12 नवंबर 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

गुरुवार, 12 नवंबर 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 12 नवंबर 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (18:09 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (14:19 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 17:12 पर है। राहुकाल 13:06 से 14:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 17:12
रात 06:19 तक
तिथि
तृतीया, 18:09 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 14:19 तक
मूल
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:18 – 07:40शुभ
रोग07:40 – 09:01टालें
उद्वेग09:01 – 10:23टालें
चर10:23 – 11:45सामान्य
लाभ11:45 – 13:06शुभ
अमृत13:06 – 14:28शुभ
काल14:28 – 15:50टालें
शुभ15:50 – 17:12शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:12 – 18:50शुभ
चर18:50 – 20:28सामान्य
रोग20:28 – 22:07टालें
काल22:07 – 23:45टालें
लाभ23:45 – 01:23शुभ
उद्वेग01:23 – 03:02टालें
शुभ03:02 – 04:40शुभ
अमृत04:40 – 06:19शुभ

12 नवंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 18:09 तक
शुक्ल चतुर्थी 20:43, 13 नव॰ तक
नक्षत्र
मूल 17:17, 13 नव॰ तक
योग
सुकर्मा 04:26, 13 नव॰ तक
धृति 05:23, 14 नव॰ तक
करण
गर 18:09 तक
वणिज 07:24, 13 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
17:12
चंद्रोदय
09:00
चंद्रास्त
19:17
दिनमान
10h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
13:06 – 14:28
यमगंड
06:18 – 07:40
गुलिक काल
09:01 – 10:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1807:12दिन
मंगल07:1208:07दिन
सूर्य08:0709:01दिन
शुक्र09:0109:56दिन
बुध09:5610:50दिन
चंद्र10:5011:45दिन
शनि11:4512:39दिन
गुरु12:3913:34दिन
मंगल13:3414:28दिन
सूर्य14:2815:23दिन
शुक्र15:2316:17दिन
बुध16:1717:12दिन
चंद्र17:1218:17रात
शनि18:1719:23रात
गुरु19:2320:28रात
मंगल20:2821:34रात
सूर्य21:3422:39रात
शुक्र22:3923:45रात
बुध23:4500:51रात
चंद्र00:5101:56रात
शनि01:5603:02रात
गुरु03:0204:07रात
मंगल04:0705:13रात
सूर्य05:1306:19रात

अयनांश 24.2323° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।