23 अगस्त 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

सोमवार, 23 अगस्त 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 23 अगस्त 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (20:53 तक), नक्षत्र अश्विनी (12:11 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:36 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 07:13 से 08:50 तक है।

दिन और रात
दिन 05:36 – 18:31
रात 05:36 तक
तिथि
षष्ठी, 20:53 तक
सप्तमी
नक्षत्र
अश्विनी, 12:11 तक
भरणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:36 – 07:13शुभ
काल07:13 – 08:50टालें
शुभ08:50 – 10:26शुभ
रोग10:26 – 12:03टालें
उद्वेग12:03 – 13:40टालें
चर13:40 – 15:17सामान्य
लाभ15:17 – 16:54शुभ
अमृत16:54 – 18:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:31 – 19:54सामान्य
रोग19:54 – 21:17टालें
काल21:17 – 22:40टालें
लाभ22:40 – 00:03शुभ
उद्वेग00:03 – 01:27टालें
शुभ01:27 – 02:50शुभ
अमृत02:50 – 04:13शुभ
चर04:13 – 05:36सामान्य

23 अगस्त 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 20:53 तक
कृष्ण सप्तमी 20:25, 24 अग॰ तक
नक्षत्र
भरणी 12:37, 24 अग॰ तक
योग
वृद्धि 01:18, 24 अग॰ तक
ध्रुव 23:48, 24 अग॰ तक
करण
गर 08:54 तक
वणिज 20:53 तक
विष्टि (भद्रा) 08:43, 24 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:36
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
21:45
चंद्रास्त
10:45
दिनमान
12h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:07 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
07:13 – 08:50
यमगंड
10:26 – 12:03
गुलिक काल
13:40 – 15:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3606:40दिन
शनि06:4007:45दिन
गुरु07:4508:50दिन
मंगल08:5009:54दिन
सूर्य09:5410:59दिन
शुक्र10:5912:03दिन
बुध12:0313:08दिन
चंद्र13:0814:12दिन
शनि14:1215:17दिन
गुरु15:1716:21दिन
मंगल16:2117:26दिन
सूर्य17:2618:31दिन
शुक्र18:3119:26रात
बुध19:2620:22रात
चंद्र20:2221:17रात
शनि21:1722:13रात
गुरु22:1323:08रात
मंगल23:0800:03रात
सूर्य00:0300:59रात
शुक्र00:5901:54रात
बुध01:5402:50रात
चंद्र02:5003:45रात
शनि03:4504:41रात
गुरु04:4105:36रात

अयनांश 24.2432° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।