मालमत्ता खरेदी मुहूर्त 2028 — सिंगापूर
2028मध्ये सिंगापूर येथे मालमत्ता खरेदी मुहूर्ताचे 64 शुभ दिवस, सर्व अटी पूर्ण होणाऱ्या वेळांसह.
पुढील मालमत्ता खरेदी मुहूर्त: गुरुवार, 13 जानेवारी, 2028 — 19:07 – 07:11 (14 जाने)
जानेवारी 2028 · 4 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 13 जाने | 19:07 – 07:11 (14 जाने) नक्षत्र: आश्लेषा · तिथी: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
| शुक्रवार, 14 जाने | 07:11 – 07:12 (15 जाने) नक्षत्र: आश्लेषा, मघा · तिथी: कृष्ण तृतीया, कृष्ण चतुर्थी |
| गुरुवार, 20 जाने | 08:14 – 07:14 (21 जाने) नक्षत्र: विशाखा · तिथी: कृष्ण नवमी, कृष्ण दशमी |
| शुक्रवार, 21 जाने | 07:14 – 07:14 (22 जाने) नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा · तिथी: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
फेब्रुवारी 2028 · 4 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 10 फेब्रु | 07:16 – 07:16 (11 फेब्रु) नक्षत्र: आश्लेषा, मघा · तिथी: पौर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 11 फेब्रु | 07:16 – 07:16 (12 फेब्रु) नक्षत्र: मघा, पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया |
| गुरुवार, 17 फेब्रु | 07:16 – 07:16 (18 फेब्रु) नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा · तिथी: कृष्ण अष्टमी, कृष्ण नवमी |
| शुक्रवार, 18 फेब्रु | 07:16 – 15:55 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण नवमी |
मार्च 2028 · 6 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 9 मार्च | 07:12 – 07:12 (10 मार्च) नक्षत्र: आश्लेषा, मघा · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी, शुक्ल चतुर्दशी |
| शुक्रवार, 10 मार्च | 07:12 – 07:11 (11 मार्च) नक्षत्र: मघा, पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल चतुर्दशी, पौर्णिमा |
| गुरुवार, 16 मार्च | 07:10 – 23:24 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण षष्ठी, कृष्ण सप्तमी |
| शुक्रवार, 17 मार्च | 00:25 (18 मार्च) – 07:09 (18 मार्च) नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण अष्टमी |
| शुक्रवार, 24 मार्च | 16:54 – 07:07 (25 मार्च) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण चतुर्दशी |
| शुक्रवार, 31 मार्च | 04:49 (1 एप्रि) – 07:04 (1 एप्रि) नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल षष्ठी |
एप्रिल 2028 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 6 एप्रि | 07:03 – 07:02 (7 एप्रि) नक्षत्र: मघा, पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 7 एप्रि | 07:02 – 19:27 नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| गुरुवार, 13 एप्रि | 07:01 – 08:38 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण चतुर्थी |
| शुक्रवार, 14 एप्रि | 09:00 – 07:00 (15 एप्रि) नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| गुरुवार, 20 एप्रि | 23:52 – 06:58 (21 एप्रि) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण द्वादशी |
| शुक्रवार, 21 एप्रि | 06:58 – 02:38 (22 एप्रि) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 28 एप्रि | 10:20 – 06:57 (29 एप्रि) नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल चतुर्थी, शुक्ल पंचमी |
मे 2028 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 4 मे | 06:56 – 03:32 (5 मे) नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
| गुरुवार, 11 मे | 18:25 – 06:55 (12 मे) नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण तृतीया, कृष्ण चतुर्थी |
| शुक्रवार, 12 मे | 06:55 – 06:55 (13 मे) नक्षत्र: मूळ, पूर्वाषाढा · तिथी: कृष्ण चतुर्थी, कृष्ण पंचमी |
| गुरुवार, 18 मे | 07:33 – 06:55 (19 मे) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण नवमी, कृष्ण दशमी |
| शुक्रवार, 19 मे | 06:55 – 10:23 नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण दशमी |
| गुरुवार, 25 मे | 17:08 – 06:56 (26 मे) नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल द्वितीया |
| शुक्रवार, 26 मे | 06:56 – 16:37 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
जून 2028 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 1 जून | 06:56 – 09:26 नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल नवमी |
| गुरुवार, 8 जून | 06:57 – 06:58 (9 जून) नक्षत्र: मूळ, पूर्वाषाढा · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया |
| शुक्रवार, 9 जून | 06:58 – 05:22 (10 जून) नक्षत्र: पूर्वाषाढा · तिथी: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 15 जून | 06:59 – 18:28 नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण अष्टमी |
| शुक्रवार, 16 जून | 21:07 – 06:59 (17 जून) नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण नवमी, कृष्ण दशमी |
| गुरुवार, 22 जून | 07:00 – 00:52 (23 जून) नक्षत्र: मृग · तिथी: अमावास्या |
| शुक्रवार, 23 जून | 23:35 – 07:01 (24 जून) नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया |
जुलै 2028 · 6 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 6 जुलै | 07:03 – 07:03 (7 जुलै) नक्षत्र: मूळ, पूर्वाषाढा · तिथी: पौर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 7 जुलै | 07:03 – 13:12 नक्षत्र: पूर्वाषाढा · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| गुरुवार, 13 जुलै | 05:03 (14 जुलै) – 07:04 (14 जुलै) नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| शुक्रवार, 14 जुलै | 07:04 – 07:05 (15 जुलै) नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण सप्तमी, कृष्ण अष्टमी |
| गुरुवार, 20 जुलै | 07:05 – 10:38 नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 21 जुलै | 09:13 – 07:05 (22 जुलै) नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: कृष्ण चतुर्दशी, अमावास्या |
ऑगस्ट 2028 · 6 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 3 ऑग | 07:05 – 19:48 नक्षत्र: पूर्वाषाढा · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी, शुक्ल चतुर्दशी |
| गुरुवार, 10 ऑग | 12:07 – 07:05 (11 ऑग) नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| शुक्रवार, 11 ऑग | 07:05 – 14:52 नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण षष्ठी |
| गुरुवार, 17 ऑग | 19:30 – 07:03 (18 ऑग) नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 18 ऑग | 07:03 – 17:48 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 25 ऑग | 22:19 – 07:02 (26 ऑग) नक्षत्र: विशाखा · तिथी: शुक्ल षष्ठी, शुक्ल सप्तमी |
सप्टेंबर 2028 · 4 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 7 सप्टें | 06:58 – 21:06 नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण तृतीया, कृष्ण चतुर्थी |
| गुरुवार, 14 सप्टें | 06:56 – 03:44 (15 सप्टें) नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| शुक्रवार, 15 सप्टें | 02:00 (16 सप्टें) – 06:56 (16 सप्टें) नक्षत्र: आश्लेषा · तिथी: कृष्ण द्वादशी |
| शुक्रवार, 22 सप्टें | 06:59 – 06:53 (23 सप्टें) नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा · तिथी: शुक्ल चतुर्थी, शुक्ल पंचमी |
ऑक्टोबर 2028 · 4 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 12 ऑक्टो | 06:48 – 11:41 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: कृष्ण अष्टमी, कृष्ण नवमी |
| शुक्रवार, 13 ऑक्टो | 10:44 – 06:48 (14 ऑक्टो) नक्षत्र: आश्लेषा · तिथी: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| गुरुवार, 19 ऑक्टो | 17:28 – 06:47 (20 ऑक्टो) नक्षत्र: विशाखा · तिथी: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
| शुक्रवार, 20 ऑक्टो | 06:47 – 06:46 (21 ऑक्टो) नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा · तिथी: शुक्ल तृतीया, शुक्ल चतुर्थी |
नोव्हेंबर 2028 · 4 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 9 नोव्हें | 17:06 – 06:46 (10 नोव्हें) नक्षत्र: आश्लेषा · तिथी: कृष्ण सप्तमी, कृष्ण अष्टमी |
| शुक्रवार, 10 नोव्हें | 06:46 – 06:46 (11 नोव्हें) नक्षत्र: आश्लेषा, मघा · तिथी: कृष्ण अष्टमी, कृष्ण नवमी |
| गुरुवार, 16 नोव्हें | 06:47 – 06:48 (17 नोव्हें) नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा · तिथी: अमावास्या, शुक्ल प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 17 नोव्हें | 06:48 – 00:32 (18 नोव्हें) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया |
डिसेंबर 2028 · 5 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 7 डिसें | 06:54 – 06:55 (8 डिसें) नक्षत्र: आश्लेषा, मघा · तिथी: कृष्ण षष्ठी, कृष्ण सप्तमी |
| शुक्रवार, 8 डिसें | 06:55 – 06:55 (9 डिसें) नक्षत्र: मघा, पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण सप्तमी, कृष्ण अष्टमी |
| गुरुवार, 14 डिसें | 06:58 – 06:58 (15 डिसें) नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी, कृष्ण चतुर्दशी |
| शुक्रवार, 15 डिसें | 06:58 – 10:13 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण चतुर्दशी |
| शुक्रवार, 22 डिसें | 16:43 – 07:02 (23 डिसें) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
सिंगापूरसाठी गणना केलेले. वेळा स्थानिक वेळेनुसार दाखवल्या आहेत; मध्यरात्र ओलांडणारी वेळ ती ज्या दिवशी सुरू होते त्या दिवसाची मानली जाते (हिंदू दिवस सूर्योदय ते सूर्योदय असतो).
वापरलेले नियम
जमीन, घर किंवा फ्लॅट खरेदी करण्यासाठी किंवा त्याची नोंदणी करण्यासाठी पारंपरिक निवड म्हणजे भूमी खरेदीसाठी सुचवलेल्या नक्षत्रांपैकी एक असलेला गुरुवार किंवा शुक्रवार. अधिक मास टाळले जातात.
- चंद्राचे नक्षत्र: मृग, पुनर्वसू, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, विशाखा, अनुराधा, मूळ, पूर्वाषाढा, पूर्वा भाद्रपदा, रेवती
- वार: गुरुवार, शुक्रवार
- अधिक मासात मुहूर्त नाही
या सर्वसाधारण शुभ वेळा आहेत. विधीसाठी ज्योतिषी निवडलेल्या क्षणाचे लग्न तसेच संबंधित व्यक्तींचे तारा बल आणि चंद्र बलही पाहतात — त्यामुळे एकच वेळ एका व्यक्तीला दुसऱ्यापेक्षा अधिक अनुकूल असू शकते.
ज्योतिषींकडून वैयक्तिक मुहूर्त काढून घ्या अनुभवी ज्योतिषांशी बोला.
वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
2028मध्ये मालमत्ता खरेदी मुहूर्त किती आहेत?
या पानावर दिलेल्या नियमांनुसार 2028मध्ये सिंगापूर येथे मालमत्ता खरेदी मुहूर्ताचे 64 शुभ दिवस आहेत.
पुढील शुभ मालमत्ता खरेदी मुहूर्त कधी आहे?
पुढील मुहूर्त गुरुवार, 13 जानेवारी, 2028 रोजी आहे, वेळ 19:07 – 07:11 (14 जाने).
काही महिन्यांत मुहूर्त का नसतात?
ऋतुनिहाय निर्बंधांमुळे मोठे कालखंड वगळले जातात: खरमास (सूर्य धनु किंवा मीन राशीत), चातुर्मास, अधिक मास आणि शुक्र किंवा गुरू अस्त असण्याचा काळ. उरलेल्या दिवसांतही योग्य नक्षत्र आणि तिथी एकत्र जुळून यावी लागते.