जामनगरसाठी 29 ऑगस्ट, 2028 रोजीचे पंचांग
मंगळवार, 29 ऑगस्ट, 2028, जामनगर, भारत. वेळा Asia/Kolkata मध्ये आहेत.
मंगळवार, 29 ऑगस्ट, 2028 रोजी जामनगर येथे सूर्योदयाच्या वेळी तिथी शुक्ल दशमी (19:31पर्यंत), नक्षत्र मूळ (21:08पर्यंत) आणि योग प्रीती आहे. सूर्योदय 06:31 वाजता आणि सूर्यास्त 19:09 वाजता आहे. राहू काळ 15:59 ते 17:34पर्यंत आहे.
29 ऑगस्ट, 2028 रोजीचे पंचांग
| वार | मंगळवार |
|---|---|
| तिथी | शुक्ल दशमी 19:31पर्यंत शुक्ल एकादशी 20:47, 30 ऑगपर्यंत |
| नक्षत्र | मूळ 21:08पर्यंत पूर्वाषाढा 23:03, 30 ऑगपर्यंत |
| योग | प्रीती 22:31पर्यंत आयुष्मान 22:33, 30 ऑगपर्यंत |
| करण | तैतिल 07:06पर्यंत गरज 19:31पर्यंत वणिज 08:05, 30 ऑगपर्यंत |
| चंद्ररास | |
| सूर्यरास | सिंह |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- 06:31
- सूर्यास्त
- 19:09
- चंद्रोदय
- 15:22
- चंद्रास्त
- 01:20
- दिनमान
- 12h 38m
हिंदू पंचांग
- महिना (अमांत)
- भाद्रपद
- महिना (पौर्णिमांत)
- भाद्रपद
- विक्रम संवत
- 2085
- शके
- 1950, कीलक संवत्सर
- ऋतू
- वर्षा ऋतू
- अयन
- दक्षिणायन
शुभ वेळा
- ब्राह्म मुहूर्त
- 05:00 – 05:46
- अभिजित मुहूर्त
- 12:25 – 13:15
अशुभ वेळा
- राहू काळ
- 15:59 – 17:34
- यमगंड
- 09:41 – 11:15
- गुलिक काळ
- 12:50 – 14:25
29 ऑगस्ट, 2028 रोजीचे चौघडिया
चौघडिया दिवसाचे (सूर्योदय ते सूर्यास्त) आणि रात्रीचे (सूर्यास्त ते पुढील सूर्योदय) प्रत्येकी आठ भाग करते. अमृत, शुभ आणि लाभ कामाच्या सुरुवातीसाठी चांगले; चल प्रवासासाठी चांगले; उद्वेग, काळ आणि रोग नव्या सुरुवातीसाठी टाळणे उत्तम.
| दिवसाचे चौघडिया | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|
| रोग | 06:31 – 08:06 | टाळा |
| उद्वेग | 08:06 – 09:41 | टाळा |
| चर | 09:41 – 11:15 | सामान्य |
| लाभ | 11:15 – 12:50 | शुभ |
| अमृत | 12:50 – 14:25 | शुभ |
| काळ | 14:25 – 15:59 | टाळा |
| शुभ | 15:59 – 17:34 | शुभ |
| रोग | 17:34 – 19:09 | टाळा |
| रात्रीचे चौघडिया | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|
| काळ | 19:09 – 20:34 | टाळा |
| लाभ | 20:34 – 21:59 | शुभ |
| उद्वेग | 21:59 – 23:25 | टाळा |
| शुभ | 23:25 – 00:50 | शुभ |
| अमृत | 00:50 – 02:15 | शुभ |
| चर | 02:15 – 03:41 | सामान्य |
| रोग | 03:41 – 05:06 | टाळा |
| काळ | 05:06 – 06:31 | टाळा |
होरा (ग्रहांचे तास)
प्रत्येक होरा दिवसाचा किंवा रात्रीचा बारावा भाग असतो आणि त्यावर एका ग्रहाचे आधिपत्य असते; सूर्योदयाला वारस्वामीपासून सुरुवात होते. ग्रह ज्या गोष्टींचा कारक आहे त्या कामांसाठी त्याचा होरा वापरा — शिक्षणासाठी गुरू, कलांसाठी शुक्र, व्यापारासाठी बुध.
| होरा स्वामी | पासून | पर्यंत | दिवस / रात्र |
|---|---|---|---|
| मंगळ | 06:31 | 07:34 | दिवस |
| सूर्य | 07:34 | 08:37 | दिवस |
| शुक्र | 08:37 | 09:41 | दिवस |
| बुध | 09:41 | 10:44 | दिवस |
| चंद्र | 10:44 | 11:47 | दिवस |
| शनी | 11:47 | 12:50 | दिवस |
| गुरू | 12:50 | 13:53 | दिवस |
| मंगळ | 13:53 | 14:56 | दिवस |
| सूर्य | 14:56 | 15:59 | दिवस |
| शुक्र | 15:59 | 17:02 | दिवस |
| बुध | 17:02 | 18:06 | दिवस |
| चंद्र | 18:06 | 19:09 | दिवस |
| शनी | 19:09 | 20:06 | रात्र |
| गुरू | 20:06 | 21:02 | रात्र |
| मंगळ | 21:02 | 21:59 | रात्र |
| सूर्य | 21:59 | 22:56 | रात्र |
| शुक्र | 22:56 | 23:53 | रात्र |
| बुध | 23:53 | 00:50 | रात्र |
| चंद्र | 00:50 | 01:47 | रात्र |
| शनी | 01:47 | 02:44 | रात्र |
| गुरू | 02:44 | 03:41 | रात्र |
| मंगळ | 03:41 | 04:38 | रात्र |
| सूर्य | 04:38 | 05:35 | रात्र |
| शुक्र | 05:35 | 06:31 | रात्र |
आगामी व्रते आणि तिथी
| तारीख | व्रत / सण | तिथी / घटना |
|---|---|---|
| 30 ऑग, 2028 | शुक्ल एकादशी | शुक्ल एकादशी |
| 1 सप्टें, 2028 | प्रदोष व्रत | शुक्ल त्रयोदशी |
| 3 सप्टें, 2028 | भाद्रपद पौर्णिमा | पौर्णिमा |
| 8 सप्टें, 2028 | संकष्ट चतुर्थी | कृष्ण चतुर्थी |
| 12 सप्टें, 2028 | कालाष्टमी | कृष्ण अष्टमी |
| 15 सप्टें, 2028 | कृष्ण एकादशी | कृष्ण एकादशी |
| 16 सप्टें, 2028 | कन्या संक्रांती | सूर्याचा कन्या राशीत प्रवेश |
| 17 सप्टें, 2028 | प्रदोष व्रत | कृष्ण त्रयोदशी |
| 18 सप्टें, 2028 | आश्विन अमावास्या | अमावास्या |
| 22 सप्टें, 2028 | विनायक चतुर्थी | शुक्ल चतुर्थी |
तारखा जामनगर येथील स्थानिक सूर्योदयाच्या तिथीनुसार आहेत. काही सण इतर नियमांनुसार पाळले जातात (उदा. चंद्रोदय किंवा प्रदोषकाळी), त्यामुळे स्थानिक प्रथेनुसार एका दिवसाचा फरक पडू शकतो. सर्व व्रतांच्या तारखा →
अयनांश 24.2574° (लाहिरी). वेळा जामनगरच्या स्थानिक आहेत (Asia/Kolkata).
पुढील 30 दिवसांतील सण
दुसऱ्या शहराचे पंचांग
वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
पंचांग म्हणजे काय?
पंचांग हे हिंदू दिनदर्शिका-ग्रंथ आहे. त्याची पाच अंगे (पंच अंग) म्हणजे तिथी (चांद्र दिवस), वार, नक्षत्र, योग आणि करण. सूर्योदय, राहू काळ आणि मुहूर्तांच्या वेळांसह यांचा उपयोग शुभ वेळ निवडण्यासाठी केला जातो.
पंचांग शहरानुसार का बदलते?
सूर्योदय, सूर्यास्त, राहू काळ, चौघडिया आणि सूर्योदयाला असलेली तिथी हे सर्व तुमच्या ठिकाणावर अवलंबून असतात. तिथी आणि नक्षत्र संपण्याचा क्षण सर्वत्र एकच असतो, पण तो तुमच्या स्थानिक वेळेत दाखवला जातो.
दिवसासाठी कोणती तिथी मानली जाते?
परंपरेने बहुतेक व्रत-वैकल्यांसाठी स्थानिक सूर्योदयाला असलेली तिथी (उदय तिथी) संपूर्ण दिवसासाठी मानली जाते. एखादी तिथी दोन सूर्योदयांच्या दरम्यान सुरू होऊन संपल्यास तिला क्षय तिथी म्हणतात.
राहू काळ कसा मोजला जातो?
सूर्योदय ते सूर्यास्त या वेळेचे आठ समान भाग केले जातात. राहू काळ रविवारी 8वा, सोमवारी 2रा, मंगळवारी 7वा, बुधवारी 5वा, गुरुवारी 6वा, शुक्रवारी 4था आणि शनिवारी 3रा भाग असतो.
हे पंचांग कोणता अयनांश वापरते?
लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय पंचांग आणि बहुतेक उत्तर भारतीय पंचांगांचे मानक आहे. सूर्याची वरची कड क्षितिजावर दिसते तो क्षण सूर्योदय मानला जातो, ज्यात प्रमाणित वातावरणीय अपवर्तन विचारात घेतले जाते.