31 मार्च 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

सोमवार, 31 मार्च 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 31 मार्च 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (09:11 तक), नक्षत्र अश्विनी (13:45 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:53 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 07:26 से 08:59 तक है।

दिन और रात
दिन 05:53 – 18:17
रात 05:52 तक
तिथि
द्वितीया, 09:11 तक
तृतीया, 05:42 तक
नक्षत्र
अश्विनी, 13:45 तक
भरणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:53 – 07:26शुभ
काल07:26 – 08:59टालें
शुभ08:59 – 10:32शुभ
रोग10:32 – 12:05टालें
उद्वेग12:05 – 13:38टालें
चर13:38 – 15:11सामान्य
लाभ15:11 – 16:44शुभ
अमृत16:44 – 18:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:17 – 19:44सामान्य
रोग19:44 – 21:11टालें
काल21:11 – 22:38टालें
लाभ22:38 – 00:04शुभ
उद्वेग00:04 – 01:31टालें
शुभ01:31 – 02:58शुभ
अमृत02:58 – 04:25शुभ
चर04:25 – 05:52सामान्य

31 मार्च 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 09:11 तक
शुक्ल तृतीया 05:42, 1 अप्रैल तक
शुक्ल चतुर्थी 02:32, 2 अप्रैल तक
नक्षत्र
भरणी 11:06, 1 अप्रैल तक
योग
वैधृतिअशुभ 13:45 तक
विष्कंभअशुभ 09:48, 1 अप्रैल तक
करण
कौलव 09:11 तक
तैतिल 19:25 तक
गर 05:42, 1 अप्रैल तक
वणिज 16:05, 1 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
06:54
चंद्रास्त
20:36
दिनमान
12h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:20 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
07:26 – 08:59
यमगंड
10:32 – 12:05
गुलिक काल
13:38 – 15:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5306:55दिन
शनि06:5507:57दिन
गुरु07:5708:59दिन
मंगल08:5910:01दिन
सूर्य10:0111:03दिन
शुक्र11:0312:05दिन
बुध12:0513:07दिन
चंद्र13:0714:09दिन
शनि14:0915:11दिन
गुरु15:1116:13दिन
मंगल16:1317:15दिन
सूर्य17:1518:17दिन
शुक्र18:1719:15रात
बुध19:1520:13रात
चंद्र20:1321:11रात
शनि21:1122:09रात
गुरु22:0923:07रात
मंगल23:0700:04रात
सूर्य00:0401:02रात
शुक्र01:0202:00रात
बुध02:0002:58रात
चंद्र02:5803:56रात
शनि03:5604:54रात
गुरु04:5405:52रात

अयनांश 24.2097° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।