7 सितंबर 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 7 सितंबर 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 7 सितंबर 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (23:38 तक), नक्षत्र शतभिषा (21:41 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 16:40 से 18:14 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 18:14
रात 05:43 तक
तिथि
पूर्णिमा, 23:38 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
शतभिषा, 21:41 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:43 – 07:17टालें
चर07:17 – 08:51सामान्य
लाभ08:51 – 10:25शुभ
अमृत10:25 – 11:59शुभ
काल11:59 – 13:32टालें
शुभ13:32 – 15:06शुभ
रोग15:06 – 16:40टालें
उद्वेग16:40 – 18:14टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:14 – 19:40शुभ
अमृत19:40 – 21:06शुभ
चर21:06 – 22:33सामान्य
रोग22:33 – 23:59टालें
काल23:59 – 01:25टालें
लाभ01:25 – 02:51शुभ
उद्वेग02:51 – 04:17टालें
शुभ04:17 – 05:43शुभ

7 सितंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
पूर्णिमा 23:38 तक
कृष्ण प्रतिपदा 21:12, 8 सित॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 21:41 तक
पूर्वा भाद्रपद 20:02, 8 सित॰ तक
योग
सुकर्मा 09:22 तक
धृति 06:30, 8 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:43 तक
बव 23:38 तक
बालव 10:28, 8 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
18:04
चंद्रास्त
04:59
दिनमान
12h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
16:40 – 18:14
यमगंड
11:59 – 13:32
गुलिक काल
15:06 – 16:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4306:45दिन
शुक्र06:4507:48दिन
बुध07:4808:51दिन
चंद्र08:5109:53दिन
शनि09:5310:56दिन
गुरु10:5611:59दिन
मंगल11:5913:01दिन
सूर्य13:0114:04दिन
शुक्र14:0415:06दिन
बुध15:0616:09दिन
चंद्र16:0917:12दिन
शनि17:1218:14दिन
गुरु18:1419:12रात
मंगल19:1220:09रात
सूर्य20:0921:06रात
शुक्र21:0622:04रात
बुध22:0423:01रात
चंद्र23:0123:59रात
शनि23:5900:56रात
गुरु00:5601:54रात
मंगल01:5402:51रात
सूर्य02:5103:48रात
शुक्र03:4804:46रात
बुध04:4605:43रात

अयनांश 24.2158° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।