14 जनवरी 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

मंगलवार, 14 जनवरी 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 14 जनवरी 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (03:21, 15 जन॰ तक), नक्षत्र पुनर्वसु (10:17 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 17:29 पर है। राहुकाल 14:49 से 16:09 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 17:29
रात 06:51 तक
तिथि
प्रतिपदा, 03:21 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पुनर्वसु, 10:17 तक
पुष्य
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:51 – 08:11टालें
उद्वेग08:11 – 09:30टालें
चर09:30 – 10:50सामान्य
लाभ10:50 – 12:10शुभ
अमृत12:10 – 13:30शुभ
काल13:30 – 14:49टालें
शुभ14:49 – 16:09शुभ
रोग16:09 – 17:29टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:29 – 19:09टालें
लाभ19:09 – 20:49शुभ
उद्वेग20:49 – 22:30टालें
शुभ22:30 – 00:10शुभ
अमृत00:10 – 01:50शुभ
चर01:50 – 03:30सामान्य
रोग03:30 – 05:11टालें
काल05:11 – 06:51टालें

14 जनवरी 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 03:21, 15 जन॰ तक
कृष्ण द्वितीया 03:23, 16 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 10:28, 15 जन॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 02:58, 15 जन॰ तक
प्रीति 01:46, 16 जन॰ तक
करण
बालव 15:35 तक
कौलव 03:21, 15 जन॰ तक
तैतिल 15:17, 15 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
17:29
चंद्रोदय
17:53
चंद्रास्त
07:16
दिनमान
10h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
14:49 – 16:09
यमगंड
09:30 – 10:50
गुलिक काल
12:10 – 13:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5107:44दिन
सूर्य07:4408:37दिन
शुक्र08:3709:30दिन
बुध09:3010:24दिन
चंद्र10:2411:17दिन
शनि11:1712:10दिन
गुरु12:1013:03दिन
मंगल13:0313:56दिन
सूर्य13:5614:49दिन
शुक्र14:4915:42दिन
बुध15:4216:36दिन
चंद्र16:3617:29दिन
शनि17:2918:36रात
गुरु18:3619:42रात
मंगल19:4220:49रात
सूर्य20:4921:56रात
शुक्र21:5623:03रात
बुध23:0300:10रात
चंद्र00:1001:17रात
शनि01:1702:24रात
गुरु02:2403:30रात
मंगल03:3004:37रात
सूर्य04:3705:44रात
शुक्र05:4406:51रात

अयनांश 24.2068° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।