25 अक्टूबर 2027 को अमरावती का चौघड़िया

सोमवार, 25 अक्टूबर 2027, अमरावती, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 25 अक्टूबर 2027 को अमरावती में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (03:22, 26 अक्टू॰ तक), नक्षत्र मघा (16:09 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 17:47 पर है। राहुकाल 07:44 से 09:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 17:47
रात 06:18 तक
तिथि
एकादशी, 03:22 तक
द्वादशी
नक्षत्र
मघा, 16:09 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:18 – 07:44शुभ
काल07:44 – 09:10टालें
शुभ09:10 – 10:36शुभ
रोग10:36 – 12:02टालें
उद्वेग12:02 – 13:29टालें
चर13:29 – 14:55सामान्य
लाभ14:55 – 16:21शुभ
अमृत16:21 – 17:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:47 – 19:21सामान्य
रोग19:21 – 20:55टालें
काल20:55 – 22:29टालें
लाभ22:29 – 00:03शुभ
उद्वेग00:03 – 01:37टालें
शुभ01:37 – 03:10शुभ
अमृत03:10 – 04:44शुभ
चर04:44 – 06:18सामान्य

25 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 03:22, 26 अक्टू॰ तक
कृष्ण द्वादशी 01:04, 27 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 16:09 तक
पूर्वा फाल्गुनी 14:34, 26 अक्टू॰ तक
योग
शुक्ल 14:47 तक
ब्रह्म 11:44, 26 अक्टू॰ तक
करण
बव 16:32 तक
बालव 03:22, 26 अक्टू॰ तक
कौलव 14:13, 26 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
17:47
चंद्रोदय
01:54
चंद्रास्त
14:44
दिनमान
11h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:38 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
07:44 – 09:10
यमगंड
10:36 – 12:02
गुलिक काल
13:29 – 14:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1807:15दिन
शनि07:1508:13दिन
गुरु08:1309:10दिन
मंगल09:1010:08दिन
सूर्य10:0811:05दिन
शुक्र11:0512:02दिन
बुध12:0213:00दिन
चंद्र13:0013:57दिन
शनि13:5714:55दिन
गुरु14:5515:52दिन
मंगल15:5216:50दिन
सूर्य16:5017:47दिन
शुक्र17:4718:50रात
बुध18:5019:52रात
चंद्र19:5220:55रात
शनि20:5521:58रात
गुरु21:5823:00रात
मंगल23:0000:03रात
सूर्य00:0301:05रात
शुक्र01:0502:08रात
बुध02:0803:10रात
चंद्र03:1004:13रात
शनि04:1305:15रात
गुरु05:1506:18रात

अयनांश 24.2456° (लाहिड़ी)। समय अमरावती (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।