12 मार्च 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

बुधवार, 12 मार्च 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 12 मार्च 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (09:12 तक), नक्षत्र मघा (04:05, 13 मार्च तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 12:11 से 13:40 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 18:08
रात 06:12 तक
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
मघा, 04:05 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:13 – 07:43शुभ
अमृत07:43 – 09:12शुभ
काल09:12 – 10:41टालें
शुभ10:41 – 12:11शुभ
रोग12:11 – 13:40टालें
उद्वेग13:40 – 15:09टालें
चर15:09 – 16:39सामान्य
लाभ16:39 – 18:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:08 – 19:38टालें
शुभ19:38 – 21:09शुभ
अमृत21:09 – 22:40शुभ
चर22:40 – 00:10सामान्य
रोग00:10 – 01:41टालें
काल01:41 – 03:11टालें
लाभ03:11 – 04:42शुभ
उद्वेग04:42 – 06:12टालें

12 मार्च 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 09:12 तक
शुक्ल चतुर्दशी 10:36, 13 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 04:05, 13 मार्च तक
पूर्वा फाल्गुनी 06:19, 14 मार्च तक
योग
सुकर्मा 13:00 तक
धृति 13:02, 13 मार्च तक
करण
तैतिल 09:12 तक
गर 21:51 तक
वणिज 10:36, 13 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
16:31
चंद्रास्त
05:09
दिनमान
11h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:34 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:11 – 13:40
यमगंड
07:43 – 09:12
गुलिक काल
10:41 – 12:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1307:13दिन
चंद्र07:1308:12दिन
शनि08:1209:12दिन
गुरु09:1210:12दिन
मंगल10:1211:11दिन
सूर्य11:1112:11दिन
शुक्र12:1113:10दिन
बुध13:1014:10दिन
चंद्र14:1015:09दिन
शनि15:0916:09दिन
गुरु16:0917:08दिन
मंगल17:0818:08दिन
सूर्य18:0819:08रात
शुक्र19:0820:09रात
बुध20:0921:09रात
चंद्र21:0922:09रात
शनि22:0923:10रात
गुरु23:1000:10रात
मंगल00:1001:10रात
सूर्य01:1002:11रात
शुक्र02:1103:11रात
बुध03:1104:12रात
चंद्र04:1205:12रात
शनि05:1206:12रात

अयनांश 24.2090° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।