13 मार्च 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

शुक्रवार, 13 मार्च 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (06:29 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (03:03, 14 मार्च तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 10:41 से 12:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 18:08
रात 06:12 तक
तिथि
दशमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 03:03 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:13 – 07:42सामान्य
लाभ07:42 – 09:11शुभ
अमृत09:11 – 10:41शुभ
काल10:41 – 12:10टालें
शुभ12:10 – 13:40शुभ
रोग13:40 – 15:09टालें
उद्वेग15:09 – 16:39टालें
चर16:39 – 18:08सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:08 – 19:39टालें
काल19:39 – 21:09टालें
लाभ21:09 – 22:39शुभ
उद्वेग22:39 – 00:10टालें
शुभ00:10 – 01:40शुभ
अमृत01:40 – 03:11शुभ
चर03:11 – 04:41सामान्य
रोग04:41 – 06:12टालें

13 मार्च 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण नवमी 06:29 तक
कृष्ण दशमी 08:11, 14 मार्च तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 03:03, 14 मार्च तक
उत्तराषाढ़ा 04:49, 15 मार्च तक
योग
व्यतीपातअशुभ 10:31 तक
वरीयान 10:42, 14 मार्च तक
करण
गर 06:29 तक
वणिज 19:24 तक
विष्टि (भद्रा) 08:11, 14 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
02:18
चंद्रास्त
12:38
दिनमान
11h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
10:41 – 12:10
यमगंड
15:09 – 16:39
गुलिक काल
07:42 – 09:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1307:12दिन
बुध07:1208:12दिन
चंद्र08:1209:11दिन
शनि09:1110:11दिन
गुरु10:1111:11दिन
मंगल11:1112:10दिन
सूर्य12:1013:10दिन
शुक्र13:1014:10दिन
बुध14:1015:09दिन
चंद्र15:0916:09दिन
शनि16:0917:09दिन
गुरु17:0918:08दिन
मंगल18:0819:08रात
सूर्य19:0820:09रात
शुक्र20:0921:09रात
बुध21:0922:09रात
चंद्र22:0923:10रात
शनि23:1000:10रात
गुरु00:1001:10रात
मंगल01:1002:10रात
सूर्य02:1003:11रात
शुक्र03:1104:11रात
बुध04:1105:11रात
चंद्र05:1106:12रात

अयनांश 24.2230° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।