मालमत्ता खरेदी मुहूर्त 2067
2067मध्ये नवी दिल्ली येथे मालमत्ता खरेदी मुहूर्ताचे 64 शुभ दिवस, सर्व अटी पूर्ण होणाऱ्या वेळांसह.
पुढील मालमत्ता खरेदी मुहूर्त: गुरुवार, 6 जानेवारी, 2067 — 07:14 – 19:16
जानेवारी 2067 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 6 जाने | 07:14 – 19:16 नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| गुरुवार, 13 जाने | 16:22 – 07:14 (14 जाने) नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी, कृष्ण चतुर्दशी |
| शुक्रवार, 14 जाने | 07:14 – 07:14 (15 जाने) नक्षत्र: मूळ, पूर्वाषाढा · तिथी: कृष्ण चतुर्दशी, अमावास्या |
| गुरुवार, 20 जाने | 21:48 – 07:13 (21 जाने) नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल षष्ठी, शुक्ल सप्तमी |
| शुक्रवार, 21 जाने | 07:13 – 21:54 नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| गुरुवार, 27 जाने | 07:11 – 08:32 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 28 जाने | 11:41 – 07:10 (29 जाने) नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल चतुर्दशी |
फेब्रुवारी 2067 · 5 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 10 फेब्रु | 07:03 – 07:02 (11 फेब्रु) नक्षत्र: मूळ, पूर्वाषाढा · तिथी: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी |
| शुक्रवार, 11 फेब्रु | 07:02 – 21:40 नक्षत्र: पूर्वाषाढा · तिथी: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी |
| गुरुवार, 17 फेब्रु | 07:21 – 06:41 (18 फेब्रु) नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल चतुर्थी, शुक्ल पंचमी |
| गुरुवार, 24 फेब्रु | 18:16 – 06:50 (25 फेब्रु) नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल एकादशी, शुक्ल द्वादशी |
| शुक्रवार, 25 फेब्रु | 06:50 – 21:24 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल द्वादशी |
मार्च 2067 · 1 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 10 मार्च | 06:36 – 06:15 (11 मार्च) नक्षत्र: मूळ, पूर्वाषाढा · तिथी: कृष्ण नवमी, कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
एप्रिल 2067 · 3 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 21 एप्रि | 05:49 – 12:46 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल सप्तमी, शुक्ल अष्टमी |
| शुक्रवार, 22 एप्रि | 15:48 – 05:47 (23 एप्रि) नक्षत्र: आश्लेषा · तिथी: शुक्ल नवमी |
| शुक्रवार, 29 एप्रि | 00:06 (30 एप्रि) – 05:41 (30 एप्रि) नक्षत्र: विशाखा · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
मे 2067 · 3 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 19 मे | 23:47 – 05:27 (20 मे) नक्षत्र: आश्लेषा · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| शुक्रवार, 20 मे | 05:27 – 05:27 (21 मे) नक्षत्र: आश्लेषा, मघा · तिथी: शुक्ल सप्तमी, शुक्ल अष्टमी |
| शुक्रवार, 27 मे | 09:27 – 05:24 (28 मे) नक्षत्र: विशाखा · तिथी: शुक्ल चतुर्दशी, पौर्णिमा |
जून 2067 · 4 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 16 जून | 07:08 – 05:23 (17 जून) नक्षत्र: आश्लेषा · तिथी: शुक्ल चतुर्थी, शुक्ल पंचमी |
| शुक्रवार, 17 जून | 05:23 – 05:23 (18 जून) नक्षत्र: आश्लेषा, मघा · तिथी: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| गुरुवार, 23 जून | 19:21 – 05:24 (24 जून) नक्षत्र: विशाखा · तिथी: शुक्ल द्वादशी |
| शुक्रवार, 24 जून | 05:24 – 05:25 (25 जून) नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा · तिथी: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
जुलै 2067 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 1 जुलै | 00:08 (2 जुलै) – 05:27 (2 जुलै) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण षष्ठी |
| शुक्रवार, 8 जुलै | 02:39 (9 जुलै) – 05:30 (9 जुलै) नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| गुरुवार, 14 जुलै | 05:32 – 05:33 (15 जुलै) नक्षत्र: आश्लेषा, मघा · तिथी: शुक्ल तृतीया, शुक्ल चतुर्थी |
| शुक्रवार, 15 जुलै | 05:33 – 05:33 (16 जुलै) नक्षत्र: मघा, पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल चतुर्थी, शुक्ल पंचमी |
| गुरुवार, 21 जुलै | 05:36 – 05:37 (22 जुलै) नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा · तिथी: शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी |
| शुक्रवार, 22 जुलै | 05:37 – 03:05 (23 जुलै) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
| शुक्रवार, 29 जुलै | 08:48 – 05:41 (30 जुलै) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण चतुर्थी, कृष्ण पंचमी |
ऑगस्ट 2067 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 5 ऑग | 08:19 – 05:45 (6 ऑग) नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी |
| गुरुवार, 11 ऑग | 05:48 – 05:48 (12 ऑग) नक्षत्र: मघा, पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया |
| शुक्रवार, 12 ऑग | 05:48 – 04:17 (13 ऑग) नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
| गुरुवार, 18 ऑग | 05:52 – 05:52 (19 ऑग) नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा · तिथी: शुक्ल अष्टमी, शुक्ल नवमी |
| शुक्रवार, 19 ऑग | 05:52 – 11:41 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल नवमी |
| गुरुवार, 25 ऑग | 19:14 – 05:56 (26 ऑग) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण द्वितीया |
| शुक्रवार, 26 ऑग | 05:56 – 16:33 नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
सप्टेंबर 2067 · 10 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 1 सप्टें | 14:39 – 05:59 (2 सप्टें) नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण नवमी |
| शुक्रवार, 2 सप्टें | 05:59 – 16:57 नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण नवमी, कृष्ण दशमी |
| गुरुवार, 8 सप्टें | 06:02 – 06:03 (9 सप्टें) नक्षत्र: मघा, पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: अमावास्या, शुक्ल प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 9 सप्टें | 06:03 – 10:08 नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा |
| गुरुवार, 15 सप्टें | 06:06 – 18:10 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
| शुक्रवार, 16 सप्टें | 17:51 – 06:07 (17 सप्टें) नक्षत्र: मूळ · तिथी: शुक्ल अष्टमी, शुक्ल नवमी |
| गुरुवार, 22 सप्टें | 06:09 – 03:14 (23 सप्टें) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल चतुर्दशी, पौर्णिमा |
| शुक्रवार, 23 सप्टें | 00:52 (24 सप्टें) – 06:10 (24 सप्टें) नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया |
| गुरुवार, 29 सप्टें | 06:12 – 00:17 (30 सप्टें) नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण सप्तमी, कृष्ण अष्टमी |
| शुक्रवार, 30 सप्टें | 02:43 (1 ऑक्टो) – 06:14 (1 ऑक्टो) नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: कृष्ण नवमी |
ऑक्टोबर 2067 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 6 ऑक्टो | 06:16 – 16:51 नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी, कृष्ण चतुर्दशी |
| गुरुवार, 13 ऑक्टो | 23:22 – 06:21 (14 ऑक्टो) नक्षत्र: मूळ · तिथी: शुक्ल षष्ठी |
| शुक्रवार, 14 ऑक्टो | 06:21 – 06:21 (15 ऑक्टो) नक्षत्र: मूळ, पूर्वाषाढा · तिथी: शुक्ल षष्ठी, शुक्ल सप्तमी |
| गुरुवार, 20 ऑक्टो | 06:24 – 12:52 नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 21 ऑक्टो | 10:53 – 06:26 (22 ऑक्टो) नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल चतुर्दशी, पौर्णिमा |
| गुरुवार, 27 ऑक्टो | 06:29 – 08:54 नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| शुक्रवार, 28 ऑक्टो | 10:54 – 06:30 (29 ऑक्टो) नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: कृष्ण षष्ठी, कृष्ण सप्तमी |
नोव्हेंबर 2067 · 6 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 10 नोव्हें | 06:39 – 06:40 (11 नोव्हें) नक्षत्र: मूळ, पूर्वाषाढा · तिथी: शुक्ल चतुर्थी, शुक्ल पंचमी |
| शुक्रवार, 11 नोव्हें | 06:40 – 03:12 (12 नोव्हें) नक्षत्र: पूर्वाषाढा · तिथी: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| गुरुवार, 17 नोव्हें | 18:50 – 06:45 (18 नोव्हें) नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल द्वादशी |
| शुक्रवार, 18 नोव्हें | 06:45 – 17:41 नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी |
| गुरुवार, 24 नोव्हें | 19:42 – 06:51 (25 नोव्हें) नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: कृष्ण चतुर्थी |
| शुक्रवार, 25 नोव्हें | 06:51 – 21:56 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: कृष्ण चतुर्थी, कृष्ण पंचमी |
डिसेंबर 2067 · 4 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 8 डिसें | 07:01 – 07:02 (9 डिसें) नक्षत्र: मूळ, पूर्वाषाढा · तिथी: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
| शुक्रवार, 9 डिसें | 07:02 – 09:57 नक्षत्र: पूर्वाषाढा · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| गुरुवार, 15 डिसें | 07:05 – 23:59 नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
| गुरुवार, 22 डिसें | 07:09 – 06:09 (23 डिसें) नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
नवी दिल्लीसाठी गणना केलेले. वेळा स्थानिक वेळेनुसार दाखवल्या आहेत; मध्यरात्र ओलांडणारी वेळ ती ज्या दिवशी सुरू होते त्या दिवसाची मानली जाते (हिंदू दिवस सूर्योदय ते सूर्योदय असतो).
वापरलेले नियम
जमीन, घर किंवा फ्लॅट खरेदी करण्यासाठी किंवा त्याची नोंदणी करण्यासाठी पारंपरिक निवड म्हणजे भूमी खरेदीसाठी सुचवलेल्या नक्षत्रांपैकी एक असलेला गुरुवार किंवा शुक्रवार. अधिक मास टाळले जातात.
- चंद्राचे नक्षत्र: मृग, पुनर्वसू, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, विशाखा, अनुराधा, मूळ, पूर्वाषाढा, पूर्वा भाद्रपदा, रेवती
- वार: गुरुवार, शुक्रवार
- अधिक मासात मुहूर्त नाही
या सर्वसाधारण शुभ वेळा आहेत. विधीसाठी ज्योतिषी निवडलेल्या क्षणाचे लग्न तसेच संबंधित व्यक्तींचे तारा बल आणि चंद्र बलही पाहतात — त्यामुळे एकच वेळ एका व्यक्तीला दुसऱ्यापेक्षा अधिक अनुकूल असू शकते.
ज्योतिषींकडून वैयक्तिक मुहूर्त काढून घ्या अनुभवी ज्योतिषांशी बोला.
वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
2067मध्ये मालमत्ता खरेदी मुहूर्त किती आहेत?
या पानावर दिलेल्या नियमांनुसार 2067मध्ये नवी दिल्ली येथे मालमत्ता खरेदी मुहूर्ताचे 64 शुभ दिवस आहेत.
पुढील शुभ मालमत्ता खरेदी मुहूर्त कधी आहे?
पुढील मुहूर्त गुरुवार, 6 जानेवारी, 2067 रोजी आहे, वेळ 07:14 – 19:16.
काही महिन्यांत मुहूर्त का नसतात?
ऋतुनिहाय निर्बंधांमुळे मोठे कालखंड वगळले जातात: खरमास (सूर्य धनु किंवा मीन राशीत), चातुर्मास, अधिक मास आणि शुक्र किंवा गुरू अस्त असण्याचा काळ. उरलेल्या दिवसांतही योग्य नक्षत्र आणि तिथी एकत्र जुळून यावी लागते.