14 नवंबर 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

शनिवार, 14 नवंबर 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 14 नवंबर 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (23:24 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (20:24 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 17:11 पर है। राहुकाल 09:02 से 10:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 17:11
रात 06:20 तक
तिथि
पंचमी, 23:24 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 20:24 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:19 – 07:41टालें
शुभ07:41 – 09:02शुभ
रोग09:02 – 10:24टालें
उद्वेग10:24 – 11:45टालें
चर11:45 – 13:06सामान्य
लाभ13:06 – 14:28शुभ
अमृत14:28 – 15:49शुभ
काल15:49 – 17:11टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:11 – 18:49शुभ
उद्वेग18:49 – 20:28टालें
शुभ20:28 – 22:07शुभ
अमृत22:07 – 23:45शुभ
चर23:45 – 01:24सामान्य
रोग01:24 – 03:03टालें
काल03:03 – 04:41टालें
लाभ04:41 – 06:20शुभ

14 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 23:24 तक
शुक्ल षष्ठी 02:01, 16 नव॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 23:29, 15 नव॰ तक
योग
शूलअशुभ 06:22, 15 नव॰ तक
करण
बव 10:03 तक
बालव 23:24 तक
कौलव 12:44, 15 नव॰ तक
चंद्र राशि
धनु 03:11, 15 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
17:11
चंद्रोदय
10:35
चंद्रास्त
21:06
दिनमान
10h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:07

अशुभ समय

राहुकाल
09:02 – 10:24
यमगंड
13:06 – 14:28
गुलिक काल
06:19 – 07:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1907:14दिन
गुरु07:1408:08दिन
मंगल08:0809:02दिन
सूर्य09:0209:56दिन
शुक्र09:5610:51दिन
बुध10:5111:45दिन
चंद्र11:4512:39दिन
शनि12:3913:34दिन
गुरु13:3414:28दिन
मंगल14:2815:22दिन
सूर्य15:2216:16दिन
शुक्र16:1617:11दिन
बुध17:1118:16रात
चंद्र18:1619:22रात
शनि19:2220:28रात
गुरु20:2821:34रात
मंगल21:3422:40रात
सूर्य22:4023:45रात
शुक्र23:4500:51रात
बुध00:5101:57रात
चंद्र01:5703:03रात
शनि03:0304:08रात
गुरु04:0805:14रात
मंगल05:1406:20रात

अयनांश 24.2324° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।