17 अक्टूबर 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 17 अक्टूबर 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 17 अक्टूबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (18:43 तक), नक्षत्र भरणी (00:03, 18 अक्टू॰ तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 17:31 पर है। राहुकाल 16:05 से 17:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 17:31
रात 06:02 तक
तिथि
द्वितीया, 18:43 तक
तृतीया
नक्षत्र
भरणी, 00:03 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:01 – 07:27टालें
चर07:27 – 08:53सामान्य
लाभ08:53 – 10:20शुभ
अमृत10:20 – 11:46शुभ
काल11:46 – 13:12टालें
शुभ13:12 – 14:38शुभ
रोग14:38 – 16:05टालें
उद्वेग16:05 – 17:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:31 – 19:05शुभ
अमृत19:05 – 20:39शुभ
चर20:39 – 22:12सामान्य
रोग22:12 – 23:46टालें
काल23:46 – 01:20टालें
लाभ01:20 – 02:54शुभ
उद्वेग02:54 – 04:28टालें
शुभ04:28 – 06:02शुभ

17 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 18:43 तक
कृष्ण तृतीया 17:52, 18 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
भरणी 00:03, 18 अक्टू॰ तक
कृत्तिका 23:48, 18 अक्टू॰ तक
योग
वज्रअशुभ 13:03 तक
सिद्धि 11:17, 18 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 07:01 तक
गर 18:43 तक
वणिज 06:20, 18 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मेष 06:01, 18 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
17:31
चंद्रोदय
18:27
चंद्रास्त
07:32
दिनमान
11h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:09

अशुभ समय

राहुकाल
16:05 – 17:31
यमगंड
11:46 – 13:12
गुलिक काल
14:38 – 16:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0106:58दिन
शुक्र06:5807:56दिन
बुध07:5608:53दिन
चंद्र08:5309:51दिन
शनि09:5110:48दिन
गुरु10:4811:46दिन
मंगल11:4612:43दिन
सूर्य12:4313:41दिन
शुक्र13:4114:38दिन
बुध14:3815:36दिन
चंद्र15:3616:33दिन
शनि16:3317:31दिन
गुरु17:3118:34रात
मंगल18:3419:36रात
सूर्य19:3620:39रात
शुक्र20:3921:41रात
बुध21:4122:44रात
चंद्र22:4423:46रात
शनि23:4600:49रात
गुरु00:4901:51रात
मंगल01:5102:54रात
सूर्य02:5403:56रात
शुक्र03:5604:59रात
बुध04:5906:02रात

अयनांश 24.2453° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।