21 नवंबर 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 21 नवंबर 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 21 नवंबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (17:20 तक), नक्षत्र मघा (21:52 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 17:08 पर है। राहुकाल 15:48 से 17:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 17:08
रात 06:25 तक
तिथि
अष्टमी, 17:20 तक
नवमी
नक्षत्र
मघा, 21:52 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:24 – 07:45टालें
चर07:45 – 09:05सामान्य
लाभ09:05 – 10:26शुभ
अमृत10:26 – 11:46शुभ
काल11:46 – 13:07टालें
शुभ13:07 – 14:27शुभ
रोग14:27 – 15:48टालें
उद्वेग15:48 – 17:08टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:08 – 18:48शुभ
अमृत18:48 – 20:28शुभ
चर20:28 – 22:07सामान्य
रोग22:07 – 23:47टालें
काल23:47 – 01:26टालें
लाभ01:26 – 03:06शुभ
उद्वेग03:06 – 04:45टालें
शुभ04:45 – 06:25शुभ

21 नवंबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 17:20 तक
कृष्ण नवमी 15:28, 22 नव॰ तक
नक्षत्र
मघा 21:52 तक
योग
इंद्र 19:25 तक
वैधृतिअशुभ 16:43, 22 नव॰ तक
करण
कौलव 17:20 तक
तैतिल 04:23, 22 नव॰ तक
गर 15:28, 22 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
17:08
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
12:30
दिनमान
10h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:38 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:08

अशुभ समय

राहुकाल
15:48 – 17:08
यमगंड
11:46 – 13:07
गुलिक काल
14:27 – 15:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2407:18दिन
शुक्र07:1808:12दिन
बुध08:1209:05दिन
चंद्र09:0509:59दिन
शनि09:5910:53दिन
गुरु10:5311:46दिन
मंगल11:4612:40दिन
सूर्य12:4013:34दिन
शुक्र13:3414:27दिन
बुध14:2715:21दिन
चंद्र15:2116:15दिन
शनि16:1517:08दिन
गुरु17:0818:15रात
मंगल18:1519:21रात
सूर्य19:2120:28रात
शुक्र20:2821:34रात
बुध21:3422:40रात
चंद्र22:4023:47रात
शनि23:4700:53रात
गुरु00:5301:59रात
मंगल01:5903:06रात
सूर्य03:0604:12रात
शुक्र04:1205:19रात
बुध05:1906:25रात

अयनांश 24.2466° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।