18 नवंबर 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

मंगलवार, 18 नवंबर 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 18 नवंबर 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (07:12 तक), नक्षत्र स्वाति (07:59, 19 नव॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:22 पर और सूर्यास्त 17:09 पर है। राहुकाल 14:27 से 15:48 तक है।

दिन और रात
दिन 06:22 – 17:09
रात 06:23 तक
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
स्वाति
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:22 – 07:43टालें
उद्वेग07:43 – 09:04टालें
चर09:04 – 10:25सामान्य
लाभ10:25 – 11:46शुभ
अमृत11:46 – 13:07शुभ
काल13:07 – 14:27टालें
शुभ14:27 – 15:48शुभ
रोग15:48 – 17:09टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:09 – 18:48टालें
लाभ18:48 – 20:28शुभ
उद्वेग20:28 – 22:07टालें
शुभ22:07 – 23:46शुभ
अमृत23:46 – 01:25शुभ
चर01:25 – 03:05सामान्य
रोग03:05 – 04:44टालें
काल04:44 – 06:23टालें

18 नवंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 07:12 तक
कृष्ण चतुर्दशी 09:44, 19 नव॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 07:59, 19 नव॰ तक
योग
आयुष्मान 08:09 तक
सौभाग्य 09:00, 19 नव॰ तक
करण
वणिज 07:12 तक
विष्टि (भद्रा) 20:27 तक
शकुनि 09:44, 19 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
17:09
चंद्रोदय
04:32
चंद्रास्त
15:43
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:07

अशुभ समय

राहुकाल
14:27 – 15:48
यमगंड
09:04 – 10:25
गुलिक काल
11:46 – 13:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2207:16दिन
सूर्य07:1608:10दिन
शुक्र08:1009:04दिन
बुध09:0409:58दिन
चंद्र09:5810:52दिन
शनि10:5211:46दिन
गुरु11:4612:40दिन
मंगल12:4013:34दिन
सूर्य13:3414:27दिन
शुक्र14:2715:21दिन
बुध15:2116:15दिन
चंद्र16:1517:09दिन
शनि17:0918:15रात
गुरु18:1519:21रात
मंगल19:2120:28रात
सूर्य20:2821:34रात
शुक्र21:3422:40रात
बुध22:4023:46रात
चंद्र23:4600:52रात
शनि00:5201:58रात
गुरु01:5803:05रात
मंगल03:0504:11रात
सूर्य04:1105:17रात
शुक्र05:1706:23रात

अयनांश 24.2186° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।