वाहन खरेदी मुहूर्त 2061
2061मध्ये नवी दिल्ली येथे वाहन खरेदी मुहूर्ताचे 89 शुभ दिवस, सर्व अटी पूर्ण होणाऱ्या वेळांसह.
पुढील वाहन खरेदी मुहूर्त: सोमवार, 3 जानेवारी, 2061 — 16:23 – 07:14 (4 जाने)
जानेवारी 2061 · 11 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 3 जाने | 16:23 – 07:14 (4 जाने) नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| गुरुवार, 6 जाने | 07:14 – 13:45 15:03 – 05:36 (7 जाने) नक्षत्र: पुनर्वसू, पुष्य · तिथी: पौर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| गुरुवार, 13 जाने | 07:15 – 13:48 15:07 – 07:14 (14 जाने) नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथी: कृष्ण अष्टमी |
| शुक्रवार, 14 जाने | 07:14 – 08:45 नक्षत्र: चित्रा · तिथी: कृष्ण अष्टमी |
| रविवार, 16 जाने | 17:47 – 07:14 (17 जाने) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| सोमवार, 17 जाने | 07:14 – 08:33 09:52 – 16:33 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| रविवार, 23 जाने | 19:47 – 07:12 (24 जाने) नक्षत्र: धनिष्ठा, शततारका · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| सोमवार, 24 जाने | 07:12 – 08:32 09:53 – 18:47 नक्षत्र: शततारका · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| गुरुवार, 27 जाने | 07:11 – 13:54 नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल षष्ठी |
| रविवार, 30 जाने | 18:42 – 07:09 (31 जाने) नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
| सोमवार, 31 जाने | 07:09 – 08:30 09:52 – 04:15 (1 फेब्रु) नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: शुक्ल एकादशी |
फेब्रुवारी 2061 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 2 फेब्रु | 14:18 – 00:03 (3 फेब्रु) नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 4 फेब्रु | 07:07 – 11:13 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: पौर्णिमा |
| बुधवार, 9 फेब्रु | 07:03 – 12:35 13:58 – 07:03 (10 फेब्रु) नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथी: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| गुरुवार, 10 फेब्रु | 07:03 – 13:58 15:21 – 01:25 (11 फेब्रु) नक्षत्र: चित्रा, स्वाती · तिथी: कृष्ण षष्ठी |
| शुक्रवार, 18 फेब्रु | 10:19 – 11:10 नक्षत्र: श्रवण · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| रविवार, 27 फेब्रु | 06:47 – 16:53 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल अष्टमी |
| सोमवार, 28 फेब्रु | 16:32 – 21:42 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल दशमी |
मार्च 2061 · 6 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 2 मार्च | 06:44 – 12:33 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल एकादशी |
| गुरुवार, 3 मार्च | 12:22 – 14:00 15:27 – 19:47 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| बुधवार, 9 मार्च | 06:37 – 12:31 14:00 – 15:05 नक्षत्र: चित्रा · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 10 मार्च | 17:18 – 06:00 (11 मार्च) नक्षत्र: स्वाती · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| गुरुवार, 17 मार्च | 19:53 – 05:25 (18 मार्च) नक्षत्र: श्रवण · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| बुधवार, 30 मार्च | 06:13 – 12:25 13:58 – 01:33 (31 मार्च) नक्षत्र: पुष्य · तिथी: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
एप्रिल 2061 · 8 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 4 एप्रि | 06:07 – 07:41 09:15 – 06:06 (5 एप्रि) नक्षत्र: हस्त · तिथी: पौर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| गुरुवार, 7 एप्रि | 07:28 – 13:23 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 14 एप्रि | 20:37 – 05:55 (15 एप्रि) नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथी: कृष्ण दशमी |
| शुक्रवार, 15 एप्रि | 05:55 – 10:44 12:21 – 05:54 (16 एप्रि) नक्षत्र: धनिष्ठा, शततारका · तिथी: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| शुक्रवार, 22 एप्रि | 14:59 – 21:59 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| रविवार, 24 एप्रि | 05:46 – 10:20 नक्षत्र: मृग · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| सोमवार, 25 एप्रि | 09:02 – 13:41 नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: शुक्ल षष्ठी |
| बुधवार, 27 एप्रि | 05:43 – 07:11 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: शुक्ल अष्टमी |
मे 2061 · 7 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| रविवार, 1 मे | 13:21 – 17:17 18:56 – 05:39 (2 मे) नक्षत्र: हस्त · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| सोमवार, 2 मे | 05:39 – 07:19 08:58 – 15:11 नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| बुधवार, 4 मे | 05:37 – 12:18 13:58 – 19:52 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: पौर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| गुरुवार, 12 मे | 09:29 – 13:59 15:40 – 05:31 (13 मे) नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथी: कृष्ण अष्टमी |
| शुक्रवार, 13 मे | 05:31 – 09:40 नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथी: कृष्ण अष्टमी |
| सोमवार, 23 मे | 05:26 – 07:09 08:52 – 05:26 (24 मे) नक्षत्र: पुनर्वसू, पुष्य · तिथी: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| रविवार, 29 मे | 05:24 – 17:29 19:13 – 01:56 (30 मे) नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथी: शुक्ल एकादशी |
जून 2061 · 13 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 2 जून | 09:13 – 14:03 15:47 – 05:23 (3 जून) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: पौर्णिमा |
| शुक्रवार, 3 जून | 05:23 – 07:57 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: पौर्णिमा |
| बुधवार, 8 जून | 05:22 – 12:20 14:04 – 05:22 (9 जून) नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथी: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| गुरुवार, 9 जून | 05:22 – 14:05 15:49 – 20:36 नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथी: कृष्ण षष्ठी |
| शुक्रवार, 10 जून | 20:29 – 21:19 नक्षत्र: शततारका · तिथी: कृष्ण अष्टमी |
| रविवार, 12 जून | 20:34 – 05:22 (13 जून) नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण दशमी |
| सोमवार, 13 जून | 05:22 – 07:07 08:52 – 19:15 नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| रविवार, 19 जून | 16:36 – 17:36 19:21 – 05:23 (20 जून) नक्षत्र: पुनर्वसू, पुष्य · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| सोमवार, 20 जून | 05:23 – 07:08 08:53 – 13:46 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| रविवार, 26 जून | 12:47 – 17:38 19:22 – 05:25 (27 जून) नक्षत्र: चित्रा, स्वाती · तिथी: शुक्ल दशमी |
| सोमवार, 27 जून | 05:25 – 07:10 08:55 – 05:26 (28 जून) नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
| बुधवार, 29 जून | 19:59 – 05:26 (30 जून) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| गुरुवार, 30 जून | 05:26 – 14:09 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
जुलै 2061 · 4 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 7 जुलै | 06:08 – 14:10 15:54 – 02:58 (8 जुलै) नक्षत्र: शततारका · तिथी: कृष्ण पंचमी |
| रविवार, 10 जुलै | 05:31 – 17:38 19:22 – 02:19 (11 जुलै) नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण अष्टमी |
| गुरुवार, 14 जुलै | 16:33 – 05:33 (15 जुलै) नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 15 जुलै | 05:33 – 10:43 12:27 – 13:13 नक्षत्र: मृग · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
ऑगस्ट 2061 · 4 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 19 ऑग | 12:36 – 05:53 (20 ऑग) नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| रविवार, 21 ऑग | 05:53 – 15:26 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल षष्ठी |
| रविवार, 28 ऑग | 14:08 – 17:10 18:46 – 04:10 (29 ऑग) नक्षत्र: श्रवण · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
| बुधवार, 31 ऑग | 05:58 – 12:21 13:56 – 15:43 नक्षत्र: शततारका · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
सप्टेंबर 2061 · 8 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 2 सप्टें | 14:36 – 00:00 (3 सप्टें) नक्षत्र: रेवती · तिथी: कृष्ण तृतीया |
| बुधवार, 7 सप्टें | 06:02 – 12:18 नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: कृष्ण अष्टमी |
| शुक्रवार, 9 सप्टें | 06:03 – 10:44 12:18 – 06:03 (10 सप्टें) नक्षत्र: पुनर्वसू, पुष्य · तिथी: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| शुक्रवार, 16 सप्टें | 06:06 – 10:43 12:15 – 03:33 (17 सप्टें) नक्षत्र: चित्रा · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| रविवार, 18 सप्टें | 06:07 – 07:22 नक्षत्र: स्वाती · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| सोमवार, 19 सप्टें | 10:01 – 06:08 (20 सप्टें) नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल षष्ठी |
| रविवार, 25 सप्टें | 06:11 – 16:43 नक्षत्र: श्रवण · तिथी: शुक्ल एकादशी |
| सोमवार, 26 सप्टें | 18:36 – 06:12 (27 सप्टें) नक्षत्र: धनिष्ठा, शततारका · तिथी: शुक्ल त्रयोदशी |
ऑक्टोबर 2061 · 5 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| रविवार, 16 ऑक्टो | 17:50 – 21:19 नक्षत्र: अनुराधा · तिथी: शुक्ल तृतीया |
| रविवार, 23 ऑक्टो | 09:55 – 16:18 17:43 – 06:27 (24 ऑक्टो) नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथी: शुक्ल दशमी |
| सोमवार, 24 ऑक्टो | 06:27 – 07:52 09:16 – 06:28 (25 ऑक्टो) नक्षत्र: धनिष्ठा, शततारका · तिथी: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
| शुक्रवार, 28 ऑक्टो | 06:30 – 07:21 नक्षत्र: रेवती · तिथी: पौर्णिमा |
| सोमवार, 31 ऑक्टो | 06:32 – 07:55 09:18 – 15:42 नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: कृष्ण तृतीया |
नोव्हेंबर 2061 · 8 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 2 नोव्हें | 16:58 – 06:34 (3 नोव्हें) नक्षत्र: पुनर्वसू · तिथी: कृष्ण षष्ठी |
| शुक्रवार, 4 नोव्हें | 06:35 – 10:42 12:04 – 14:21 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: कृष्ण अष्टमी |
| बुधवार, 9 नोव्हें | 06:39 – 12:04 13:26 – 05:28 (10 नोव्हें) नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 18 नोव्हें | 15:10 – 23:30 नक्षत्र: श्रवण · तिथी: शुक्ल षष्ठी |
| रविवार, 20 नोव्हें | 06:47 – 16:05 17:25 – 02:05 (21 नोव्हें) नक्षत्र: धनिष्ठा, शततारका · तिथी: शुक्ल अष्टमी |
| बुधवार, 23 नोव्हें | 19:43 – 00:13 (24 नोव्हें) नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल एकादशी |
| रविवार, 27 नोव्हें | 10:46 – 16:05 17:24 – 06:54 (28 नोव्हें) नक्षत्र: रोहिणी · तिथी: पौर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| सोमवार, 28 नोव्हें | 06:54 – 08:11 नक्षत्र: रोहिणी, मृग · तिथी: कृष्ण प्रतिपदा |
डिसेंबर 2061 · 8 दिवस
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 1 डिसें | 06:56 – 13:28 14:46 – 21:34 नक्षत्र: पुष्य · तिथी: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| बुधवार, 7 डिसें | 07:00 – 12:12 13:30 – 18:43 नक्षत्र: चित्रा · तिथी: कृष्ण एकादशी |
| गुरुवार, 8 डिसें | 20:45 – 04:05 (9 डिसें) नक्षत्र: स्वाती · तिथी: कृष्ण त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 16 डिसें | 13:35 – 07:07 (17 डिसें) नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथी: शुक्ल पंचमी |
| रविवार, 18 डिसें | 07:08 – 16:10 नक्षत्र: शततारका · तिथी: शुक्ल षष्ठी |
| बुधवार, 21 डिसें | 16:33 – 04:06 (22 डिसें) नक्षत्र: रेवती · तिथी: शुक्ल दशमी |
| सोमवार, 26 डिसें | 07:11 – 08:29 09:46 – 16:04 नक्षत्र: मृग · तिथी: पौर्णिमा |
| बुधवार, 28 डिसें | 14:55 – 07:12 (29 डिसें) नक्षत्र: पुष्य · तिथी: कृष्ण तृतीया |
नवी दिल्लीसाठी गणना केलेले. वेळा स्थानिक वेळेनुसार दाखवल्या आहेत; मध्यरात्र ओलांडणारी वेळ ती ज्या दिवशी सुरू होते त्या दिवसाची मानली जाते (हिंदू दिवस सूर्योदय ते सूर्योदय असतो).
वापरलेले नियम
वाहन खरेदी ही मोठी खरेदी असते आणि अनेक कुटुंबांना चांगल्या वेळी वाहन ताब्यात घ्यायला आवडते. वाहनांसाठी चर नक्षत्रे सर्वोत्तम मानली जातात, त्यासोबत मृदू आणि क्षिप्र नक्षत्रेही, अनुकूल तिथी व वारी. खालील वेळांमधून त्या दिवसाचा राहू काळ वगळला आहे.
- चंद्राचे नक्षत्र: रोहिणी, मृग, पुनर्वसू, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शततारका, रेवती
- तिथी (शुक्ल पक्ष): तृतीया, पंचमी, षष्ठी, अष्टमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी, पौर्णिमा; (कृष्ण पक्ष): प्रतिपदा, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, अष्टमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी
- वार: रविवार, सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
- अधिक मासात मुहूर्त नाही
- पितृपक्षात मुहूर्त नाही
- फक्त रात्री 9 पूर्वी सुरू होणाऱ्या वेळा
- राहू काळ वेळांमधून वगळला आहे
या सर्वसाधारण शुभ वेळा आहेत. विधीसाठी ज्योतिषी निवडलेल्या क्षणाचे लग्न तसेच संबंधित व्यक्तींचे तारा बल आणि चंद्र बलही पाहतात — त्यामुळे एकच वेळ एका व्यक्तीला दुसऱ्यापेक्षा अधिक अनुकूल असू शकते.
ज्योतिषींकडून वैयक्तिक मुहूर्त काढून घ्या अनुभवी ज्योतिषांशी बोला.
वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
2061मध्ये वाहन खरेदी मुहूर्त किती आहेत?
या पानावर दिलेल्या नियमांनुसार 2061मध्ये नवी दिल्ली येथे वाहन खरेदी मुहूर्ताचे 89 शुभ दिवस आहेत.
पुढील शुभ वाहन खरेदी मुहूर्त कधी आहे?
पुढील मुहूर्त सोमवार, 3 जानेवारी, 2061 रोजी आहे, वेळ 16:23 – 07:14 (4 जाने).
काही महिन्यांत मुहूर्त का नसतात?
ऋतुनिहाय निर्बंधांमुळे मोठे कालखंड वगळले जातात: खरमास (सूर्य धनु किंवा मीन राशीत), चातुर्मास, अधिक मास आणि शुक्र किंवा गुरू अस्त असण्याचा काळ. उरलेल्या दिवसांतही योग्य नक्षत्र आणि तिथी एकत्र जुळून यावी लागते.