5 फ़रवरी 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

बुधवार, 5 फ़रवरी 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 5 फ़रवरी 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (00:36, 6 फ़र॰ तक), नक्षत्र भरणी (20:33 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:44 पर और सूर्यास्त 17:46 पर है। राहुकाल 12:15 से 13:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:44 – 17:46
रात 06:43 तक
तिथि
अष्टमी, 00:36 तक
नवमी
नक्षत्र
भरणी, 20:33 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:44 – 08:07शुभ
अमृत08:07 – 09:29शुभ
काल09:29 – 10:52टालें
शुभ10:52 – 12:15शुभ
रोग12:15 – 13:38टालें
उद्वेग13:38 – 15:00टालें
चर15:00 – 16:23सामान्य
लाभ16:23 – 17:46शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:46 – 19:23टालें
शुभ19:23 – 21:00शुभ
अमृत21:00 – 22:37शुभ
चर22:37 – 00:15सामान्य
रोग00:15 – 01:52टालें
काल01:52 – 03:29टालें
लाभ03:29 – 05:06शुभ
उद्वेग05:06 – 06:43टालें

5 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 00:36, 6 फ़र॰ तक
शुक्ल नवमी 22:53, 6 फ़र॰ तक
नक्षत्र
भरणी 20:33 तक
कृत्तिका 19:29, 6 फ़र॰ तक
योग
शुक्ल 21:18 तक
ब्रह्म 18:41, 6 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:32 तक
बव 00:36, 6 फ़र॰ तक
बालव 11:43, 6 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मेष 02:16, 6 फ़र॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:44
सूर्यास्त
17:46
चंद्रोदय
11:03
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:37 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:15 – 13:38
यमगंड
08:07 – 09:29
गुलिक काल
10:52 – 12:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4407:39दिन
चंद्र07:3908:34दिन
शनि08:3409:29दिन
गुरु09:2910:24दिन
मंगल10:2411:20दिन
सूर्य11:2012:15दिन
शुक्र12:1513:10दिन
बुध13:1014:05दिन
चंद्र14:0515:00दिन
शनि15:0015:56दिन
गुरु15:5616:51दिन
मंगल16:5117:46दिन
सूर्य17:4618:51रात
शुक्र18:5119:55रात
बुध19:5521:00रात
चंद्र21:0022:05रात
शनि22:0523:10रात
गुरु23:1000:15रात
मंगल00:1501:19रात
सूर्य01:1902:24रात
शुक्र02:2403:29रात
बुध03:2904:34रात
चंद्र04:3405:38रात
शनि05:3806:43रात

अयनांश 24.2076° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।