29 जनवरी 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

बुधवार, 29 जनवरी 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 29 जनवरी 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (18:05 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (08:20 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 12:14 से 13:36 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 17:41
रात 06:47 तक
तिथि
अमावस्या, 18:05 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:47 – 08:09शुभ
अमृत08:09 – 09:31शुभ
काल09:31 – 10:52टालें
शुभ10:52 – 12:14शुभ
रोग12:14 – 13:36टालें
उद्वेग13:36 – 14:57टालें
चर14:57 – 16:19सामान्य
लाभ16:19 – 17:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:41 – 19:19टालें
शुभ19:19 – 20:57शुभ
अमृत20:57 – 22:35शुभ
चर22:35 – 00:14सामान्य
रोग00:14 – 01:52टालें
काल01:52 – 03:30टालें
लाभ03:30 – 05:09शुभ
उद्वेग05:09 – 06:47टालें

29 जनवरी 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
अमावस्या 18:05 तक
शुक्ल प्रतिपदा 16:11, 30 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 07:15, 30 जन॰ तक
योग
सिद्धि 21:21 तक
व्यतीपातअशुभ 18:33, 30 जन॰ तक
करण
चतुष्पद 06:54 तक
नाग 18:06 तक
किंस्तुघ्न 05:11, 30 जन॰ तक
बव 16:11, 30 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
06:45
चंद्रास्त
17:30
दिनमान
10h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:55
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:36 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:14 – 13:36
यमगंड
08:09 – 09:31
गुलिक काल
10:52 – 12:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4707:42दिन
चंद्र07:4208:36दिन
शनि08:3609:31दिन
गुरु09:3110:25दिन
मंगल10:2511:20दिन
सूर्य11:2012:14दिन
शुक्र12:1413:08दिन
बुध13:0814:03दिन
चंद्र14:0314:57दिन
शनि14:5715:52दिन
गुरु15:5216:46दिन
मंगल16:4617:41दिन
सूर्य17:4118:46रात
शुक्र18:4619:52रात
बुध19:5220:57रात
चंद्र20:5722:03रात
शनि22:0323:08रात
गुरु23:0800:14रात
मंगल00:1401:19रात
सूर्य01:1902:25रात
शुक्र02:2503:30रात
बुध03:3004:36रात
चंद्र04:3605:41रात
शनि05:4106:47रात

अयनांश 24.2074° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।