16 फ़रवरी 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

सोमवार, 16 फ़रवरी 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 16 फ़रवरी 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (17:34 तक), नक्षत्र श्रवण (20:48 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 08:01 से 09:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 17:53
रात 06:36 तक
तिथि
चतुर्दशी, 17:34 तक
अमावस्या
नक्षत्र
श्रवण, 20:48 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:36 – 08:01शुभ
काल08:01 – 09:26टालें
शुभ09:26 – 10:50शुभ
रोग10:50 – 12:15टालें
उद्वेग12:15 – 13:40टालें
चर13:40 – 15:04सामान्य
लाभ15:04 – 16:29शुभ
अमृत16:29 – 17:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:53 – 19:29सामान्य
रोग19:29 – 21:04टालें
काल21:04 – 22:39टालें
लाभ22:39 – 00:15शुभ
उद्वेग00:15 – 01:50टालें
शुभ01:50 – 03:25शुभ
अमृत03:25 – 05:00शुभ
चर05:00 – 06:36सामान्य

16 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 17:34 तक
अमावस्या 17:31, 17 फ़र॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 20:48 तक
धनिष्ठा 21:16, 17 फ़र॰ तक
योग
वरीयान 01:50, 17 फ़र॰ तक
परिघअशुभ 00:28, 18 फ़र॰ तक
करण
शकुनि 17:34 तक
चतुष्पद 05:36, 17 फ़र॰ तक
नाग 17:31, 17 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
05:51
चंद्रास्त
16:50
दिनमान
11h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
08:01 – 09:26
यमगंड
10:50 – 12:15
गुलिक काल
13:40 – 15:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3607:33दिन
शनि07:3308:29दिन
गुरु08:2909:26दिन
मंगल09:2610:22दिन
सूर्य10:2211:18दिन
शुक्र11:1812:15दिन
बुध12:1513:11दिन
चंद्र13:1114:08दिन
शनि14:0815:04दिन
गुरु15:0416:01दिन
मंगल16:0116:57दिन
सूर्य16:5717:53दिन
शुक्र17:5318:57रात
बुध18:5720:00रात
चंद्र20:0021:04रात
शनि21:0422:07रात
गुरु22:0723:11रात
मंगल23:1100:15रात
सूर्य00:1501:18रात
शुक्र01:1802:22रात
बुध02:2203:25रात
चंद्र03:2504:29रात
शनि04:2905:32रात
गुरु05:3206:36रात

अयनांश 24.2220° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।