19 सितंबर 2025 को अटलांटा का चौघड़िया

शुक्रवार, 19 सितंबर 2025, अटलांटा, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

शुक्रवार, 19 सितंबर 2025 को अटलांटा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (14:07 तक), नक्षत्र मघा (22:35 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:23 पर और सूर्यास्त 19:37 पर है। राहुकाल 11:59 से 13:30 तक है।

दिन और रात
दिन 07:23 – 19:37
रात 07:24 तक
तिथि
त्रयोदशी, 14:07 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मघा, 22:35 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:23 – 08:55सामान्य
लाभ08:55 – 10:27शुभ
अमृत10:27 – 11:59शुभ
काल11:59 – 13:30टालें
शुभ13:30 – 15:02शुभ
रोग15:02 – 16:34टालें
उद्वेग16:34 – 18:06टालें
चर18:06 – 19:37सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:37 – 21:06टालें
काल21:06 – 22:34टालें
लाभ22:34 – 00:02शुभ
उद्वेग00:02 – 01:31टालें
शुभ01:31 – 02:59शुभ
अमृत02:59 – 04:27शुभ
चर04:27 – 05:56सामान्य
रोग05:56 – 07:24टालें

19 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 14:07 तक
कृष्ण चतुर्दशी 14:47, 20 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 22:35 तक
पूर्वा फाल्गुनी 00:02, 21 सित॰ तक
योग
सिद्ध 11:11 तक
साध्य 10:36, 20 सित॰ तक
करण
वणिज 14:07 तक
विष्टि (भद्रा) 02:24, 20 सित॰ तक
शकुनि 14:47, 20 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:23
सूर्यास्त
19:37
चंद्रोदय
05:10
चंद्रास्त
18:40
दिनमान
12h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:49 – 06:36
अभिजीत मुहूर्त
13:06 – 13:55

अशुभ समय

राहुकाल
11:59 – 13:30
यमगंड
16:34 – 18:06
गुलिक काल
08:55 – 10:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:2308:25दिन
बुध08:2509:26दिन
चंद्र09:2610:27दिन
शनि10:2711:28दिन
गुरु11:2812:29दिन
मंगल12:2913:30दिन
सूर्य13:3014:32दिन
शुक्र14:3215:33दिन
बुध15:3316:34दिन
चंद्र16:3417:35दिन
शनि17:3518:36दिन
गुरु18:3619:37दिन
मंगल19:3720:36रात
सूर्य20:3621:35रात
शुक्र21:3522:34रात
बुध22:3423:33रात
चंद्र23:3300:32रात
शनि00:3201:31रात
गुरु01:3102:30रात
मंगल02:3003:29रात
सूर्य03:2904:27रात
शुक्र04:2705:26रात
बुध05:2606:25रात
चंद्र06:2507:24रात

अयनांश 24.2163° (लाहिड़ी)। समय अटलांटा (America/New_York) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।