7 जनवरी 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

बुधवार, 7 जनवरी 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 7 जनवरी 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (06:53 तक), नक्षत्र मघा (11:56 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है। राहुकाल 12:07 से 13:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 17:23
रात 06:51 तक
तिथि
पंचमी, 06:34 तक
नक्षत्र
मघा, 11:56 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:51 – 08:10शुभ
अमृत08:10 – 09:29शुभ
काल09:29 – 10:48टालें
शुभ10:48 – 12:07शुभ
रोग12:07 – 13:26टालें
उद्वेग13:26 – 14:45टालें
चर14:45 – 16:04सामान्य
लाभ16:04 – 17:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:23 – 19:04टालें
शुभ19:04 – 20:45शुभ
अमृत20:45 – 22:26शुभ
चर22:26 – 00:07सामान्य
रोग00:07 – 01:48टालें
काल01:48 – 03:29टालें
लाभ03:29 – 05:10शुभ
उद्वेग05:10 – 06:51टालें

7 जनवरी 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 06:53 तक
कृष्ण पंचमी 06:34, 8 जन॰ तक
कृष्ण षष्ठी 07:05, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 11:56 तक
योग
आयुष्मान 18:33 तक
सौभाग्य 17:25, 8 जन॰ तक
करण
बालव 06:53 तक
कौलव 18:37 तक
तैतिल 06:34, 8 जन॰ तक
गर 18:43, 8 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
17:23
चंद्रोदय
21:36
चंद्रास्त
09:45
दिनमान
10h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
11:46 – 12:28 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:07 – 13:26
यमगंड
08:10 – 09:29
गुलिक काल
10:48 – 12:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5107:43दिन
चंद्र07:4308:36दिन
शनि08:3609:29दिन
गुरु09:2910:22दिन
मंगल10:2211:14दिन
सूर्य11:1412:07दिन
शुक्र12:0713:00दिन
बुध13:0013:52दिन
चंद्र13:5214:45दिन
शनि14:4515:38दिन
गुरु15:3816:30दिन
मंगल16:3017:23दिन
सूर्य17:2318:30रात
शुक्र18:3019:38रात
बुध19:3820:45रात
चंद्र20:4521:52रात
शनि21:5223:00रात
गुरु23:0000:07रात
मंगल00:0701:14रात
सूर्य01:1402:22रात
शुक्र02:2203:29रात
बुध03:2904:36रात
चंद्र04:3605:43रात
शनि05:4306:51रात

अयनांश 24.2205° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।