9 दिसंबर 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

बुधवार, 9 दिसंबर 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 9 दिसंबर 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (08:46, 10 दिस॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (21:00 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 17:08 पर है। राहुकाल 11:53 से 13:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 17:08
रात 06:38 तक
तिथि
प्रतिपदा
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 21:00 तक
मूल
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:38 – 07:56शुभ
अमृत07:56 – 09:15शुभ
काल09:15 – 10:34टालें
शुभ10:34 – 11:53शुभ
रोग11:53 – 13:12टालें
उद्वेग13:12 – 14:30टालें
चर14:30 – 15:49सामान्य
लाभ15:49 – 17:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:08 – 18:49टालें
शुभ18:49 – 20:31शुभ
अमृत20:31 – 22:12शुभ
चर22:12 – 23:53सामान्य
रोग23:53 – 01:34टालें
काल01:34 – 03:16टालें
लाभ03:16 – 04:57शुभ
उद्वेग04:57 – 06:38टालें

9 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 08:46, 10 दिस॰ तक
नक्षत्र
मूल 23:58, 10 दिस॰ तक
योग
धृति 08:40 तक
शूलअशुभ 09:24, 10 दिस॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 19:32 तक
बव 08:46, 10 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
17:08
चंद्रोदय
06:53
चंद्रास्त
17:12
दिनमान
10h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:14 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:53 – 13:12
यमगंड
07:56 – 09:15
गुलिक काल
10:34 – 11:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3807:30दिन
चंद्र07:3008:23दिन
शनि08:2309:15दिन
गुरु09:1510:08दिन
मंगल10:0811:00दिन
सूर्य11:0011:53दिन
शुक्र11:5312:45दिन
बुध12:4513:38दिन
चंद्र13:3814:30दिन
शनि14:3015:23दिन
गुरु15:2316:16दिन
मंगल16:1617:08दिन
सूर्य17:0818:16रात
शुक्र18:1619:23रात
बुध19:2320:31रात
चंद्र20:3121:38रात
शनि21:3822:46रात
गुरु22:4623:53रात
मंगल23:5301:01रात
सूर्य01:0102:08रात
शुक्र02:0803:16रात
बुध03:1604:23रात
चंद्र04:2305:31रात
शनि05:3106:38रात

अयनांश 24.2333° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।