12 मार्च 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

शुक्रवार, 12 मार्च 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 12 मार्च 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (14:57 तक), नक्षत्र अश्विनी (11:22 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 10:42 से 12:11 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 18:08
रात 06:13 तक
तिथि
चतुर्थी, 14:57 तक
पंचमी
नक्षत्र
अश्विनी, 11:22 तक
भरणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:14 – 07:43सामान्य
लाभ07:43 – 09:12शुभ
अमृत09:12 – 10:42शुभ
काल10:42 – 12:11टालें
शुभ12:11 – 13:40शुभ
रोग13:40 – 15:09टालें
उद्वेग15:09 – 16:38टालें
चर16:38 – 18:08सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:08 – 19:38टालें
काल19:38 – 21:09टालें
लाभ21:09 – 22:40शुभ
उद्वेग22:40 – 00:10टालें
शुभ00:10 – 01:41शुभ
अमृत01:41 – 03:12शुभ
चर03:12 – 04:42सामान्य
रोग04:42 – 06:13टालें

12 मार्च 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 14:57 तक
शुक्ल पंचमी 13:55, 13 मार्च तक
नक्षत्र
भरणी 11:03, 13 मार्च तक
योग
इंद्र 21:34 तक
वैधृतिअशुभ 19:30, 13 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:57 तक
बव 02:29, 13 मार्च तक
बालव 13:55, 13 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
08:12
चंद्रास्त
22:02
दिनमान
11h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
10:42 – 12:11
यमगंड
15:09 – 16:38
गुलिक काल
07:43 – 09:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1407:13दिन
बुध07:1308:13दिन
चंद्र08:1309:12दिन
शनि09:1210:12दिन
गुरु10:1211:11दिन
मंगल11:1112:11दिन
सूर्य12:1113:10दिन
शुक्र13:1014:10दिन
बुध14:1015:09दिन
चंद्र15:0916:09दिन
शनि16:0917:08दिन
गुरु17:0818:08दिन
मंगल18:0819:08रात
सूर्य19:0820:08रात
शुक्र20:0821:09रात
बुध21:0922:09रात
चंद्र22:0923:10रात
शनि23:1000:10रात
गुरु00:1001:11रात
मंगल01:1102:11रात
सूर्य02:1103:12रात
शुक्र03:1204:12रात
बुध04:1205:12रात
चंद्र05:1206:13रात

अयनांश 24.2369° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।