30 सितंबर 2026 को अटलांटा का चौघड़िया

बुधवार, 30 सितंबर 2026, अटलांटा, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

बुधवार, 30 सितंबर 2026 को अटलांटा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (03:05, 1 अक्टू॰ तक), नक्षत्र कृत्तिका (20:32 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 07:31 पर और सूर्यास्त 19:23 पर है। राहुकाल 13:27 से 14:56 तक है।

दिन और रात
दिन 07:31 – 19:23
रात 07:32 तक
तिथि
पंचमी, 03:05 तक
षष्ठी
नक्षत्र
कृत्तिका, 20:32 तक
रोहिणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:31 – 09:00शुभ
अमृत09:00 – 10:29शुभ
काल10:29 – 11:58टालें
शुभ11:58 – 13:27शुभ
रोग13:27 – 14:56टालें
उद्वेग14:56 – 16:25टालें
चर16:25 – 17:54सामान्य
लाभ17:54 – 19:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:23 – 20:54टालें
शुभ20:54 – 22:25शुभ
अमृत22:25 – 23:56शुभ
चर23:56 – 01:27सामान्य
रोग01:27 – 02:58टालें
काल02:58 – 04:29टालें
लाभ04:29 – 06:00शुभ
उद्वेग06:00 – 07:32टालें

30 सितंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 03:05, 1 अक्टू॰ तक
कृष्ण षष्ठी 00:45, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 18:57, 1 अक्टू॰ तक
योग
वज्रअशुभ 14:50 तक
सिद्धि 11:48, 1 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 16:16 तक
तैतिल 03:05, 1 अक्टू॰ तक
गर 13:55, 1 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:31
सूर्यास्त
19:23
चंद्रोदय
21:50
चंद्रास्त
11:54
दिनमान
11h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:54 – 06:42
अभिजीत मुहूर्त
13:03 – 13:50 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
13:27 – 14:56
यमगंड
09:00 – 10:29
गुलिक काल
11:58 – 13:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:3108:30दिन
चंद्र08:3009:29दिन
शनि09:2910:29दिन
गुरु10:2911:28दिन
मंगल11:2812:27दिन
सूर्य12:2713:27दिन
शुक्र13:2714:26दिन
बुध14:2615:25दिन
चंद्र15:2516:25दिन
शनि16:2517:24दिन
गुरु17:2418:23दिन
मंगल18:2319:23दिन
सूर्य19:2320:23रात
शुक्र20:2321:24रात
बुध21:2422:25रात
चंद्र22:2523:26रात
शनि23:2600:26रात
गुरु00:2601:27रात
मंगल01:2702:28रात
सूर्य02:2803:29रात
शुक्र03:2904:29रात
बुध04:2905:30रात
चंद्र05:3006:31रात
शनि06:3107:32रात

अयनांश 24.2307° (लाहिड़ी)। समय अटलांटा (America/New_York) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।