14 मार्च 2025 को अटलांटा का चौघड़िया

शुक्रवार, 14 मार्च 2025, अटलांटा, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

शुक्रवार, 14 मार्च 2025 को अटलांटा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (05:03, 15 मार्च तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (23:24 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 07:48 पर और सूर्यास्त 19:44 पर है। राहुकाल 12:17 से 13:46 तक है।

दिन और रात
दिन 07:48 – 19:44
रात 07:47 तक
तिथि
प्रतिपदा, 05:03 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 23:24 तक
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:48 – 09:18सामान्य
लाभ09:18 – 10:47शुभ
अमृत10:47 – 12:17शुभ
काल12:17 – 13:46टालें
शुभ13:46 – 15:16शुभ
रोग15:16 – 16:45टालें
उद्वेग16:45 – 18:15टालें
चर18:15 – 19:44सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:44 – 21:15टालें
काल21:15 – 22:45टालें
लाभ22:45 – 00:15शुभ
उद्वेग00:15 – 01:46टालें
शुभ01:46 – 03:16शुभ
अमृत03:16 – 04:46शुभ
चर04:46 – 06:17सामान्य
रोग06:17 – 07:47टालें

14 मार्च 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 05:03, 15 मार्च तक
कृष्ण द्वितीया 07:28, 16 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 02:15, 16 मार्च तक
योग
गंडअशुभ 04:29, 15 मार्च तक
वृद्धि 05:18, 16 मार्च तक
करण
बालव 15:56 तक
कौलव 05:03, 15 मार्च तक
तैतिल 18:14, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:48
सूर्यास्त
19:44
चंद्रोदय
20:19
चंद्रास्त
07:58
दिनमान
11h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
06:12 – 07:00
अभिजीत मुहूर्त
13:22 – 14:10

अशुभ समय

राहुकाल
12:17 – 13:46
यमगंड
16:45 – 18:15
गुलिक काल
09:18 – 10:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:4808:48दिन
बुध08:4809:48दिन
चंद्र09:4810:47दिन
शनि10:4711:47दिन
गुरु11:4712:47दिन
मंगल12:4713:46दिन
सूर्य13:4614:46दिन
शुक्र14:4615:46दिन
बुध15:4616:45दिन
चंद्र16:4517:45दिन
शनि17:4518:45दिन
गुरु18:4519:44दिन
मंगल19:4420:45रात
सूर्य20:4521:45रात
शुक्र21:4522:45रात
बुध22:4523:45रात
चंद्र23:4500:45रात
शनि00:4501:46रात
गुरु01:4602:46रात
मंगल02:4603:46रात
सूर्य03:4604:46रात
शुक्र04:4605:47रात
बुध05:4706:47रात
चंद्र06:4707:47रात

अयनांश 24.2091° (लाहिड़ी)। समय अटलांटा (America/New_York) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।