20 दिसंबर 2024 को अयोध्या का चौघड़िया

शुक्रवार, 20 दिसंबर 2024, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 20 दिसंबर 2024 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (10:49 तक), नक्षत्र मघा (03:47, 21 दिस॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:45 पर और सूर्यास्त 17:12 पर है। राहुकाल 10:40 से 11:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:45 – 17:12
रात 06:45 तक
तिथि
पंचमी, 10:49 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मघा, 03:47 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:45 – 08:03सामान्य
लाभ08:03 – 09:22शुभ
अमृत09:22 – 10:40शुभ
काल10:40 – 11:58टालें
शुभ11:58 – 13:17शुभ
रोग13:17 – 14:35टालें
उद्वेग14:35 – 15:54टालें
चर15:54 – 17:12सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:12 – 18:54टालें
काल18:54 – 20:35टालें
लाभ20:35 – 22:17शुभ
उद्वेग22:17 – 23:59टालें
शुभ23:59 – 01:40शुभ
अमृत01:40 – 03:22शुभ
चर03:22 – 05:04सामान्य
रोग05:04 – 06:45टालें

20 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 10:49 तक
कृष्ण षष्ठी 12:21, 21 दिस॰ तक
नक्षत्र
मघा 03:47, 21 दिस॰ तक
पूर्वा फाल्गुनी 06:14, 22 दिस॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 18:11 तक
प्रीति 18:22, 21 दिस॰ तक
करण
तैतिल 10:49 तक
गर 23:30 तक
वणिज 12:21, 21 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:45
सूर्यास्त
17:12
चंद्रोदय
22:07
चंद्रास्त
10:41
दिनमान
10h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:19

अशुभ समय

राहुकाल
10:40 – 11:58
यमगंड
14:35 – 15:54
गुलिक काल
08:03 – 09:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4507:37दिन
बुध07:3708:29दिन
चंद्र08:2909:22दिन
शनि09:2210:14दिन
गुरु10:1411:06दिन
मंगल11:0611:58दिन
सूर्य11:5812:51दिन
शुक्र12:5113:43दिन
बुध13:4314:35दिन
चंद्र14:3515:28दिन
शनि15:2816:20दिन
गुरु16:2017:12दिन
मंगल17:1218:20रात
सूर्य18:2019:28रात
शुक्र19:2820:35रात
बुध20:3521:43रात
चंद्र21:4322:51रात
शनि22:5123:59रात
गुरु23:5901:06रात
मंगल01:0602:14रात
सूर्य02:1403:22रात
शुक्र03:2204:30रात
बुध04:3005:37रात
चंद्र05:3706:45रात

अयनांश 24.2058° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।