सिॲटलसाठी 23 जानेवारी, 2025 रोजीचे पंचांग
गुरुवार, 23 जानेवारी, 2025, सिॲटल, युनायटेड स्टेट्स. वेळा America/Los_Angeles मध्ये आहेत.
गुरुवार, 23 जानेवारी, 2025 रोजी सिॲटल येथे सूर्योदयाच्या वेळी तिथी कृष्ण दशमी (05:55, 24 जानेपर्यंत), नक्षत्र विशाखा (15:38पर्यंत) आणि योग गंड आहे. सूर्योदय 07:45 वाजता आणि सूर्यास्त 16:57 वाजता आहे. राहू काळ 13:30 ते 14:39पर्यंत आहे.
23 जानेवारी, 2025 रोजीचे पंचांग
| वार | गुरुवार |
|---|---|
| तिथी | कृष्ण दशमी 05:55, 24 जानेपर्यंत कृष्ण एकादशी 07:02, 25 जानेपर्यंत |
| नक्षत्र | विशाखा 15:38पर्यंत अनुराधा 17:37, 24 जानेपर्यंत |
| योग | गंडअशुभ 15:36पर्यंत वृद्धी 15:38, 24 जानेपर्यंत |
| करण | वणिज 17:06पर्यंत विष्टी (भद्रा) 05:55, 24 जानेपर्यंत बव 18:34, 24 जानेपर्यंत |
| चंद्ररास | तूळ 09:02पर्यंत |
| सूर्यरास | मकर |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- 07:45
- सूर्यास्त
- 16:57
- चंद्रोदय
- 02:52
- चंद्रास्त
- 11:30
- दिनमान
- 9h 12m
हिंदू पंचांग
- महिना (अमांत)
- पौष
- महिना (पौर्णिमांत)
- माघ
- विक्रम संवत
- 2081
- शके
- 1946, क्रोधी संवत्सर
- ऋतू
- हेमंत ऋतू
- अयन
- उत्तरायण
शुभ वेळा
- ब्राह्म मुहूर्त
- 05:47 – 06:46
- अभिजित मुहूर्त
- 12:03 – 12:39
अशुभ वेळा
- राहू काळ
- 13:30 – 14:39
- यमगंड
- 07:45 – 08:54
- गुलिक काळ
- 10:03 – 11:12
23 जानेवारी, 2025 रोजीचे चौघडिया
चौघडिया दिवसाचे (सूर्योदय ते सूर्यास्त) आणि रात्रीचे (सूर्यास्त ते पुढील सूर्योदय) प्रत्येकी आठ भाग करते. अमृत, शुभ आणि लाभ कामाच्या सुरुवातीसाठी चांगले; चल प्रवासासाठी चांगले; उद्वेग, काळ आणि रोग नव्या सुरुवातीसाठी टाळणे उत्तम.
| दिवसाचे चौघडिया | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|
| शुभ | 07:45 – 08:54 | शुभ |
| रोग | 08:54 – 10:03 | टाळा |
| उद्वेग | 10:03 – 11:12 | टाळा |
| चर | 11:12 – 12:21 | सामान्य |
| लाभ | 12:21 – 13:30 | शुभ |
| अमृत | 13:30 – 14:39 | शुभ |
| काळ | 14:39 – 15:48 | टाळा |
| शुभ | 15:48 – 16:57 | शुभ |
| रात्रीचे चौघडिया | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|
| अमृत | 16:57 – 18:48 | शुभ |
| चर | 18:48 – 20:39 | सामान्य |
| रोग | 20:39 – 22:30 | टाळा |
| काळ | 22:30 – 00:21 | टाळा |
| लाभ | 00:21 – 02:11 | शुभ |
| उद्वेग | 02:11 – 04:02 | टाळा |
| शुभ | 04:02 – 05:53 | शुभ |
| अमृत | 05:53 – 07:44 | शुभ |
होरा (ग्रहांचे तास)
प्रत्येक होरा दिवसाचा किंवा रात्रीचा बारावा भाग असतो आणि त्यावर एका ग्रहाचे आधिपत्य असते; सूर्योदयाला वारस्वामीपासून सुरुवात होते. ग्रह ज्या गोष्टींचा कारक आहे त्या कामांसाठी त्याचा होरा वापरा — शिक्षणासाठी गुरू, कलांसाठी शुक्र, व्यापारासाठी बुध.
| होरा स्वामी | पासून | पर्यंत | दिवस / रात्र |
|---|---|---|---|
| गुरू | 07:45 | 08:31 | दिवस |
| मंगळ | 08:31 | 09:17 | दिवस |
| सूर्य | 09:17 | 10:03 | दिवस |
| शुक्र | 10:03 | 10:49 | दिवस |
| बुध | 10:49 | 11:35 | दिवस |
| चंद्र | 11:35 | 12:21 | दिवस |
| शनी | 12:21 | 13:07 | दिवस |
| गुरू | 13:07 | 13:53 | दिवस |
| मंगळ | 13:53 | 14:39 | दिवस |
| सूर्य | 14:39 | 15:25 | दिवस |
| शुक्र | 15:25 | 16:11 | दिवस |
| बुध | 16:11 | 16:57 | दिवस |
| चंद्र | 16:57 | 18:11 | रात्र |
| शनी | 18:11 | 19:25 | रात्र |
| गुरू | 19:25 | 20:39 | रात्र |
| मंगळ | 20:39 | 21:53 | रात्र |
| सूर्य | 21:53 | 23:07 | रात्र |
| शुक्र | 23:07 | 00:21 | रात्र |
| बुध | 00:21 | 01:34 | रात्र |
| चंद्र | 01:34 | 02:48 | रात्र |
| शनी | 02:48 | 04:02 | रात्र |
| गुरू | 04:02 | 05:16 | रात्र |
| मंगळ | 05:16 | 06:30 | रात्र |
| सूर्य | 06:30 | 07:44 | रात्र |
आगामी व्रते आणि तिथी
| तारीख | व्रत / सण | तिथी / घटना |
|---|---|---|
| 24 जाने, 2025 | कृष्ण एकादशी | कृष्ण एकादशी |
| 26 जाने, 2025 | प्रदोष व्रत | कृष्ण त्रयोदशी |
| 28 जाने, 2025 | माघ अमावास्या | अमावास्या |
| 1 फेब्रु, 2025 | विनायक चतुर्थी | शुक्ल चतुर्थी |
| 7 फेब्रु, 2025 | शुक्ल एकादशी | शुक्ल एकादशी |
| 9 फेब्रु, 2025 | प्रदोष व्रत | शुक्ल त्रयोदशी |
| 11 फेब्रु, 2025 | माघ पौर्णिमा | पौर्णिमा |
| 12 फेब्रु, 2025 | कुंभ संक्रांती | सूर्याचा कुंभ राशीत प्रवेश |
| 16 फेब्रु, 2025 | संकष्ट चतुर्थी | कृष्ण चतुर्थी |
| 20 फेब्रु, 2025 | कालाष्टमी | कृष्ण अष्टमी |
तारखा सिॲटल येथील स्थानिक सूर्योदयाच्या तिथीनुसार आहेत. काही सण इतर नियमांनुसार पाळले जातात (उदा. चंद्रोदय किंवा प्रदोषकाळी), त्यामुळे स्थानिक प्रथेनुसार एका दिवसाचा फरक पडू शकतो. सर्व व्रतांच्या तारखा →
अयनांश 24.2072° (लाहिरी). वेळा सिॲटलच्या स्थानिक आहेत (America/Los_Angeles).
पुढील 30 दिवसांतील सण
दुसऱ्या शहराचे पंचांग
वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
पंचांग म्हणजे काय?
पंचांग हे हिंदू दिनदर्शिका-ग्रंथ आहे. त्याची पाच अंगे (पंच अंग) म्हणजे तिथी (चांद्र दिवस), वार, नक्षत्र, योग आणि करण. सूर्योदय, राहू काळ आणि मुहूर्तांच्या वेळांसह यांचा उपयोग शुभ वेळ निवडण्यासाठी केला जातो.
पंचांग शहरानुसार का बदलते?
सूर्योदय, सूर्यास्त, राहू काळ, चौघडिया आणि सूर्योदयाला असलेली तिथी हे सर्व तुमच्या ठिकाणावर अवलंबून असतात. तिथी आणि नक्षत्र संपण्याचा क्षण सर्वत्र एकच असतो, पण तो तुमच्या स्थानिक वेळेत दाखवला जातो.
दिवसासाठी कोणती तिथी मानली जाते?
परंपरेने बहुतेक व्रत-वैकल्यांसाठी स्थानिक सूर्योदयाला असलेली तिथी (उदय तिथी) संपूर्ण दिवसासाठी मानली जाते. एखादी तिथी दोन सूर्योदयांच्या दरम्यान सुरू होऊन संपल्यास तिला क्षय तिथी म्हणतात.
राहू काळ कसा मोजला जातो?
सूर्योदय ते सूर्यास्त या वेळेचे आठ समान भाग केले जातात. राहू काळ रविवारी 8वा, सोमवारी 2रा, मंगळवारी 7वा, बुधवारी 5वा, गुरुवारी 6वा, शुक्रवारी 4था आणि शनिवारी 3रा भाग असतो.
हे पंचांग कोणता अयनांश वापरते?
लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय पंचांग आणि बहुतेक उत्तर भारतीय पंचांगांचे मानक आहे. सूर्याची वरची कड क्षितिजावर दिसते तो क्षण सूर्योदय मानला जातो, ज्यात प्रमाणित वातावरणीय अपवर्तन विचारात घेतले जाते.