25 मार्च 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

बुधवार, 25 मार्च 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 25 मार्च 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (13:50 तक), नक्षत्र मृगशिरा (17:33 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 12:07 से 13:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 18:14
रात 05:58 तक
तिथि
सप्तमी, 13:50 तक
अष्टमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 17:33 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:00 – 07:31शुभ
अमृत07:31 – 09:03शुभ
काल09:03 – 10:35टालें
शुभ10:35 – 12:07शुभ
रोग12:07 – 13:39टालें
उद्वेग13:39 – 15:11टालें
चर15:11 – 16:42सामान्य
लाभ16:42 – 18:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:14 – 19:42टालें
शुभ19:42 – 21:10शुभ
अमृत21:10 – 22:38शुभ
चर22:38 – 00:06सामान्य
रोग00:06 – 01:34टालें
काल01:34 – 03:02टालें
लाभ03:02 – 04:30शुभ
उद्वेग04:30 – 05:58टालें

25 मार्च 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 13:50 तक
शुक्ल अष्टमी 11:49, 26 मार्च तक
नक्षत्र
आर्द्रा 16:19, 26 मार्च तक
योग
आयुष्मान 06:02 तक
सौभाग्य 03:09, 26 मार्च तक
शोभन 00:31, 27 मार्च तक
करण
वणिज 13:50 तक
विष्टि (भद्रा) 00:47, 26 मार्च तक
बव 11:49, 26 मार्च तक
चंद्र राशि
वृषभ 06:17 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
10:33
चंद्रास्त
00:11
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:31 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:07 – 13:39
यमगंड
07:31 – 09:03
गुलिक काल
10:35 – 12:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0007:01दिन
चंद्र07:0108:02दिन
शनि08:0209:03दिन
गुरु09:0310:04दिन
मंगल10:0411:06दिन
सूर्य11:0612:07दिन
शुक्र12:0713:08दिन
बुध13:0814:09दिन
चंद्र14:0915:11दिन
शनि15:1116:12दिन
गुरु16:1217:13दिन
मंगल17:1318:14दिन
सूर्य18:1419:13रात
शुक्र19:1320:12रात
बुध20:1221:10रात
चंद्र21:1022:09रात
शनि22:0923:08रात
गुरु23:0800:06रात
मंगल00:0601:05रात
सूर्य01:0502:04रात
शुक्र02:0403:02रात
बुध03:0204:01रात
चंद्र04:0105:00रात
शनि05:0005:58रात

अयनांश 24.2234° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।