3 फ़रवरी 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

सोमवार, 3 फ़रवरी 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 3 फ़रवरी 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (06:53 तक), नक्षत्र रेवती (23:16 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:45 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 08:07 से 09:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:45 – 17:44
रात 06:44 तक
तिथि
षष्ठी, 04:37 तक
सप्तमी
नक्षत्र
रेवती, 23:16 तक
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:45 – 08:07शुभ
काल08:07 – 09:30टालें
शुभ09:30 – 10:52शुभ
रोग10:52 – 12:15टालें
उद्वेग12:15 – 13:37टालें
चर13:37 – 14:59सामान्य
लाभ14:59 – 16:22शुभ
अमृत16:22 – 17:44शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:44 – 19:22सामान्य
रोग19:22 – 20:59टालें
काल20:59 – 22:37टालें
लाभ22:37 – 00:14शुभ
उद्वेग00:14 – 01:52टालें
शुभ01:52 – 03:29शुभ
अमृत03:29 – 05:07शुभ
चर05:07 – 06:44सामान्य

3 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 06:53 तक
शुक्ल षष्ठी 04:37, 4 फ़र॰ तक
शुक्ल सप्तमी 02:31, 5 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रेवती 23:16 तक
अश्विनी 21:49, 4 फ़र॰ तक
योग
साध्य 03:02, 4 फ़र॰ तक
शुभ 00:06, 5 फ़र॰ तक
करण
बालव 06:53 तक
कौलव 17:44 तक
तैतिल 04:37, 4 फ़र॰ तक
गर 15:33, 4 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मीन 23:16 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:45
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
09:48
चंद्रास्त
22:52
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:01 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
08:07 – 09:30
यमगंड
10:52 – 12:15
गुलिक काल
13:37 – 14:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4507:40दिन
शनि07:4008:35दिन
गुरु08:3509:30दिन
मंगल09:3010:25दिन
सूर्य10:2511:20दिन
शुक्र11:2012:15दिन
बुध12:1513:10दिन
चंद्र13:1014:05दिन
शनि14:0514:59दिन
गुरु14:5915:54दिन
मंगल15:5416:49दिन
सूर्य16:4917:44दिन
शुक्र17:4418:49रात
बुध18:4919:54रात
चंद्र19:5420:59रात
शनि20:5922:04रात
गुरु22:0423:09रात
मंगल23:0900:14रात
सूर्य00:1401:19रात
शुक्र01:1902:24रात
बुध02:2403:29रात
चंद्र03:2904:34रात
शनि04:3405:39रात
गुरु05:3906:44रात

अयनांश 24.2076° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।