20 अक्टूबर 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (12:50 तक), नक्षत्र श्रवण (18:02 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 17:28 पर है। राहुकाल 14:37 से 16:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 17:28
रात 06:03 तक
तिथि
नवमी, 12:50 तक
दशमी
नक्षत्र
श्रवण, 18:02 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:03 – 07:28टालें
उद्वेग07:28 – 08:54टालें
चर08:54 – 10:20सामान्य
लाभ10:20 – 11:45शुभ
अमृत11:45 – 13:11शुभ
काल13:11 – 14:37टालें
शुभ14:37 – 16:02शुभ
रोग16:02 – 17:28टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:28 – 19:02टालें
लाभ19:02 – 20:37शुभ
उद्वेग20:37 – 22:11टालें
शुभ22:11 – 23:46शुभ
अमृत23:46 – 01:20शुभ
चर01:20 – 02:55सामान्य
रोग02:55 – 04:29टालें
काल04:29 – 06:03टालें

20 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल नवमी 12:50 तक
शुक्ल दशमी 14:12, 21 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 18:02 तक
धनिष्ठा 19:48, 21 अक्टू॰ तक
योग
शूलअशुभ 00:50, 21 अक्टू॰ तक
गंडअशुभ 00:33, 22 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 12:50 तक
तैतिल 01:36, 21 अक्टू॰ तक
गर 14:12, 21 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
17:28
चंद्रोदय
13:55
चंद्रास्त
00:11
दिनमान
11h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:08

अशुभ समय

राहुकाल
14:37 – 16:02
यमगंड
08:54 – 10:20
गुलिक काल
11:45 – 13:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0307:00दिन
सूर्य07:0007:57दिन
शुक्र07:5708:54दिन
बुध08:5409:51दिन
चंद्र09:5110:48दिन
शनि10:4811:45दिन
गुरु11:4512:42दिन
मंगल12:4213:40दिन
सूर्य13:4014:37दिन
शुक्र14:3715:34दिन
बुध15:3416:31दिन
चंद्र16:3117:28दिन
शनि17:2818:31रात
गुरु18:3119:34रात
मंगल19:3420:37रात
सूर्य20:3721:40रात
शुक्र21:4022:43रात
बुध22:4323:46रात
चंद्र23:4600:49रात
शनि00:4901:52रात
गुरु01:5202:55रात
मंगल02:5503:57रात
सूर्य03:5705:00रात
शुक्र05:0006:03रात

अयनांश 24.2314° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।