11 सितंबर 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

शनिवार, 11 सितंबर 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 11 सितंबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (19:36 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (02:58, 12 सित॰ तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 18:10 पर है। राहुकाल 08:51 से 10:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:44 – 18:10
रात 05:45 तक
तिथि
एकादशी, 19:36 तक
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 02:58 तक
श्रवण
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:44 – 07:18टालें
शुभ07:18 – 08:51शुभ
रोग08:51 – 10:24टालें
उद्वेग10:24 – 11:57टालें
चर11:57 – 13:31सामान्य
लाभ13:31 – 15:04शुभ
अमृत15:04 – 16:37शुभ
काल16:37 – 18:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:10 – 19:37शुभ
उद्वेग19:37 – 21:04टालें
शुभ21:04 – 22:31शुभ
अमृत22:31 – 23:58शुभ
चर23:58 – 01:24सामान्य
रोग01:24 – 02:51टालें
काल02:51 – 04:18टालें
लाभ04:18 – 05:45शुभ

11 सितंबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 19:36 तक
शुक्ल द्वादशी 22:13, 12 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 02:58, 12 सित॰ तक
श्रवण 06:05, 13 सित॰ तक
योग
शोभन 06:43, 12 सित॰ तक
करण
वणिज 06:17 तक
विष्टि (भद्रा) 19:36 तक
बव 08:55, 12 सित॰ तक
चंद्र राशि
धनु 06:37 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
15:30
चंद्रास्त
01:26
दिनमान
12h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
08:51 – 10:24
यमगंड
13:31 – 15:04
गुलिक काल
05:44 – 07:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4406:46दिन
गुरु06:4607:49दिन
मंगल07:4908:51दिन
सूर्य08:5109:53दिन
शुक्र09:5310:55दिन
बुध10:5511:57दिन
चंद्र11:5712:59दिन
शनि12:5914:02दिन
गुरु14:0215:04दिन
मंगल15:0416:06दिन
सूर्य16:0617:08दिन
शुक्र17:0818:10दिन
बुध18:1019:08रात
चंद्र19:0820:06रात
शनि20:0621:04रात
गुरु21:0422:02रात
मंगल22:0223:00रात
सूर्य23:0023:58रात
शुक्र23:5800:55रात
बुध00:5501:53रात
चंद्र01:5302:51रात
शनि02:5103:49रात
गुरु03:4904:47रात
मंगल04:4705:45रात

अयनांश 24.2439° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।