9 जनवरी 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

शुक्रवार, 9 जनवरी 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (07:05 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (13:40 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है। राहुकाल 10:49 से 12:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 17:25
रात 06:51 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 13:40 तक
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:51 – 08:10सामान्य
लाभ08:10 – 09:29शुभ
अमृत09:29 – 10:49शुभ
काल10:49 – 12:08टालें
शुभ12:08 – 13:27शुभ
रोग13:27 – 14:46टालें
उद्वेग14:46 – 16:05टालें
चर16:05 – 17:25सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:25 – 19:05टालें
काल19:05 – 20:46टालें
लाभ20:46 – 22:27शुभ
उद्वेग22:27 – 00:08टालें
शुभ00:08 – 01:49शुभ
अमृत01:49 – 03:29शुभ
चर03:29 – 05:10सामान्य
रोग05:10 – 06:51टालें

9 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 07:05 तक
कृष्ण सप्तमी 08:24, 10 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 15:39, 10 जन॰ तक
योग
शोभन 16:55 तक
अतिगंडअशुभ 16:58, 10 जन॰ तक
करण
वणिज 07:05 तक
विष्टि (भद्रा) 19:39 तक
बव 08:24, 10 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
17:25
चंद्रोदय
23:26
चंद्रास्त
10:46
दिनमान
10h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
10:49 – 12:08
यमगंड
14:46 – 16:05
गुलिक काल
08:10 – 09:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:5107:44दिन
बुध07:4408:37दिन
चंद्र08:3709:29दिन
शनि09:2910:22दिन
गुरु10:2211:15दिन
मंगल11:1512:08दिन
सूर्य12:0813:01दिन
शुक्र13:0113:53दिन
बुध13:5314:46दिन
चंद्र14:4615:39दिन
शनि15:3916:32दिन
गुरु16:3217:25दिन
मंगल17:2518:32रात
सूर्य18:3219:39रात
शुक्र19:3920:46रात
बुध20:4621:53रात
चंद्र21:5323:01रात
शनि23:0100:08रात
गुरु00:0801:15रात
मंगल01:1502:22रात
सूर्य02:2203:29रात
शुक्र03:2904:37रात
बुध04:3705:44रात
चंद्र05:4406:51रात

अयनांश 24.2206° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।