28 नवंबर 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

शनिवार, 28 नवंबर 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 28 नवंबर 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (06:40 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (12:50 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 17:07 पर है। राहुकाल 09:09 से 10:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 17:07
रात 06:30 तक
तिथि
पंचमी, 03:57 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 12:50 तक
पुष्य
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:30 – 07:49टालें
शुभ07:49 – 09:09शुभ
रोग09:09 – 10:29टालें
उद्वेग10:29 – 11:48टालें
चर11:48 – 13:08सामान्य
लाभ13:08 – 14:28शुभ
अमृत14:28 – 15:48शुभ
काल15:48 – 17:07टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:07 – 18:48शुभ
उद्वेग18:48 – 20:28टालें
शुभ20:28 – 22:08शुभ
अमृत22:08 – 23:49शुभ
चर23:49 – 01:29सामान्य
रोग01:29 – 03:10टालें
काल03:10 – 04:50टालें
लाभ04:50 – 06:30शुभ

28 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 06:40 तक
कृष्ण पंचमी 03:57, 29 नव॰ तक
कृष्ण षष्ठी 01:47, 30 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 10:59, 29 नव॰ तक
योग
शुक्ल 20:18 तक
ब्रह्म 17:08, 29 नव॰ तक
करण
बालव 06:40 तक
कौलव 17:15 तक
तैतिल 03:57, 29 नव॰ तक
गर 14:48, 29 नव॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 07:22 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
17:07
चंद्रोदय
21:07
चंद्रास्त
10:16
दिनमान
10h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:36
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
09:09 – 10:29
यमगंड
13:08 – 14:28
गुलिक काल
06:30 – 07:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3007:23दिन
गुरु07:2308:16दिन
मंगल08:1609:09दिन
सूर्य09:0910:02दिन
शुक्र10:0210:55दिन
बुध10:5511:48दिन
चंद्र11:4812:42दिन
शनि12:4213:35दिन
गुरु13:3514:28दिन
मंगल14:2815:21दिन
सूर्य15:2116:14दिन
शुक्र16:1417:07दिन
बुध17:0718:14रात
चंद्र18:1419:21रात
शनि19:2120:28रात
गुरु20:2821:35रात
मंगल21:3522:42रात
सूर्य22:4223:49रात
शुक्र23:4900:56रात
बुध00:5602:03रात
चंद्र02:0303:10रात
शनि03:1004:17रात
गुरु04:1705:24रात
मंगल05:2406:30रात

अयनांश 24.2329° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।