3 अक्टूबर 2025 को अमरावती का चौघड़िया

शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2025, अमरावती, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2025 को अमरावती में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (18:33 तक), नक्षत्र श्रवण (09:34 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 10:27 से 11:56 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 17:55
रात 05:58 तक
तिथि
एकादशी, 18:33 तक
द्वादशी
नक्षत्र
श्रवण, 09:34 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:58 – 07:27सामान्य
लाभ07:27 – 08:57शुभ
अमृत08:57 – 10:27शुभ
काल10:27 – 11:56टालें
शुभ11:56 – 13:26शुभ
रोग13:26 – 14:56टालें
उद्वेग14:56 – 16:25टालें
चर16:25 – 17:55सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:55 – 19:25टालें
काल19:25 – 20:56टालें
लाभ20:56 – 22:26शुभ
उद्वेग22:26 – 23:56टालें
शुभ23:56 – 01:27शुभ
अमृत01:27 – 02:57शुभ
चर02:57 – 04:28सामान्य
रोग04:28 – 05:58टालें

3 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 18:33 तक
शुक्ल द्वादशी 17:09, 4 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 09:34 तक
धनिष्ठा 09:09, 4 अक्टू॰ तक
योग
धृति 21:45 तक
शूलअशुभ 19:26, 4 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 06:58 तक
विष्टि (भद्रा) 18:33 तक
बव 05:57, 4 अक्टू॰ तक
बालव 17:09, 4 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मकर 21:27 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
15:15
चंद्रास्त
02:02
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
10:27 – 11:56
यमगंड
14:56 – 16:25
गुलिक काल
07:27 – 08:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5806:58दिन
बुध06:5807:57दिन
चंद्र07:5708:57दिन
शनि08:5709:57दिन
गुरु09:5710:57दिन
मंगल10:5711:56दिन
सूर्य11:5612:56दिन
शुक्र12:5613:56दिन
बुध13:5614:56दिन
चंद्र14:5615:55दिन
शनि15:5516:55दिन
गुरु16:5517:55दिन
मंगल17:5518:55रात
सूर्य18:5519:55रात
शुक्र19:5520:56रात
बुध20:5621:56रात
चंद्र21:5622:56रात
शनि22:5623:56रात
गुरु23:5600:57रात
मंगल00:5701:57रात
सूर्य01:5702:57रात
शुक्र02:5703:57रात
बुध03:5704:58रात
चंद्र04:5805:58रात

अयनांश 24.2168° (लाहिड़ी)। समय अमरावती (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।