10 अक्टूबर 2028 को आसनसोल का चौघड़िया

मंगलवार, 10 अक्टूबर 2028, आसनसोल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 10 अक्टूबर 2028 को आसनसोल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (06:02 तक), नक्षत्र मृगशिरा (09:10 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:37 पर और सूर्यास्त 17:20 पर है। राहुकाल 14:24 से 15:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:37 – 17:20
रात 05:37 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 09:10 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:37 – 07:05टालें
उद्वेग07:05 – 08:33टालें
चर08:33 – 10:01सामान्य
लाभ10:01 – 11:28शुभ
अमृत11:28 – 12:56शुभ
काल12:56 – 14:24टालें
शुभ14:24 – 15:52शुभ
रोग15:52 – 17:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:20 – 18:52टालें
लाभ18:52 – 20:24शुभ
उद्वेग20:24 – 21:56टालें
शुभ21:56 – 23:29शुभ
अमृत23:29 – 01:01शुभ
चर01:01 – 02:33सामान्य
रोग02:33 – 04:05टालें
काल04:05 – 05:37टालें

10 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 06:02 तक
कृष्ण सप्तमी 05:48, 11 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 09:29, 11 अक्टू॰ तक
योग
वरीयान 09:34 तक
परिघअशुभ 08:12, 11 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 06:02 तक
विष्टि (भद्रा) 18:00 तक
बव 05:48, 11 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
17:20
चंद्रोदय
22:13
चंद्रास्त
11:20
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:59 – 04:48
अभिजीत मुहूर्त
11:05 – 11:52

अशुभ समय

राहुकाल
14:24 – 15:52
यमगंड
08:33 – 10:01
गुलिक काल
11:28 – 12:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:3706:36दिन
सूर्य06:3607:34दिन
शुक्र07:3408:33दिन
बुध08:3309:31दिन
चंद्र09:3110:30दिन
शनि10:3011:28दिन
गुरु11:2812:27दिन
मंगल12:2713:26दिन
सूर्य13:2614:24दिन
शुक्र14:2415:23दिन
बुध15:2316:21दिन
चंद्र16:2117:20दिन
शनि17:2018:21रात
गुरु18:2119:23रात
मंगल19:2320:24रात
सूर्य20:2421:26रात
शुक्र21:2622:27रात
बुध22:2723:29रात
चंद्र23:2900:30रात
शनि00:3001:32रात
गुरु01:3202:33रात
मंगल02:3303:34रात
सूर्य03:3404:36रात
शुक्र04:3605:37रात

अयनांश 24.2590° (लाहिड़ी)। समय आसनसोल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।