28 दिसंबर 2025 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 28 दिसंबर 2025, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 28 दिसंबर 2025 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (12:00 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (08:43 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 17:16 पर है। राहुकाल 15:58 से 17:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 17:16
रात 06:49 तक
तिथि
अष्टमी, 12:00 तक
नवमी
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:48 – 08:07टालें
चर08:07 – 09:25सामान्य
लाभ09:25 – 10:44शुभ
अमृत10:44 – 12:02शुभ
काल12:02 – 13:21टालें
शुभ13:21 – 14:39शुभ
रोग14:39 – 15:58टालें
उद्वेग15:58 – 17:16टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:16 – 18:58शुभ
अमृत18:58 – 20:39शुभ
चर20:39 – 22:21सामान्य
रोग22:21 – 00:02टालें
काल00:02 – 01:44टालें
लाभ01:44 – 03:25शुभ
उद्वेग03:25 – 05:07टालें
शुभ05:07 – 06:49शुभ

28 दिसंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 12:00 तक
शुक्ल नवमी 10:12, 29 दिस॰ तक
नक्षत्र
रेवती 07:41, 29 दिस॰ तक
योग
वरीयान 10:13 तक
परिघअशुभ 07:36, 29 दिस॰ तक
करण
बव 12:00 तक
बालव 23:11 तक
कौलव 10:12, 29 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
17:16
चंद्रोदय
12:01
चंद्रास्त
00:01
दिनमान
10h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:23

अशुभ समय

राहुकाल
15:58 – 17:16
यमगंड
12:02 – 13:21
गुलिक काल
14:39 – 15:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4807:41दिन
शुक्र07:4108:33दिन
बुध08:3309:25दिन
चंद्र09:2510:18दिन
शनि10:1811:10दिन
गुरु11:1012:02दिन
मंगल12:0212:55दिन
सूर्य12:5513:47दिन
शुक्र13:4714:39दिन
बुध14:3915:32दिन
चंद्र15:3216:24दिन
शनि16:2417:16दिन
गुरु17:1618:24रात
मंगल18:2419:32रात
सूर्य19:3220:39रात
शुक्र20:3921:47रात
बुध21:4722:55रात
चंद्र22:5500:02रात
शनि00:0201:10रात
गुरु01:1002:18रात
मंगल02:1803:25रात
सूर्य03:2504:33रात
शुक्र04:3305:41रात
बुध05:4106:49रात

अयनांश 24.2201° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।