10 अप्रैल 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

शनिवार, 10 अप्रैल 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 10 अप्रैल 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (23:40 तक), नक्षत्र कृत्तिका (16:07 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 18:22 पर है। राहुकाल 08:52 से 10:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 18:22
रात 05:42 तक
तिथि
चतुर्थी, 23:40 तक
पंचमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 16:07 तक
रोहिणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:43 – 07:18टालें
शुभ07:18 – 08:52शुभ
रोग08:52 – 10:27टालें
उद्वेग10:27 – 12:02टालें
चर12:02 – 13:37सामान्य
लाभ13:37 – 15:12शुभ
अमृत15:12 – 16:47शुभ
काल16:47 – 18:22टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:22 – 19:47शुभ
उद्वेग19:47 – 21:12टालें
शुभ21:12 – 22:37शुभ
अमृत22:37 – 00:02शुभ
चर00:02 – 01:27सामान्य
रोग01:27 – 02:52टालें
काल02:52 – 04:17टालें
लाभ04:17 – 05:42शुभ

10 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 23:40 तक
शुक्ल पंचमी 21:40, 11 अप्रैल तक
नक्षत्र
रोहिणी 14:53, 11 अप्रैल तक
योग
आयुष्मान 22:21 तक
सौभाग्य 19:37, 11 अप्रैल तक
करण
वणिज 12:37 तक
विष्टि (भद्रा) 23:40 तक
बव 10:41, 11 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
18:22
चंद्रोदय
07:39
चंद्रास्त
22:03
दिनमान
12h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
08:52 – 10:27
यमगंड
13:37 – 15:12
गुलिक काल
05:43 – 07:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4306:46दिन
गुरु06:4607:49दिन
मंगल07:4908:52दिन
सूर्य08:5209:56दिन
शुक्र09:5610:59दिन
बुध10:5912:02दिन
चंद्र12:0213:06दिन
शनि13:0614:09दिन
गुरु14:0915:12दिन
मंगल15:1216:15दिन
सूर्य16:1517:19दिन
शुक्र17:1918:22दिन
बुध18:2219:19रात
चंद्र19:1920:15रात
शनि20:1521:12रात
गुरु21:1222:09रात
मंगल22:0923:05रात
सूर्य23:0500:02रात
शुक्र00:0200:58रात
बुध00:5801:55रात
चंद्र01:5502:52रात
शनि02:5203:48रात
गुरु03:4804:45रात
मंगल04:4505:42रात

अयनांश 24.2380° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।