी लागते.