27 मार्च 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

गुरुवार, 27 मार्च 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 27 मार्च 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (23:03 तक), नक्षत्र शतभिषा (00:33, 28 मार्च तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 13:39 से 15:11 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 18:15
रात 05:56 तक
तिथि
त्रयोदशी, 23:03 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
शतभिषा, 00:33 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:57 – 07:29शुभ
रोग07:29 – 09:02टालें
उद्वेग09:02 – 10:34टालें
चर10:34 – 12:06सामान्य
लाभ12:06 – 13:39शुभ
अमृत13:39 – 15:11शुभ
काल15:11 – 16:43टालें
शुभ16:43 – 18:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:15 – 19:43शुभ
चर19:43 – 21:11सामान्य
रोग21:11 – 22:38टालें
काल22:38 – 00:06टालें
लाभ00:06 – 01:33शुभ
उद्वेग01:33 – 03:01टालें
शुभ03:01 – 04:28शुभ
अमृत04:28 – 05:56शुभ

27 मार्च 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 23:03 तक
कृष्ण चतुर्दशी 19:55, 28 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 00:33, 28 मार्च तक
पूर्वा भाद्रपद 22:09, 28 मार्च तक
योग
साध्य 09:24 तक
शुभ 05:56, 28 मार्च तक
करण
गर 12:27 तक
वणिज 23:03 तक
विष्टि (भद्रा) 09:32, 28 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
04:29
चंद्रास्त
16:05
दिनमान
12h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
13:39 – 15:11
यमगंड
05:57 – 07:29
गुलिक काल
09:02 – 10:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5706:59दिन
मंगल06:5908:00दिन
सूर्य08:0009:02दिन
शुक्र09:0210:03दिन
बुध10:0311:05दिन
चंद्र11:0512:06दिन
शनि12:0613:08दिन
गुरु13:0814:09दिन
मंगल14:0915:11दिन
सूर्य15:1116:12दिन
शुक्र16:1217:14दिन
बुध17:1418:15दिन
चंद्र18:1519:14रात
शनि19:1420:12रात
गुरु20:1221:11रात
मंगल21:1122:09रात
सूर्य22:0923:07रात
शुक्र23:0700:06रात
बुध00:0601:04रात
चंद्र01:0402:02रात
शनि02:0203:01रात
गुरु03:0103:59रात
मंगल03:5904:58रात
सूर्य04:5805:56रात

अयनांश 24.2096° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।