11 फ़रवरी 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (03:18, 12 फ़र॰ तक), नक्षत्र रेवती (05:42, 12 फ़र॰ तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:40 पर और सूर्यास्त 17:50 पर है। राहुकाल 13:39 से 15:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:40 – 17:50
रात 06:40 तक
तिथि
पंचमी, 03:18 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रेवती, 05:42 तक
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:40 – 08:04शुभ
रोग08:04 – 09:28टालें
उद्वेग09:28 – 10:51टालें
चर10:51 – 12:15सामान्य
लाभ12:15 – 13:39शुभ
अमृत13:39 – 15:02शुभ
काल15:02 – 16:26टालें
शुभ16:26 – 17:50शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:50 – 19:26शुभ
चर19:26 – 21:02सामान्य
रोग21:02 – 22:38टालें
काल22:38 – 00:15टालें
लाभ00:15 – 01:51शुभ
उद्वेग01:51 – 03:27टालें
शुभ03:27 – 05:03शुभ
अमृत05:03 – 06:40शुभ

11 फ़रवरी 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 03:18, 12 फ़र॰ तक
शुक्ल षष्ठी 02:59, 13 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रेवती 05:42, 12 फ़र॰ तक
अश्विनी 05:56, 13 फ़र॰ तक
योग
साध्य 20:20 तक
शुभ 19:02, 12 फ़र॰ तक
करण
बव 15:15 तक
बालव 03:18, 12 फ़र॰ तक
कौलव 15:13, 12 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मीन 05:42, 12 फ़र॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:40
सूर्यास्त
17:50
चंद्रोदय
09:00
चंद्रास्त
22:06
दिनमान
11h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:49
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
13:39 – 15:02
यमगंड
06:40 – 08:04
गुलिक काल
09:28 – 10:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4007:36दिन
मंगल07:3608:32दिन
सूर्य08:3209:28दिन
शुक्र09:2810:23दिन
बुध10:2311:19दिन
चंद्र11:1912:15दिन
शनि12:1513:11दिन
गुरु13:1114:07दिन
मंगल14:0715:02दिन
सूर्य15:0215:58दिन
शुक्र15:5816:54दिन
बुध16:5417:50दिन
चंद्र17:5018:54रात
शनि18:5419:58रात
गुरु19:5821:02रात
मंगल21:0222:06रात
सूर्य22:0623:11रात
शुक्र23:1100:15रात
बुध00:1501:19रात
चंद्र01:1902:23रात
शनि02:2303:27रात
गुरु03:2704:31रात
मंगल04:3105:35रात
सूर्य05:3506:40रात

अयनांश 24.2358° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।