मालमत्ता खरेदी मुहूर्त 2086
2086मध्ये नवी दिल्ली येथे मालमत्ता खरेदी मुहूर्ताचे 63 शुभ दिवस, सर्व अटी पूर्ण होणाऱ्या वेळांसह.
पुढील मालमत्ता खरेदी मुहूर्त: गुरुवार, 3 जानेवारी, 2086 — 07:14 – 07:14 (4 जाने)
जानेवारी 2086 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 3 जाने | 07:14 – 07:14 (4 जाने) नक्षत्र: आश्लेषा, मघा · तिथी: कृष्ण तृतीया, कृष्ण चतुर्थी |
| शुक्रवार, 4 जाने | 07:14 – 07:14 (5 जाने) नक्षत्र: मघा, पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण चतुर्थी, कृष्ण पंचमी |
| गुरुवार, 10 जाने | 12:48 – 07:15 (11 जाने) नक्षत्र: विशाखा · तिथी: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| शुक्रवार, 11 जाने | 07:15 – 07:14 (12 जाने) नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा · तिथी: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी |
| शुक्रवार, 18 जाने | 00:39 (19 जाने) – 07:14 (19 जाने) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल चतुर्थी, शुक्ल पंचमी |
| शुक्रवार, 25 जाने | 19:13 – 07:11 (26 जाने) नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल द्वादशी |
| गुरुवार, 31 जाने | 07:09 – 07:08 (1 फेब्रु) नक्षत्र: मघा · तिथी: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
फेब्रुवारी 2086 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 1 फेब्रु | 07:08 – 07:08 (2 फेब्रु) नक्षत्र: मघा, पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण तृतीया, कृष्ण चतुर्थी |
| गुरुवार, 7 फेब्रु | 07:05 – 07:04 (8 फेब्रु) नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा · तिथी: कृष्ण अष्टमी, कृष्ण नवमी |
| शुक्रवार, 8 फेब्रु | 07:04 – 23:37 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण नवमी, कृष्ण दशमी |
| शुक्रवार, 15 फेब्रु | 10:27 – 06:58 (16 फेब्रु) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
| गुरुवार, 21 फेब्रु | 00:45 (22 फेब्रु) – 06:52 (22 फेब्रु) नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल नवमी |
| शुक्रवार, 22 फेब्रु | 06:52 – 01:58 (23 फेब्रु) नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल नवमी, शुक्ल दशमी |
| गुरुवार, 28 फेब्रु | 06:46 – 06:45 (1 मार्च) नक्षत्र: मघा, पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: पौर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
मार्च 2086 · 5 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 1 मार्च | 06:45 – 16:48 नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
| गुरुवार, 7 मार्च | 06:39 – 06:38 (8 मार्च) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण षष्ठी, कृष्ण सप्तमी |
| शुक्रवार, 8 मार्च | 06:38 – 07:23 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण सप्तमी |
| गुरुवार, 14 मार्च | 21:44 – 06:30 (15 मार्च) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: अमावास्या |
| शुक्रवार, 15 मार्च | 06:30 – 13:35 नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: अमावास्या |
एप्रिल 2086 · 2 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 18 एप्रि | 05:52 – 16:34 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| शुक्रवार, 19 एप्रि | 17:18 – 05:50 (20 एप्रि) नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
मे 2086 · 8 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 2 मे | 20:01 – 05:38 (3 मे) नक्षत्र: मूळ · तिथी: कृष्ण चतुर्थी |
| शुक्रवार, 3 मे | 05:38 – 05:37 (4 मे) नक्षत्र: मूळ, पूर्वाषाढा · तिथी: कृष्ण चतुर्थी, कृष्ण पंचमी |
| गुरुवार, 9 मे | 05:34 – 14:16 नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| शुक्रवार, 10 मे | 12:00 – 05:32 (11 मे) नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी |
| गुरुवार, 16 मे | 02:21 (17 मे) – 05:29 (17 मे) नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| शुक्रवार, 17 मे | 05:29 – 03:16 (18 मे) नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| गुरुवार, 30 मे | 05:24 – 05:24 (31 मे) नक्षत्र: मूळ, पूर्वाषाढा · तिथी: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
| शुक्रवार, 31 मे | 05:24 – 02:18 (1 जून) नक्षत्र: पूर्वाषाढा · तिथी: कृष्ण तृतीया, कृष्ण चतुर्थी |
जून 2086 · 6 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 6 जून | 19:05 – 05:23 (7 जून) नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| शुक्रवार, 7 जून | 05:23 – 17:23 नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| गुरुवार, 13 जून | 11:41 – 05:23 (14 जून) नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
| शुक्रवार, 14 जून | 05:23 – 12:19 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| गुरुवार, 27 जून | 05:25 – 05:26 (28 जून) नक्षत्र: मूळ, पूर्वाषाढा · तिथी: पौर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया |
| शुक्रवार, 28 जून | 05:26 – 09:22 नक्षत्र: पूर्वाषाढा · तिथी: कृष्ण द्वितीया |
जुलै 2086 · 4 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 4 जुलै | 05:28 – 23:10 नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण अष्टमी, कृष्ण नवमी |
| गुरुवार, 11 जुलै | 05:31 – 20:46 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 12 जुलै | 22:00 – 05:32 (13 जुलै) नक्षत्र: आश्लेषा · तिथी: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
| गुरुवार, 25 जुलै | 05:39 – 18:19 नक्षत्र: पूर्वाषाढा · तिथी: शुक्ल चतुर्दशी, पौर्णिमा |
ऑगस्ट 2086 · 3 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 8 ऑग | 05:18 (9 ऑग) – 05:47 (9 ऑग) नक्षत्र: आश्लेषा · तिथी: अमावास्या |
| शुक्रवार, 9 ऑग | 05:47 – 05:47 (10 ऑग) नक्षत्र: आश्लेषा · तिथी: अमावास्या, शुक्ल प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 16 ऑग | 23:41 – 05:51 (17 ऑग) नक्षत्र: विशाखा · तिथी: शुक्ल सप्तमी |
सप्टेंबर 2086 · 3 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 5 सप्टें | 11:24 – 06:01 (6 सप्टें) नक्षत्र: आश्लेषा · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी, कृष्ण चतुर्दशी |
| शुक्रवार, 6 सप्टें | 06:01 – 06:02 (7 सप्टें) नक्षत्र: आश्लेषा, मघा · तिथी: कृष्ण चतुर्दशी, अमावास्या |
| शुक्रवार, 13 सप्टें | 06:30 – 06:05 (14 सप्टें) नक्षत्र: विशाखा · तिथी: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
ऑक्टोबर 2086 · 6 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 3 ऑक्टो | 06:15 – 06:15 (4 ऑक्टो) नक्षत्र: आश्लेषा, मघा · तिथी: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी |
| शुक्रवार, 4 ऑक्टो | 06:15 – 06:16 (5 ऑक्टो) नक्षत्र: मघा, पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी |
| गुरुवार, 10 ऑक्टो | 12:28 – 06:19 (11 ऑक्टो) नक्षत्र: विशाखा · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| शुक्रवार, 11 ऑक्टो | 06:19 – 06:20 (12 ऑक्टो) नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा · तिथी: शुक्ल तृतीया, शुक्ल चतुर्थी |
| शुक्रवार, 25 ऑक्टो | 22:53 – 06:29 (26 ऑक्टो) नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण चतुर्थी, कृष्ण पंचमी |
| गुरुवार, 31 ऑक्टो | 06:32 – 06:33 (1 नोव्हें) नक्षत्र: मघा, पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
नोव्हेंबर 2086 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 1 नोव्हें | 06:33 – 06:33 (2 नोव्हें) नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| गुरुवार, 7 नोव्हें | 06:37 – 06:38 (8 नोव्हें) नक्षत्र: विशाखा, अनुराधा · तिथी: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया |
| शुक्रवार, 8 नोव्हें | 06:38 – 23:21 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया |
| शुक्रवार, 15 नोव्हें | 01:45 (16 नोव्हें) – 06:44 (16 नोव्हें) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल दशमी |
| शुक्रवार, 22 नोव्हें | 09:37 – 06:50 (23 नोव्हें) नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 28 नोव्हें | 06:54 – 06:54 (29 नोव्हें) नक्षत्र: मघा, पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण अष्टमी, कृष्ण नवमी |
| शुक्रवार, 29 नोव्हें | 06:54 – 13:36 नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण नवमी |
डिसेंबर 2086 · 5 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 5 डिसें | 06:59 – 05:52 (6 डिसें) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण चतुर्दशी, अमावास्या |
| शुक्रवार, 13 डिसें | 07:55 – 06:43 (14 डिसें) नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपदा · तिथी: शुक्ल सप्तमी, शुक्ल अष्टमी |
| गुरुवार, 19 डिसें | 20:08 – 07:09 (20 डिसें) नक्षत्र: मृग · तिथी: पौर्णिमा |
| शुक्रवार, 20 डिसें | 07:09 – 18:40 नक्षत्र: मृग · तिथी: पौर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| गुरुवार, 26 डिसें | 07:11 – 21:43 नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी · तिथी: कृष्ण षष्ठी, कृष्ण सप्तमी |
नवी दिल्लीसाठी गणना केलेले. वेळा स्थानिक वेळेनुसार दाखवल्या आहेत; मध्यरात्र ओलांडणारी वेळ ती ज्या दिवशी सुरू होते त्या दिवसाची मानली जाते (हिंदू दिवस सूर्योदय ते सूर्योदय असतो).
वापरलेले नियम
जमीन, घर किंवा फ्लॅट खरेदी करण्यासाठी किंवा त्याची नोंदणी करण्यासाठी पारंपरिक निवड म्हणजे भूमी खरेदीसाठी सुचवलेल्या नक्षत्रांपैकी एक असलेला गुरुवार किंवा शुक्रवार. अधिक मास टाळले जातात.
- चंद्राचे नक्षत्र: मृग, पुनर्वसू, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, विशाखा, अनुराधा, मूळ, पूर्वाषाढा, पूर्वा भाद्रपदा, रेवती
- वार: गुरुवार, शुक्रवार
- अधिक मासात मुहूर्त नाही
या सर्वसाधारण शुभ वेळा आहेत. विधीसाठी ज्योतिषी निवडलेल्या क्षणाचे लग्न तसेच संबंधित व्यक्तींचे तारा बल आणि चंद्र बलही पाहतात — त्यामुळे एकच वेळ एका व्यक्तीला दुसऱ्यापेक्षा अधिक अनुकूल असू शकते.
ज्योतिषींकडून वैयक्तिक मुहूर्त काढून घ्या अनुभवी ज्योतिषांशी बोला.
वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
2086मध्ये मालमत्ता खरेदी मुहूर्त किती आहेत?
या पानावर दिलेल्या नियमांनुसार 2086मध्ये नवी दिल्ली येथे मालमत्ता खरेदी मुहूर्ताचे 63 शुभ दिवस आहेत.
पुढील शुभ मालमत्ता खरेदी मुहूर्त कधी आहे?
पुढील मुहूर्त गुरुवार, 3 जानेवारी, 2086 रोजी आहे, वेळ 07:14 – 07:14 (4 जाने).
काही महिन्यांत मुहूर्त का नसतात?
ऋतुनिहाय निर्बंधांमुळे मोठे कालखंड वगळले जातात: खरमास (सूर्य धनु किंवा मीन राशीत), चातुर्मास, अधिक मास आणि शुक्र किंवा गुरू अस्त असण्याचा काळ. उरलेल्या दिवसांतही योग्य नक्षत्र आणि तिथी एकत्र जुळून यावी लागते.