27 अप्रैल 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

मंगलवार, 27 अप्रैल 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 27 अप्रैल 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (09:57 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (14:25 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 15:15 से 16:53 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 18:31
रात 05:25 तक
तिथि
षष्ठी, 09:57 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 14:25 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:26 – 07:04टालें
उद्वेग07:04 – 08:42टालें
चर08:42 – 10:21सामान्य
लाभ10:21 – 11:59शुभ
अमृत11:59 – 13:37शुभ
काल13:37 – 15:15टालें
शुभ15:15 – 16:53शुभ
रोग16:53 – 18:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:31 – 19:53टालें
लाभ19:53 – 21:15शुभ
उद्वेग21:15 – 22:36टालें
शुभ22:36 – 23:58शुभ
अमृत23:58 – 01:20शुभ
चर01:20 – 02:42सामान्य
रोग02:42 – 04:04टालें
काल04:04 – 05:25टालें

27 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 09:57 तक
कृष्ण सप्तमी 12:31, 28 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 17:30, 28 अप्रैल तक
योग
सिद्ध 15:42 तक
साध्य 16:44, 28 अप्रैल तक
करण
वणिज 09:57 तक
विष्टि (भद्रा) 23:13 तक
बव 12:31, 28 अप्रैल तक
चंद्र राशि
धनु 21:11 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
10:10
दिनमान
13h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:59 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
15:15 – 16:53
यमगंड
08:42 – 10:21
गुलिक काल
11:59 – 13:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:2606:32दिन
सूर्य06:3207:37दिन
शुक्र07:3708:42दिन
बुध08:4209:48दिन
चंद्र09:4810:53दिन
शनि10:5311:59दिन
गुरु11:5913:04दिन
मंगल13:0414:09दिन
सूर्य14:0915:15दिन
शुक्र15:1516:20दिन
बुध16:2017:25दिन
चंद्र17:2518:31दिन
शनि18:3119:25रात
गुरु19:2520:20रात
मंगल20:2021:15रात
सूर्य21:1522:09रात
शुक्र22:0923:04रात
बुध23:0423:58रात
चंद्र23:5800:53रात
शनि00:5301:47रात
गुरु01:4702:42रात
मंगल02:4203:36रात
सूर्य03:3604:31रात
शुक्र04:3105:25रात

अयनांश 24.2387° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।